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Bulandshahar News: बूंदाबांदी से पांच डिग्री गिरा पारा, बढ़ी ठंड
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बुलंदशहर। जिले में शुक्रवार सुबह से दोपहर तक रुक-रुककर हुई बूंदाबांदी से मौसम का मिजाज बदल गया। बारिश के चलते जनजीवन प्रभावित रहा। दोपहर बाद बादल छंटने लगे और धूप निकल आई। हालांकि, बूंदाबांदी के कारण अधिकतम तापमान में पांच डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। इससे लोगों को ठंड का अहसास होने लगा। मौसम में आए बदलाव का असर शहर से लेकर देहात तक दिखाई दिया। सड़कों और बाजारों में भी लोगों को परेशानी उठानी पड़ी।
शुक्रवार को पीईटी देने पहुंचे अभ्यर्थियों को भी बूंदाबांदी के बीच केंद्रों तक पहुंचने में दिक्कत हुई। वहीं, मौसम बदलने से किसानों की चिंता बढ़ गई। इन दिनों जिले में धान की फसल की कटाई और निकासी का काम चल रहा है। इसके साथ ही आलू की बोआई जारी है, जबकि किसान गेहूं की बोआई के लिए खेत तैयार करने में जुटे हैं। ऐसे में बारिश होने से खेती-किसानी के काम प्रभावित होने की आशंका है। किसान मुनेश कुमार और बबलू ने बताया कि अब बारिश होने पर धान की फसल को नुकसान हो सकता है। वहीं, आलू और गेहूं की बोआई भी प्रभावित होगी। जिन खेतों में आलू की बोआई हो चुकी है, वहां अधिक नमी के कारण बीज खराब होने का खतरा है।
मौसम में बदलाव के चलते शुक्रवार को अधिकतम तापमान गिरकर 23 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान 18 डिग्री दर्ज किया गया। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 28 और न्यूनतम 20 डिग्री सेल्सियस था। शुक्रवार को हवा में नमी 90 फीसदी और हवा की गति करीब 10 किलोमीटर प्रति घंटे रही। कृषि विज्ञान केंद्र की मौसम वैज्ञानिक डॉ. रेशु सिंह ने बताया कि अब जिले में बारिश की संभावना कम है। आसमान में आंशिक बादल छाए रह सकते हैं लेकिन बारिश के आसार नहीं हैं। बूंदाबांदी के कारण तापमान में गिरावट आई है। इससे आने वाले दिनों में ठंड का अहसास बढ़ेगा। शनिवार को अधिकतम तापमान 28 और न्यूनतम 19 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
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शुक्रवार को पीईटी देने पहुंचे अभ्यर्थियों को भी बूंदाबांदी के बीच केंद्रों तक पहुंचने में दिक्कत हुई। वहीं, मौसम बदलने से किसानों की चिंता बढ़ गई। इन दिनों जिले में धान की फसल की कटाई और निकासी का काम चल रहा है। इसके साथ ही आलू की बोआई जारी है, जबकि किसान गेहूं की बोआई के लिए खेत तैयार करने में जुटे हैं। ऐसे में बारिश होने से खेती-किसानी के काम प्रभावित होने की आशंका है। किसान मुनेश कुमार और बबलू ने बताया कि अब बारिश होने पर धान की फसल को नुकसान हो सकता है। वहीं, आलू और गेहूं की बोआई भी प्रभावित होगी। जिन खेतों में आलू की बोआई हो चुकी है, वहां अधिक नमी के कारण बीज खराब होने का खतरा है।
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मौसम में बदलाव के चलते शुक्रवार को अधिकतम तापमान गिरकर 23 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान 18 डिग्री दर्ज किया गया। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 28 और न्यूनतम 20 डिग्री सेल्सियस था। शुक्रवार को हवा में नमी 90 फीसदी और हवा की गति करीब 10 किलोमीटर प्रति घंटे रही। कृषि विज्ञान केंद्र की मौसम वैज्ञानिक डॉ. रेशु सिंह ने बताया कि अब जिले में बारिश की संभावना कम है। आसमान में आंशिक बादल छाए रह सकते हैं लेकिन बारिश के आसार नहीं हैं। बूंदाबांदी के कारण तापमान में गिरावट आई है। इससे आने वाले दिनों में ठंड का अहसास बढ़ेगा। शनिवार को अधिकतम तापमान 28 और न्यूनतम 19 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
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