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Fatehpur News: मां-बेटी की हत्या में दुबई से प्रेमी ने दी थी सुपारी
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फोटो-40-मलवां थाने में खड़े आरोपी। स्रोत पुलिस
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फतेहपुर। मलवां थाना क्षेत्र के बाजापुर नाले के पास 20 अक्तूबर 2024 को महिला और डेढ़ वर्षीय बच्ची की हत्या कर शव फेंकने वाले दो आरोपियों को एसआईटी ने बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया है। प्रेमी सोनेलाल ने दुबई से मां-बेटी की हत्या की सुपारी दी थी। घटना में शामिल दो दोषियों को चचेरी बहन की हत्या में फांसी की सजा सुनाई जा चुकी है। वह हाथरस जेल में हैं।
बिंदकी कैंची मोड़ मार्ग पर बाजापुर गांव से 21 अक्तूबर की सुबह 30 वर्षीय महिला और बच्ची का शव मिला था। दोनों की गला रेतकर हत्या की गई थी। पुलिस ने चौकीदार किशुनपाल की तहरीर पर हत्या की प्राथमिकी दर्ज की थी। एसपी अनूप सिंह ने एसआईटी गठित की थी।
विवेचना सीओ सिटी गौरव शर्मा कर रहे थे। एसआईटी ने शव के फोटो और पोस्टर को सोशल मीडिया पर वायरल किया गया था। पोस्टर में फोटो देखकर कानपुर नरवल थाने के टीकरभाऊ निवासी रामबहादुर 13 जनवरी को थाने पहुंचे। उन्होंने महिला और बच्ची की फोटो देखकर बहू दुर्गा देवी और पौत्री अनन्या के रूप में पहचान की।
पुलिस की पूछताछ में रामबहादुर ने बताया कि जहानाबाद थाने के कापिल किशुनपुर निवासी सोनेलाल से पुत्री की बातचीत होती थी। उसने पुत्री की हत्या में सोनेलाल ने उसकी मां रामरती, सोनेलाल के बहनोई मनोज कुमार निवासी बसंतीखेड़ा कोतवाली बिंदकी पर संदेह जताया।
पुलिस ने रामरती और मनोज कुमार से पूछताछ चालू की। रामरती ने कबूला कि दुर्गा उसके पुत्र सोनेलाल से शादी करना चाहती थी। इसे लेकर दुर्गा ने महिला थाने में 2024 की शुरूआत में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बेटे सोनेलाल ने समझौता कर मुकदमा खत्म कराया था।
कुछ दिन बाद ही दुर्गा को उसकी पुत्री समेत घर से निकला दिया था। इसके बाद बेटा सोनेलाल दुबई कमाने चला गया था। वह फिर परेशान करने लगी। रामरती ने मनोज कुमार के फोन से सोनेलाल को बताया। तीनों ने मिलकर दुर्गा को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
सोनेलाल ने अपने बहनोई मनोज कुमार के सहयोग से कापिल गांव के ही विकास, लल्लू पाल को ही दुर्गा की हत्या की सुपारी दी। दुबई से सोनेलाल अपने बहनोई मनोज को रुपये भेजकर मां रामरती को पहुंचाता था। रामरती सुपारी के रुपये विकास और लल्लू पाल को देती थी।
इसी दौरान मनोज ने लल्लू को दुर्गा का मोबाइल नंबर दिया। बोला कि वह दुर्गा को अपने जाल में फंसाए है। लल्लू ने सोनेलाल का खुद को दोस्त बताकर दुर्गा से पहचान बढ़ाई। उसका वीजा और पासपोर्ट बनवाकर सोनेलाल के पास पहुंचाने का झांसा दिया।
दुर्गा देवी ने 13 अक्तूबर 2024 को महिला थाने में आईजीआरएस प्रार्थना पत्र दिया और पति के दुबई में होने पर उसे घर में रखने की मांग की। महिला थाने में सोनेलाल की मां रामरती को बुलाया गया। रामरती अपने साथ अपने दामाद मनोज को लेकर गई। महिला थाने जाने से पहले रामरती व मनोज कुमार ने 19 अक्तूबर को विकास और लल्लू पाल को दुर्गा के महिला थाने आने की बात बताई।
दुर्गा महिला थाने पहुंची। यहां दोनों पक्ष के बीच समझौता हो गया। करीब दोपहर के तीन बजे सभी लोग महिला थाने से निकले। लल्लू पाल ने दुर्गा से बातचीत की। उसे कुंवरपुर मेला घुमाने के बहाने की बात कही। अपने साथी विकास संग वैन में शहर के पटेल नगर के पास दुर्गा को बच्ची को मेला ले गया।
उसका रास्ते में मोबाइल ले लिया। दोनों ने रात को दुर्गा व उसकी बच्ची की चाकू से हत्या कर शव बाजापुर नाले में फेंक दिया। घटना में प्रयुक्त चाकू को भी छिपा दिया। पुलिस को सीडीआर की जांच में आपस में कई बार बातचीत होना पाया। आरोपियों की मौके पर लोकेशन मिली। खाते में रुपये लेनदेन भी सामने आया।
पुलिस ने रामरती और मनोज को कोर्ट के आदेश पर जेल भेजा है। सोनेलाल फिलहाल दुबई में है। लल्लू पाल और विकास कुमार हाथरस में जेल में हैं। हाथरस के आशीर्वाद धाम कॉलोनी में जनवरी 2025 में विकास ने अपने साथी लल्लू पाल के साथ मिलकर अपनी नाबालिग चचेरी बहनों व चाची चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी थी। हाथरस कोर्ट ने मई 2025 में मृत्युदंड की सजा सुनाई थी। सीओ सिटी गौरव शर्मा ने बताया कि आरोपियों को मलवां से गिरफ्तार किया गया। आरोपियों को कोर्ट के आदेश पर जेल भेजा गया है।
महिला की हत्या के बाद पकड़े जाते तो न होता हाथरस कांड
आरोपियों ने 19 अक्तूबर 2024 को महिला और बच्ची की हत्या की थी। हत्याकांड के बाद जनवरी 2025 में विकास ने अपने चाचा के घर संपत्ति के लिए बहनों व चाची की हत्या कर दी थी। जिला पुलिस समय से हत्याकांड का खुलासा कर देती तो शायद हाथरस कांड नहीं होता।
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बिंदकी कैंची मोड़ मार्ग पर बाजापुर गांव से 21 अक्तूबर की सुबह 30 वर्षीय महिला और बच्ची का शव मिला था। दोनों की गला रेतकर हत्या की गई थी। पुलिस ने चौकीदार किशुनपाल की तहरीर पर हत्या की प्राथमिकी दर्ज की थी। एसपी अनूप सिंह ने एसआईटी गठित की थी।
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विवेचना सीओ सिटी गौरव शर्मा कर रहे थे। एसआईटी ने शव के फोटो और पोस्टर को सोशल मीडिया पर वायरल किया गया था। पोस्टर में फोटो देखकर कानपुर नरवल थाने के टीकरभाऊ निवासी रामबहादुर 13 जनवरी को थाने पहुंचे। उन्होंने महिला और बच्ची की फोटो देखकर बहू दुर्गा देवी और पौत्री अनन्या के रूप में पहचान की।
पुलिस की पूछताछ में रामबहादुर ने बताया कि जहानाबाद थाने के कापिल किशुनपुर निवासी सोनेलाल से पुत्री की बातचीत होती थी। उसने पुत्री की हत्या में सोनेलाल ने उसकी मां रामरती, सोनेलाल के बहनोई मनोज कुमार निवासी बसंतीखेड़ा कोतवाली बिंदकी पर संदेह जताया।
पुलिस ने रामरती और मनोज कुमार से पूछताछ चालू की। रामरती ने कबूला कि दुर्गा उसके पुत्र सोनेलाल से शादी करना चाहती थी। इसे लेकर दुर्गा ने महिला थाने में 2024 की शुरूआत में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बेटे सोनेलाल ने समझौता कर मुकदमा खत्म कराया था।
कुछ दिन बाद ही दुर्गा को उसकी पुत्री समेत घर से निकला दिया था। इसके बाद बेटा सोनेलाल दुबई कमाने चला गया था। वह फिर परेशान करने लगी। रामरती ने मनोज कुमार के फोन से सोनेलाल को बताया। तीनों ने मिलकर दुर्गा को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
सोनेलाल ने अपने बहनोई मनोज कुमार के सहयोग से कापिल गांव के ही विकास, लल्लू पाल को ही दुर्गा की हत्या की सुपारी दी। दुबई से सोनेलाल अपने बहनोई मनोज को रुपये भेजकर मां रामरती को पहुंचाता था। रामरती सुपारी के रुपये विकास और लल्लू पाल को देती थी।
इसी दौरान मनोज ने लल्लू को दुर्गा का मोबाइल नंबर दिया। बोला कि वह दुर्गा को अपने जाल में फंसाए है। लल्लू ने सोनेलाल का खुद को दोस्त बताकर दुर्गा से पहचान बढ़ाई। उसका वीजा और पासपोर्ट बनवाकर सोनेलाल के पास पहुंचाने का झांसा दिया।
दुर्गा देवी ने 13 अक्तूबर 2024 को महिला थाने में आईजीआरएस प्रार्थना पत्र दिया और पति के दुबई में होने पर उसे घर में रखने की मांग की। महिला थाने में सोनेलाल की मां रामरती को बुलाया गया। रामरती अपने साथ अपने दामाद मनोज को लेकर गई। महिला थाने जाने से पहले रामरती व मनोज कुमार ने 19 अक्तूबर को विकास और लल्लू पाल को दुर्गा के महिला थाने आने की बात बताई।
दुर्गा महिला थाने पहुंची। यहां दोनों पक्ष के बीच समझौता हो गया। करीब दोपहर के तीन बजे सभी लोग महिला थाने से निकले। लल्लू पाल ने दुर्गा से बातचीत की। उसे कुंवरपुर मेला घुमाने के बहाने की बात कही। अपने साथी विकास संग वैन में शहर के पटेल नगर के पास दुर्गा को बच्ची को मेला ले गया।
उसका रास्ते में मोबाइल ले लिया। दोनों ने रात को दुर्गा व उसकी बच्ची की चाकू से हत्या कर शव बाजापुर नाले में फेंक दिया। घटना में प्रयुक्त चाकू को भी छिपा दिया। पुलिस को सीडीआर की जांच में आपस में कई बार बातचीत होना पाया। आरोपियों की मौके पर लोकेशन मिली। खाते में रुपये लेनदेन भी सामने आया।
पुलिस ने रामरती और मनोज को कोर्ट के आदेश पर जेल भेजा है। सोनेलाल फिलहाल दुबई में है। लल्लू पाल और विकास कुमार हाथरस में जेल में हैं। हाथरस के आशीर्वाद धाम कॉलोनी में जनवरी 2025 में विकास ने अपने साथी लल्लू पाल के साथ मिलकर अपनी नाबालिग चचेरी बहनों व चाची चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी थी। हाथरस कोर्ट ने मई 2025 में मृत्युदंड की सजा सुनाई थी। सीओ सिटी गौरव शर्मा ने बताया कि आरोपियों को मलवां से गिरफ्तार किया गया। आरोपियों को कोर्ट के आदेश पर जेल भेजा गया है।
महिला की हत्या के बाद पकड़े जाते तो न होता हाथरस कांड
आरोपियों ने 19 अक्तूबर 2024 को महिला और बच्ची की हत्या की थी। हत्याकांड के बाद जनवरी 2025 में विकास ने अपने चाचा के घर संपत्ति के लिए बहनों व चाची की हत्या कर दी थी। जिला पुलिस समय से हत्याकांड का खुलासा कर देती तो शायद हाथरस कांड नहीं होता।

फोटो-40-मलवां थाने में खड़े आरोपी। स्रोत पुलिस
