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Deoria News: राम-भरत मिलाप में छलका भाइयों का अटूट प्रेम
Mon, 19 Oct 2026 12:41 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Mon, 19 Oct 2026 12:41 AM IST
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बरहज में रामलीला का मंचन करते कलाकार।
बरहज। थाना रोड स्थित पुलिस चौकी के पास रामलीला मैदान में शनिवार को को राम-भरत मिलाप की लीला का भावपूर्ण मंचन किया गया। बड़े भाई प्रभु श्रीराम के प्रति भरत का प्रेम, त्याग और समर्पण देख दर्शक भावुक हो उठे। कलाकारों ने सजीव अभिनय के जरिये भाइयों के अटूट प्रेम और मर्यादा का संदेश दिया।
अयोध्या की हनुमान आदर्श रामलीला समिति की ओर से आयोजित रामलीला में सर्वप्रथम प्रभु श्रीराम की आकर्षक झांकी की आरती उतारी गई।
इसके बाद भरत, गुरु वशिष्ठ, माता कौशल्या, कैकेयी, सुमित्रा, राजा जनक और अयोध्यावासियों के साथ वन की ओर प्रस्थान करते हैं। भरत को वन में आता देख लक्ष्मण विचलित हो जाते हैं और उनके आने के उद्देश्य पर संदेह जताते हैं। प्रभु श्रीराम उन्हें शांत कराते हुए समझाते हैं।
वन में पहुंचकर भरत बड़े भाई श्रीराम के चरणों में गिर पड़ते हैं। वह उनसे अयोध्या लौटने की विनती करते हुए क्षमा-याचना करते हैं। हालांकि, पिता के वचन का पालन करने के लिए प्रभु श्रीराम वनवास पूरा करने के अपने संकल्प पर अडिग रहते हैं।
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वह भरत को अपनी खड़ाऊं सौंपकर अयोध्या की जिम्मेदारी संभालने का निर्देश देते हैं और वनवास पूरा होने के बाद लौटने का आश्वासन देते हैं। राम-भरत मिलाप के इस दृश्य का मंचन देख रामलीला मैदान में मौजूद दर्शक भावविभोर हो उठे।
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अयोध्या की हनुमान आदर्श रामलीला समिति की ओर से आयोजित रामलीला में सर्वप्रथम प्रभु श्रीराम की आकर्षक झांकी की आरती उतारी गई।
इसके बाद भरत, गुरु वशिष्ठ, माता कौशल्या, कैकेयी, सुमित्रा, राजा जनक और अयोध्यावासियों के साथ वन की ओर प्रस्थान करते हैं। भरत को वन में आता देख लक्ष्मण विचलित हो जाते हैं और उनके आने के उद्देश्य पर संदेह जताते हैं। प्रभु श्रीराम उन्हें शांत कराते हुए समझाते हैं।
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वन में पहुंचकर भरत बड़े भाई श्रीराम के चरणों में गिर पड़ते हैं। वह उनसे अयोध्या लौटने की विनती करते हुए क्षमा-याचना करते हैं। हालांकि, पिता के वचन का पालन करने के लिए प्रभु श्रीराम वनवास पूरा करने के अपने संकल्प पर अडिग रहते हैं।
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वह भरत को अपनी खड़ाऊं सौंपकर अयोध्या की जिम्मेदारी संभालने का निर्देश देते हैं और वनवास पूरा होने के बाद लौटने का आश्वासन देते हैं। राम-भरत मिलाप के इस दृश्य का मंचन देख रामलीला मैदान में मौजूद दर्शक भावविभोर हो उठे।