सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chandauli News ›   Gang busted for evading GST worth crores using fake e-way bills.

Chandauli News: फर्जी ई-वे बिल से 4.08 करोड़ की जीएसटी चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, तीन गिरफ्तार

Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 22 Jun 2026 01:20 AM IST
विज्ञापन
Gang busted for evading GST worth crores using fake e-way bills.
सिधारी पुलिस की ओर से फर्जीवाड़े में पकड़े गए तीन आरोपी। श्रोत-पुलिस
विज्ञापन
सिधारी थाने की पुलिस ने फर्जी फर्मों के जरिये जीएसटी बिल और ई-वे बिल तैयार कर 4.08 करोड़ रुपये की राजस्व चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में आरोपी आनंद गुप्ता, विनय गुप्ता और मो. कैफ काे गिरफ्तार किया है। गिरोह के सदस्य कूटरचित दस्तावेजों से बोगस फर्मों का पंजीकरण कराकर कारोबारियों को अवैध रुप से इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ दिलाते थे।

सीओ सिटी शुभम तोदी ने बताया कि यह मामला वर्ष 2025 में दर्ज हुआ था। विवेचना के दौरान जीएसटी चोरी गिरोह का खुलासा हुआ। आरोपी आधार कार्ड, पैन कार्ड और ओटीपी हासिल कर फर्जी रेंट एग्रीमेंट तैयार करते थे। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर बोगस फर्मों का पंजीकरण कराते थे। फर्जी खरीद-बिक्री दिखाकर जीएसटी बिल और ई-वे बिल तैयार करते थे। जिससे वास्तविक फर्मों को अवैध आईटीसी का लाभ मिलता था। आरोपी आनंद गुप्ता बाराबंकी के रामसनेही घाट थाना क्षेत्र के जयचंदपुर गांव, विनय गुप्ता असंदरा थाना क्षेत्र के देवीगंज चौराहा गांव और मो. कैफ मुरादाबाद के भोजपुर थाना क्षेत्र के अटरिया गांव का निवासी है। पूछताछ में आरोपी आनंद गुप्ता ने बताया कि उसके नाम पर फर्म पंजीकृत कराई गई थी, जिसके बदले उसे पांच हजार रुपये दिए गए थे। वहीं विनय गुप्ता विभिन्न लोगों के आधार कार्ड, पैन कार्ड और ओटीपी उपलब्ध कराता था। इसके बदले उसे प्रति व्यक्ति करीब आठ हजार रुपये मिलते थे। यही दस्तावेज फर्जी फर्मों के पंजीकरण में इस्तेमाल किए जाते थे। आरोपी मोहम्मद कैफ ने बताया कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी फर्मों का पंजीकरण, फर्जी जीएसटी बिल और ई-वे बिल तैयार करने का काम करता था। फर्जी खरीद-बिक्री दिखाकर वास्तविक फर्मों को इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ दिलाता था।
विज्ञापन
विज्ञापन

ये है आईटीसी
जीएसटी में (वस्तु एवं सेवा कर) में आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) एक सुविधा है। इसके जिसके तहत व्यापारी अपने व्यवसाय के लिए कच्चा माल या सेवाएं खरीदते समय चुकाए गए कर को अपनी अंतिम बिक्री पर लगने वाले कर से घटा सकते हैं। आईटीसी एक व्यवसायी को करों के बोझ से बचाने और मुनाफ़ा बढ़ाने में मदद करता है।
विज्ञापन

ये है आईटीसी का गणित
मान लीजिए आपने अपने बिज़नेस के लिए कोई कच्चा माल खरीदा और उस पर 200 रुपये का जीएसटी चुकाया। बाद में आपने उस सामान को तैयार करके बेचा और उस पर ग्राहकों से 500 रुपये का जीएसटी वसूला। अब व्यवसायी आईटीसी का का लाभ उठाते हुए पहले से चुकाए गए 200 रुपये को घटा सकते हैं। उन्हें सरकार को सिर्फ 300 रुपये कर देने होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed