{"_id":"6ae4e13f67328e58cc0dc627","slug":"a-permanent-bridge-will-be-built-over-the-rind-river-at-a-cost-of-2293-crore-providing-relief-to-50000-people-fatehpur-news-c-217-1-sknp1021-165487-2026-10-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehpur News: रिंद नदी पर 22.93 करोड़ से बनेगा पक्का पुल, 50 हजार लोगों को मिलेगी राहत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehpur News: रिंद नदी पर 22.93 करोड़ से बनेगा पक्का पुल, 50 हजार लोगों को मिलेगी राहत
विज्ञापन
फोटो-25-रमाकांत दीक्षित। संवाद
जाफरगंज। रिंद नदी पर खजुहा ब्लॉक के गढ़ी से खूंटा संपर्क मार्ग पर करीब 22.93 करोड़ से पुल का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए शासन ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में पहली किस्त के रूप में 11 करोड़ 46 लाख 93 हजार रुपये जारी करने की स्वीकृति दे दी है। पुल निर्माण की जिम्मेदारी सेतु निगम को सौंपी गई है।
ग्रामीण करीब दो दशक से नदी पर पुल बनाने की मांग कर रहे थे। गढ़ी और खूंटा के बीच रिंद नदी होने के कारण लोगों को आज भी नाव के सहारे आवागमन करना पड़ता है। तहसील और ब्लॉक मुख्यालय पहुंचने के लिए ग्रामीणों को जोनिहां होते हुए बिंदकी जाना पड़ता है। इससे उनका समय और पैसा दोनों खर्च होते हैं। वहीं, नाव से नदी पार करने में हमेशा हादसे का खतरा बना रहता है।
पुल बनने से नदी के दोनों ओर बसे 20 से अधिक गांवों के करीब 50 हजार लोगों को सीधा रास्ता मिलेगा। गढ़ी, जाफरगंज, सुल्तानगढ़, श्यामपुर, मऊदेव, बारा, ककोरा, गहरूखेड़ा, भारतपुर, गौरा, मांझेपुर, खदरी, मदुरी और खूंटाझाल समेत आसपास के गांवों को इसका लाभ मिलेगा। इसके अलावा खूंटा, मिस्सी, हसौलेखेड़ा, बरेठी, आलमगंज, पारादान, जलालपुर, भेउली, बंझोलवा और सेलावन के ग्रामीणों का आवागमन भी आसान हो जाएगा।
विज्ञापन
पुल बनने से जाफरगंज, गढ़ी और मांझेपुर बाजार तक सीधी पहुंच मिलेगी। नाते-रिश्तेदारियों और रोजमर्रा के कामों के लिए लोगों को लंबा चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। दो दशक पुरानी मांग पूरी होने की उम्मीद से ग्रामीणों में खुशी है। सबसे बड़ी राहत बारिश और नदी के तेज बहाव के दौरान मिलेगी, जब लोगों को नाव के सहारे जोखिम भरा सफर नहीं करना पड़ेगा।
लोगों को दूसरे रास्तों पर नहीं रहना पड़ेगा निर्भर
जाफरगंज निवासी रमाकांत दीक्षित ने कहा कि रिंद नदी पर पुल बनाने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। इसके निर्माण से दोनों ओर के हजारों लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। अब नाव से जोखिम भरा सफर नहीं करना पड़ेगा और बिंदकी तहसील व खजुहा ब्लॉक पहुंचने के लिए लंबा चक्कर भी नहीं लगाना होगा। जाफरगंज, गढ़ी और मांझेपुर बाजार से नदी पार के गांवों का सीधा जुड़ाव होने से नाते-रिश्तेदारियों में आना-जाना भी आसान हो जाएगा।
आवरखेड़ा निवासी अरविंद दुबे का कहना है कि रिंद नदी पर पुल बनने से दोनों ओर के गांवों के बीच की दूरी के साथ वर्षों पुरानी आवागमन की बाधा भी खत्म होगी। खेती-किसानी, व्यापार और रोजमर्रा के कामों के लिए लोगों को दूसरे रास्तों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। क्षेत्र के विकास की दृष्टि से यह पुल मील का पत्थर साबित होगा। शासन का यह फैसला ग्रामीणों के लिए किसी बड़ी सौगात से कम नहीं है।
रिंद नदी पर पुल बनने से गढ़ी, खूंटा और आसपास के गांवों के ग्रामीणों को आवागमन में काफी सहूलियत मिलेगी। अभी नदी पार करने के लिए लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। पुल निर्माण के लिए शासन स्तर से 11 करोड़ 46 लाख 93 हजार रुपये की पहली किस्त स्वीकृत हुई है। निर्माण कार्य निर्धारित प्रक्रिया के तहत कराया जाएगा।
- संदीप राज, सहायक अभियंता, सेतु निगम।
विज्ञापन
ग्रामीण करीब दो दशक से नदी पर पुल बनाने की मांग कर रहे थे। गढ़ी और खूंटा के बीच रिंद नदी होने के कारण लोगों को आज भी नाव के सहारे आवागमन करना पड़ता है। तहसील और ब्लॉक मुख्यालय पहुंचने के लिए ग्रामीणों को जोनिहां होते हुए बिंदकी जाना पड़ता है। इससे उनका समय और पैसा दोनों खर्च होते हैं। वहीं, नाव से नदी पार करने में हमेशा हादसे का खतरा बना रहता है।
विज्ञापन
पुल बनने से नदी के दोनों ओर बसे 20 से अधिक गांवों के करीब 50 हजार लोगों को सीधा रास्ता मिलेगा। गढ़ी, जाफरगंज, सुल्तानगढ़, श्यामपुर, मऊदेव, बारा, ककोरा, गहरूखेड़ा, भारतपुर, गौरा, मांझेपुर, खदरी, मदुरी और खूंटाझाल समेत आसपास के गांवों को इसका लाभ मिलेगा। इसके अलावा खूंटा, मिस्सी, हसौलेखेड़ा, बरेठी, आलमगंज, पारादान, जलालपुर, भेउली, बंझोलवा और सेलावन के ग्रामीणों का आवागमन भी आसान हो जाएगा।
विज्ञापन
पुल बनने से जाफरगंज, गढ़ी और मांझेपुर बाजार तक सीधी पहुंच मिलेगी। नाते-रिश्तेदारियों और रोजमर्रा के कामों के लिए लोगों को लंबा चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। दो दशक पुरानी मांग पूरी होने की उम्मीद से ग्रामीणों में खुशी है। सबसे बड़ी राहत बारिश और नदी के तेज बहाव के दौरान मिलेगी, जब लोगों को नाव के सहारे जोखिम भरा सफर नहीं करना पड़ेगा।
लोगों को दूसरे रास्तों पर नहीं रहना पड़ेगा निर्भर
जाफरगंज निवासी रमाकांत दीक्षित ने कहा कि रिंद नदी पर पुल बनाने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। इसके निर्माण से दोनों ओर के हजारों लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। अब नाव से जोखिम भरा सफर नहीं करना पड़ेगा और बिंदकी तहसील व खजुहा ब्लॉक पहुंचने के लिए लंबा चक्कर भी नहीं लगाना होगा। जाफरगंज, गढ़ी और मांझेपुर बाजार से नदी पार के गांवों का सीधा जुड़ाव होने से नाते-रिश्तेदारियों में आना-जाना भी आसान हो जाएगा।
आवरखेड़ा निवासी अरविंद दुबे का कहना है कि रिंद नदी पर पुल बनने से दोनों ओर के गांवों के बीच की दूरी के साथ वर्षों पुरानी आवागमन की बाधा भी खत्म होगी। खेती-किसानी, व्यापार और रोजमर्रा के कामों के लिए लोगों को दूसरे रास्तों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। क्षेत्र के विकास की दृष्टि से यह पुल मील का पत्थर साबित होगा। शासन का यह फैसला ग्रामीणों के लिए किसी बड़ी सौगात से कम नहीं है।
रिंद नदी पर पुल बनने से गढ़ी, खूंटा और आसपास के गांवों के ग्रामीणों को आवागमन में काफी सहूलियत मिलेगी। अभी नदी पार करने के लिए लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। पुल निर्माण के लिए शासन स्तर से 11 करोड़ 46 लाख 93 हजार रुपये की पहली किस्त स्वीकृत हुई है। निर्माण कार्य निर्धारित प्रक्रिया के तहत कराया जाएगा।
- संदीप राज, सहायक अभियंता, सेतु निगम।

फोटो-25-रमाकांत दीक्षित। संवाद