फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chandauli News ›   Demand to set the paddy procurement limit at 80 quintals per hectare

Chandauli News: धान खरीद की सीमा 80 क्विंटल प्रति हेक्टेयर करने की मांग

Fri, 30 Oct 2026 01:38 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 30 Oct 2026 01:38 AM IST
विज्ञापन
Demand to set the paddy procurement limit at 80 quintals per hectare
पीडीडीयू नगर। धान का कटोरा कहे जाने वाले चंदौली जिले में सरकारी क्रय केंद्रों पर धान खरीद की सीमा बढ़ाने की मांग उठी है। सैयदराजा के भाजपा विधायक सुशील सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर खरीद की सीमा 56 क्विंटल से बढ़ाकर 80 क्विंटल प्रति हेक्टेयर करने का अनुरोध किया है।
विज्ञापन

विधायक ने कहा कि जिले में धान का उत्पादन अधिक होने के कारण निर्धारित सीमा के बाद किसानों की काफी उपज बच जाती है। ऐसे में उन्हें शेष धान बिचौलियों को कम दाम पर बेचने के लिए मजबूर होना पड़ता है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
विज्ञापन

मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में विधायक ने बताया कि जिले के करीब 90 प्रतिशत लोगों की आजीविका कृषि पर निर्भर है। धान यहां की प्रमुख फसल है और किसानों की आय का महत्वपूर्ण स्रोत है। वर्ष 2025-26 में प्रति हेक्टेयर 56 क्विंटल धान खरीद की सीमा निर्धारित थी, जबकि जिले में उत्पादकता 75 से 80 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक बताई गई है। इस कारण प्रति हेक्टेयर 19 से 24 क्विंटल धान सरकारी खरीद से बाहर रह जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

विधायक के अनुसार, पिछले वर्ष मुख्यमंत्री के अनुरोध पर खरीद की सीमा बढ़ाकर 65 क्विंटल प्रति हेक्टेयर की गई थी। इसके बावजूद किसानों का धान बच गया। उन्होंने किसानों को राहत देने के लिए सीमा 80 क्विंटल प्रति हेक्टेयर करने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed