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यूपी: एक कमरे में चल रहा था साइबर ठगी का कॉल सेंटर, जापान के बुजुर्गों को बना रहे थे निशाना; पांच गिरफ्तार

Thu, 01 Oct 2026 09:47 AM IST
वाराणसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, चंदौली।
अमर उजाला नेटवर्क, चंदौली। Published by: वाराणसी ब्यूरो Updated Thu, 01 Oct 2026 09:47 AM IST
सार

चंदौली पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि आठ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। साइबर ठगी का कॉल सेंटर एक कमरे में चल रहा था। जहां आरोपी जापान के बुजुर्गों को निशाना बना रहे थे। 

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cyber fraud call center operating from room at chandauli they targeting elderly people in Japan
पुलिस के गिरफ्त में साइबर ठगी के आरोपी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जापान के बुजुर्गों को साइबर ठगी का शिकार बनाने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह का चंदौली पुलिस ने पर्दाफाश किया है। स्वाट, सर्विलांस, साइबर सेल और मुगलसराय पुलिस की संयुक्त टीम ने पीडीडीयू नगर के कैलाशपुरी स्थित एक इमारत में चल रहे फर्जी साइबर कॉल सेंटर का भंडाफोड़ करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। संचालक समेत तीन आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस ने एक आरोपी के दो बैंक खातों में जमा करीब नौ लाख रुपये फ्रीज कराए हैं।

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पुलिस की प्रारंभिक जांच पता चला है कि ठगी की रकम चीन के खातों में जाती थी और हवाला के जरिये भारत आती थी। पुलिस अन्य एजेंसियों की मदद से आरोपियों संपत्तियों और विभिन्न खातों में जमा धनराशि की जांच कर रही है। एडिशनल एसपी विक्रम दहिया ने पुलिस लाइन में आयोजित प्रेसवार्ता में बताया कि पीडीडीयू नगर के कैलाशपुरी में एक इमारत की तीसरी मंजिल पर संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली थी। टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की तो कई कंप्यूटरों पर विदेशियों से लाइव कॉल चल रही थी।

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पूछताछ और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच में जापान के नागरिकों को तकनीकी सहायता के नाम पर झांसे में लेने की बात सामने आई। उन्होंने बताया कि पकड़े गए आरोपी खुद को तकनीकी सहायता देने वाला कर्मचारी बताकर जापानी नागरिकों से संपर्क करते थे। इसके बाद उनके कंप्यूटर का रिमोट एक्सेस लेने के बहाने बैंकिंग संबंधी जानकारी हासिल कर रकम दूसरे खातों में स्थानांतरित कराई जाती थी। गिरोह में शामिल आरोपी जापानी भाषा जानते थे और इंटरनेट आधारित कॉलिंग का इस्तेमाल करते थे।
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पुलिस के अनुसार ठगी की रकम म्यूल खातों में भेजी जाती थी। बताया कि छापे में 19 मॉनिटर, 20 सीपीयू, 19 की-बोर्ड, 18 माउस, 18 हेडफोन, तीन लैपटॉप, छह मोबाइल फोन, चार राउटर/नेटवर्किंग उपकरण और पांच कूटरचित आधार कार्ड बरामद हुए हैं।
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आधार कार्ड वाराणसी के पते पर बनाए गए थे। एडिशनल एसपी ने बताया कि गिरोह का मुख्य संचालक मौके से कुछ समय पहले निकल गया था। उसकी तलाश की जा रही है। मामले में मुगलसराय थाने में आठ लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कर की गई है। पुलिस बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच करा रही है। इससे ठगी की रकम, पीड़ितों की संख्या और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
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