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अंकुर हत्याकांड: पुलिस ने सीमा पार छोड़ा, चंद घंटों में वापस लौटे जिलाबदर आरोपी; चौकी प्रभारी पर गिरी गाज

Wed, 02 Sep 2026 05:51 PM IST
अनुज कुमार विकास वत्स, अमर उजाला, बुलंदशहर
विकास वत्स, अमर उजाला, बुलंदशहर Published by: अनुज कुमार Updated Wed, 02 Sep 2026 05:51 PM IST
सार

बुलंदशहर में कानून की पढ़ाई कर रहे छात्र अंकुर चौधरी की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। घटना तहसील चौकी से मात्र 150 मीटर की दूरी पर हुई। हत्या करने वाले मुख्य आरोपी निशांत और भूपेंद्र को वारदात वाले दिन 20 अगस्त को ही जिला प्रशासन ने जिलाबदर घोषित किया था।

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Ankur Chaudhary murder case Externed in evening and returned at night and committed murder
बुलदंशहर में अंकुर चौधरी की हत्या - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

तहसील चौकी से मात्र 150 मीटर की दूरी पर अधिवक्ता पुत्र व विधि छात्र अंकुर चौधरी की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर की गई हत्या के मामले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। घटना के मुख्य आरोपी निशांत और भूपेंद्र को वारदात वाले दिन यानी 20 अगस्त को ही जिला प्रशासन ने जिलाबदर घोषित किया था। पुलिस ने कागजों में दोनों को जिले की सीमा से बाहर छोड़ देने का दावा किया था लेकिन प्रशासनिक आदेशों की धज्जियां उड़ाते हुए दोनों आरोपी चंद घंटों के भीतर शहर लौट आए और साथियों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दे डाला।

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सीसीटीवी फुटेज में अंकुर के सिर पर बेरहमी से लाठियां बरसाते दिखे बगराई निवासी निशांत और भूपेंद्र पर प्रशासन की इस लचर निगरानी ने खाकी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 20 अगस्त को घटना वाले दिन आरोपी निशांत और भूपेंद्र के पुराने मामले को लेकर जिला प्रशासन ने दिन में ही उन्हें जिलाबदर घोषित किया था।
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इसके बाद आदेश खुर्जा देहात थाने पहुंचाया और पुलिस ने दोनों नामजद आरोपियों को उनके घर पहुंच कर मुनादी कराई। फिर उन्हें जनपद की सीमा से बाहर अरनिया थाना के बॉर्डर पर अलीगढ़ जनपद की सीमा में छोड़ दिया था लेकिन, पुलिस ने यह कार्रवाई करने के बाद निगरानी करने की कोई जहमत नहीं उठाई। सीमा पर आरोपियों को छोड़ने के बाद पुलिस बेफिक्र हो गई और आरोपी कुछ घंटे बाद ही पुलिस को चकमा देकर वापस खुर्जा लौट आए। यहां आरोपियों ने हमले की वारदात को अंजाम दे डाला।
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29 अगस्त को हायर मेडिकल सेंटर में अंकुर ने दम तोड़ दिया। इसके बाद पुलिस ने मुकदमे को हत्या की धाराओं में तरमीम किया। प्रकरण में नामजद सात आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। कार्रवाई करते हुए पुलिस 24 अगस्त को लाखन और 30 अगस्त की रात चेतन को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि जिलाबदर रहे निशांत और भूपेंद्र को 25 अगस्त को सलाखों के पीछे भेजा गया। जिले की सीमा से बाहर किए जाने के तुरंत बाद शहर में बेखौफ घूमकर हत्या जैसा जघन्य अपराध करने की यह घटना अब पूरे क्षेत्र में चर्चा और आक्रोश का विषय बनी हुई है।

करीब 100 बार लाठी और ईंट से किया गया प्रहार 
घटनास्थल के पास ही लगे एक सीसीटीवी कैमरे में यह पूरी घटना कैद हो गई। संबंधित वीडियो और आसपास मौजूद कुछ प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि आरोपी निशांत और भूपेंद्र ने वीभत्स तरीके से अंकुर को पीटा था। कुछ लोगों ने अंकुर के हाथ-पैर पकड़े हुए थे। पहले आरोपियों ने ताबड़तोड़ तरीके से उसके पैर, कमर पर डंडे से वार किए। इसके बाद सिर पर कई बार डंडे और ईंट से वार किए गए। करीब 100 से अधिक बार अंकुर पर लाठी और ईंटों से वार किए गए। 

सिर में मिले 20 से 22 फ्रैक्चर
अंकुर चौधरी पर हुआ हमला कितना क्रूर और वीभत्स था, इसकी तस्दीक पोस्टमार्टम रिपोर्ट कर रही है। आरोपियों ने अंकुर के सिर को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ लाठियां बरसाई थीं, जिससे उसके सिर की हड्डियों में 20 से 22 जगहों पर गंभीर फ्रैक्चर आए थे। इसके अलावा शरीर के अन्य अंगों पर भी गहरी चोटों के निशान पाए गए।

सफेदपोशों की शरण में आरोपी प्रधान प्रशांत
मामले में नामजद व अन्य सात आरोपियों पर जहां पुलिस ने 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया था, वहीं बगराई गांव के प्रधान प्रशांत उर्फ पीसी पर अब तक कोई शिकंजा नहीं कस सका है। चर्चा है कि रसूखदार सफेदपोश नेताओं का संरक्षण प्राप्त होने के कारण प्रशांत पर न तो इनाम की घोषणा हुई और न ही उसकी गिरफ्तारी हो पाई है। 
 

स्थानीय लोगों में पनपे भारी आक्रोश को
देखते हुए पुलिस-प्रशासन अब आरोपियों पर बड़ी नजीर पेश करने की तैयारी में है। सलाखों के पीछे पहुंचे आरोपियों के अलावा फरार चल रहे नामजदों की संपत्तियों की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, राजस्व विभाग के सहयोग से आरोपियों के अवैध निर्माण और अवैध संपत्तियों का ब्योरा जुटाया जा रहा है। जल्द ही आरोपियों के ठिकानों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई अमल में लाई जा सकती है। 

जिलाबदर आरोपियों के वापस आकर वारदात करने के मामले में जांच की जा रही है। प्रथम दृष्टया जांच में चौकी प्रभारी की लापरवाही सामने आने पर उन्हें लाइन हाजिर कर दिया गया है। जांच जारी है, जिस किसी की भी इस मामले में लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।-अंतरिक्ष जैन, एसपी देहात

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