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Fatehpur News: दिव्यांग बच्चों के स्कूल आने-जाने के लिए मिलेगा एस्कॉर्ट अलाउंस
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फतेहपुर। समग्र शिक्षा अभियान के तहत दिव्यांग छात्र-छात्राओं को स्कूल आने-जाने में होने वाली परेशानी कम करने के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी। गंभीर और ज्यादा दिव्यांग विद्यार्थियों को 600 रुपये प्रतिमाह की दर से 10 माह तक एस्कॉर्ट अलाउंस मिलेगा।
जिले के 271 विद्यार्थियों को इसका लाभ दिया जाएगा। धनराशि डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी। इससे दिव्यांग बच्चों को विद्यालय लाने-ले जाने में अभिभावकों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ कम होगा। साथ ही उनकी नियमित उपस्थिति बढ़ाने में मदद मिलेगी।
जिला समन्वयक समेकित शिक्षा अरुण कुमार मिश्र ने बताया कि एस्कॉर्ट अलाउंस ऐसे दिव्यांग विद्यार्थियों को दिया जाता है जो दिव्यांगता के कारण बिना सहायता के विद्यालय आने-जाने में असमर्थ हैं। योजना का लाभ दृष्टि दिव्यांग, बौद्धिक दिव्यांग, सेरेब्रल पाल्सी, बहु-दिव्यांग तथा जापानी इंसेफलाइटिस और एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम से प्रभावित विद्यार्थियों को भी मिलेगा। इसका उद्देश्य ऐसे बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय आने के लिए प्रोत्साहित करना है।
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777 दिव्यांग बालिकाओं को मिलेगा स्टाइपेंड
दिव्यांग बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए जिले की 777 बालिकाओं को भी आर्थिक सहायता दी जाएगी। उन्हें 200 रुपये प्रतिमाह की दर से 10 माह के लिए स्टाइपेंड भत्ता मिलेगा। प्रत्येक बालिका को साल में कुल दो हजार रुपये दिए जाएंगे। धनराशि डीबीटी के माध्यम से खातों में भेजी जाएगी। स्टाइपेंड मिलने से दिव्यांग बालिकाओं को पढ़ाई जारी रखने में प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही उनके परिजन पर शिक्षा का आर्थिक बोझ कम होगा। योजना का उद्देश्य दिव्यांग बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना और विद्यालय में उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना है।
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जिले के 271 विद्यार्थियों को इसका लाभ दिया जाएगा। धनराशि डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी। इससे दिव्यांग बच्चों को विद्यालय लाने-ले जाने में अभिभावकों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ कम होगा। साथ ही उनकी नियमित उपस्थिति बढ़ाने में मदद मिलेगी।
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जिला समन्वयक समेकित शिक्षा अरुण कुमार मिश्र ने बताया कि एस्कॉर्ट अलाउंस ऐसे दिव्यांग विद्यार्थियों को दिया जाता है जो दिव्यांगता के कारण बिना सहायता के विद्यालय आने-जाने में असमर्थ हैं। योजना का लाभ दृष्टि दिव्यांग, बौद्धिक दिव्यांग, सेरेब्रल पाल्सी, बहु-दिव्यांग तथा जापानी इंसेफलाइटिस और एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम से प्रभावित विद्यार्थियों को भी मिलेगा। इसका उद्देश्य ऐसे बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय आने के लिए प्रोत्साहित करना है।
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777 दिव्यांग बालिकाओं को मिलेगा स्टाइपेंड
दिव्यांग बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए जिले की 777 बालिकाओं को भी आर्थिक सहायता दी जाएगी। उन्हें 200 रुपये प्रतिमाह की दर से 10 माह के लिए स्टाइपेंड भत्ता मिलेगा। प्रत्येक बालिका को साल में कुल दो हजार रुपये दिए जाएंगे। धनराशि डीबीटी के माध्यम से खातों में भेजी जाएगी। स्टाइपेंड मिलने से दिव्यांग बालिकाओं को पढ़ाई जारी रखने में प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही उनके परिजन पर शिक्षा का आर्थिक बोझ कम होगा। योजना का उद्देश्य दिव्यांग बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना और विद्यालय में उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना है।