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Farrukhabad News: बारी आए बिना पर्चा बनवा रही महिला को हटाने पर विवाद
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फर्रुखाबाद। लोहिया अस्पताल में मंगलवार को मरीजों की खासी भीड़ रही। पंजीकरण, पर्चा काउंटर से लेकर ब्लड नमूना काउंटर तक धक्का मुक्की होती रही। बिना बारी आए पर्चा बनवाने पहुंची महिला को गार्ड ने हटाने का प्रयास किया तो वह विवाद पर उतर आई।
मंगलवार को ओपीडी में 973 मरीज पहुंचे। कुछ महिलाएं आगे आकर पर्चा बनवाने का प्रयास करने लगीं। इसी दौरान लाइन में लगी महिलाओं ने शोरगुल शुरू कर दिया। वहां तैनात गार्ड मौके पर पहुंचे। उन्होंने आगे लगी महिला को हटाने का प्रयास किया, तो वह विवाद पर उतर आई। गार्ड ने बताया कि महिलाओं को हटाने में जबरदस्ती नहीं कर सकते। यदि महिला गार्ड हों तो लाइन में रोजाना आने वाली दिक्कतों से निजात मिल जाए।
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पीडियाट्रिक यूनिट में घुसे बंदर, भागकर बचाई जान
लोहिया अस्पताल में सालभर से बंद पीडियाट्रिक यूनिट को सोमवार को चालू किया गया। दोपहर के समय स्टाफ ड्यूटी कर रहा था। उसी समय कई बंदर अंदर घुस आए। स्टाफ ने भागकर अपनी जान बचाई। भर्ती दो बच्चों के तीमारदारों ने चीख पुकार मचाकर बंदरों को बाहर निकाला। स्टाफ का कहना है कि यूनिट का गेट भी बंद नहीं कर सकते। यहां एक गार्ड की तैनाती होनी चाहिए।
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मंगलवार को ओपीडी में 973 मरीज पहुंचे। कुछ महिलाएं आगे आकर पर्चा बनवाने का प्रयास करने लगीं। इसी दौरान लाइन में लगी महिलाओं ने शोरगुल शुरू कर दिया। वहां तैनात गार्ड मौके पर पहुंचे। उन्होंने आगे लगी महिला को हटाने का प्रयास किया, तो वह विवाद पर उतर आई। गार्ड ने बताया कि महिलाओं को हटाने में जबरदस्ती नहीं कर सकते। यदि महिला गार्ड हों तो लाइन में रोजाना आने वाली दिक्कतों से निजात मिल जाए।
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पीडियाट्रिक यूनिट में घुसे बंदर, भागकर बचाई जान
लोहिया अस्पताल में सालभर से बंद पीडियाट्रिक यूनिट को सोमवार को चालू किया गया। दोपहर के समय स्टाफ ड्यूटी कर रहा था। उसी समय कई बंदर अंदर घुस आए। स्टाफ ने भागकर अपनी जान बचाई। भर्ती दो बच्चों के तीमारदारों ने चीख पुकार मचाकर बंदरों को बाहर निकाला। स्टाफ का कहना है कि यूनिट का गेट भी बंद नहीं कर सकते। यहां एक गार्ड की तैनाती होनी चाहिए।
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