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Deoria News: शाम ढलते ही थम जाते बसों के पहिए, ऑटो चालक वसूल रहे मनमाना किराया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Tue, 23 Jun 2026 12:07 AM IST
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देवरिया। देवरिया-हाटा मार्ग पर शाम ढलते ही रोडवेज बसों के पहिए थम जाते हैं। ऐसे में इस मार्ग से यात्रा करने वाले यात्रियों के सामने आवागमन का संकट खड़ा हो जाता है। इसका फायदा ऑटो चालक उठाते हैं और मनमाना किराया वसूलते हैं। लोगों की शिकायत पर भी जिम्मेदार सुध नहीं ले रहे हैं।
देवरिया और कुशीनगर जनपद के बीच प्रतिदिन नौकरीपेशा, छात्र, व्यापारी और ग्रामीणों का आवागमन होता है। शाम के समय बसों के अभाव में यात्रियों को निजी वाहनों और ऑटो पर निर्भर रहना पड़ता है। शाम होते ही बस स्टैंड और प्रमुख चौराहों पर यात्रियों की भीड़ जुटने लगती है। बस नहीं मिलने पर लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। कई बार यात्री पुल और सड़क किनारे खड़े होकर आने-जाने वाले निजी वाहनों को रोकने का प्रयास करते हैं। लोगों को मजबूरी में सड़क पर खड़े रहकर वाहन तलाशना पड़ता है।
देवरिया से होकर हाटा, कसया और कुशीनगर को जाने के लिए शाम से रोडवेज बस नहीं मिलती है। बसों की कमी का सबसे अधिक फायदा ऑटो चालक उठाते हैं। रात होने के बाद यात्रियों की मजबूरी देखकर चालक मनमाना किराया वसूलते हैं। सामान्य दिनों में जहां एक यात्री से तय किराया लिया जाता है, वहीं देर शाम और रात के समय दोगुना तक किराया मांगा जाता है। विरोध पर यात्रियों को वाहन से उतार दिया जाता है। लोगों ने देवरिया-हाटा मार्ग पर शाम और रात को बसें चलाने की मांग की है। लोगों ने परिवहन निगम से इस दिशा में प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
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क्या कहते हैं यात्री
शाम छह बजे के बाद बसें नहीं मिलती हैं। मजबूरी में ऑटो या अन्य निजी वाहनों से सफर करना पड़ता है, जहां मनमाना किराया वसूला जाता है। नियमित बस सेवा होने से आम लोगों को राहत मिलेगी।
रिजवान अंसारी, पुरवां
.......
कई बार जरूरी कार्य निपटाने के बाद लोगों को घर लौटने में काफी परेशानी होती है। महिलाओं, बुजुर्गों और छात्रों को सबसे अधिक दिक्कत का सामना करना पड़ता है। पर्याप्त बस सेवा नहीं होने के कारण लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
संदीप सिंह, रामगुलाम टोला
...
कोट
देवरिया-हाटा मार्ग पर यात्रियों की सुविधा के लिए दो बसों का संचालन होता है, मगर सवारियां नहीं मिल पाती हैं। शाम पांच बजे तक हाटा के लिए बस मिलती है। यदि किसी समयावधि में बसों की कमी या संचालन संबंधी शिकायत मिलती है तो उसकी जांच कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। यात्रियों की संख्या और मांग के अनुसार शाम के समय अतिरिक्त बसों के संचालन की संभावना पर भी विचार किया जाएगा।
- कपिलदेव प्रसाद, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक, रोडवेज
देवरिया और कुशीनगर जनपद के बीच प्रतिदिन नौकरीपेशा, छात्र, व्यापारी और ग्रामीणों का आवागमन होता है। शाम के समय बसों के अभाव में यात्रियों को निजी वाहनों और ऑटो पर निर्भर रहना पड़ता है। शाम होते ही बस स्टैंड और प्रमुख चौराहों पर यात्रियों की भीड़ जुटने लगती है। बस नहीं मिलने पर लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। कई बार यात्री पुल और सड़क किनारे खड़े होकर आने-जाने वाले निजी वाहनों को रोकने का प्रयास करते हैं। लोगों को मजबूरी में सड़क पर खड़े रहकर वाहन तलाशना पड़ता है।
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देवरिया से होकर हाटा, कसया और कुशीनगर को जाने के लिए शाम से रोडवेज बस नहीं मिलती है। बसों की कमी का सबसे अधिक फायदा ऑटो चालक उठाते हैं। रात होने के बाद यात्रियों की मजबूरी देखकर चालक मनमाना किराया वसूलते हैं। सामान्य दिनों में जहां एक यात्री से तय किराया लिया जाता है, वहीं देर शाम और रात के समय दोगुना तक किराया मांगा जाता है। विरोध पर यात्रियों को वाहन से उतार दिया जाता है। लोगों ने देवरिया-हाटा मार्ग पर शाम और रात को बसें चलाने की मांग की है। लोगों ने परिवहन निगम से इस दिशा में प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
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क्या कहते हैं यात्री
शाम छह बजे के बाद बसें नहीं मिलती हैं। मजबूरी में ऑटो या अन्य निजी वाहनों से सफर करना पड़ता है, जहां मनमाना किराया वसूला जाता है। नियमित बस सेवा होने से आम लोगों को राहत मिलेगी।
रिजवान अंसारी, पुरवां
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कई बार जरूरी कार्य निपटाने के बाद लोगों को घर लौटने में काफी परेशानी होती है। महिलाओं, बुजुर्गों और छात्रों को सबसे अधिक दिक्कत का सामना करना पड़ता है। पर्याप्त बस सेवा नहीं होने के कारण लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
संदीप सिंह, रामगुलाम टोला
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कोट
देवरिया-हाटा मार्ग पर यात्रियों की सुविधा के लिए दो बसों का संचालन होता है, मगर सवारियां नहीं मिल पाती हैं। शाम पांच बजे तक हाटा के लिए बस मिलती है। यदि किसी समयावधि में बसों की कमी या संचालन संबंधी शिकायत मिलती है तो उसकी जांच कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। यात्रियों की संख्या और मांग के अनुसार शाम के समय अतिरिक्त बसों के संचालन की संभावना पर भी विचार किया जाएगा।
- कपिलदेव प्रसाद, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक, रोडवेज