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Fatehpur News: 140 बसें भी कम पड़ीं, घंटों इंतजार के बाद मिली सवारी
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फोटो-12-अनार कली। संवाद
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फतेहपुर। रक्षाबंधन पर यात्रियों की बढ़ी भीड़ के आगे परिवहन निगम की करीब 140 बसें भी कम पड़ गईं। भाई की कलाई पर राखी बांधने के लिए घर जाने को निकले यात्रियों को बस के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा।
फतेहपुर डिपो और ज्वालागंज बस स्टाप पर सुबह से ही यात्रियों की भीड़ उमड़ती रही। बस पहुंचते ही उसमें सवार होने के लिए आपाधापी मच गई। कई यात्रियों को अगली बस के इंतजार में घंटों खड़े रहना पड़ा। सबसे ज्यादा परेशानी कम दूरी के मार्गों पर जाने वाले यात्रियों को हुई।
ज्वालागंज बस स्टाप से थरियांव जाने के लिए पहुंचीं आशा देवी ने बताया कि उन्हें बस के लिए करीब चार घंटे इंतजार करना पड़ा। उनका कहना था कि रक्षाबंधन के दिन घर पहुंचने की जल्दी थी लेकिन काफी देर तक बस नहीं मिली। इसी तरह अन्य यात्री भी बसों के इंतजार में परेशान दिखाई दिए।
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अतिरिक्त फेरे लगाए, फिर भी दबाव रहा अधिक
रक्षाबंधन पर यात्रियों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक रही। महिलाओं के लिए निशुल्क यात्रा की सुविधा और पर्व पर घर जाने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ने से बसों पर दबाव बढ़ गया। परिवहन निगम ने भीड़ को देखते हुए बसों के अतिरिक्त फेरे लगाए लेकिन कई मार्गों पर यात्रियों की संख्या इतनी अधिक रही कि व्यवस्था सुचारु नहीं हो सकी।
बस स्टेशन पर महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी बसों के इंतजार में खड़े रहे। बस आने पर सीट पाने के लिए यात्रियों में धक्का-मुक्की की स्थिति बनी। यात्रियों का कहना था कि पर्व के दिनों में अतिरिक्त बसों की संख्या और बढ़ाई जानी चाहिए, ताकि लोगों को घंटों इंतजार न करना पड़े।
मुफ्त सफर का दावा, महिला से वसूला 30 रुपये किराया
रक्षाबंधन पर महिलाओं के लिए रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा की व्यवस्था के बीच ललौली से फतेहपुर आने वाली महिला से 30 रुपये किराया वसूले जाने का मामला सामने आया है। अनारकली का आरोप है कि सफर के दौरान परिचालक ने उनसे 30 रुपये लिए हैं। उनका कहना है कि जब यात्रा निशुल्क थी तो रुपये क्यों वसूले गए।
रक्षाबंधन पर यात्रियों की अधिक भीड़ को देखते हुए बसों के अतिरिक्त फेरे भी लगाए गए हैं। महिलाओं के लिए निशुल्क यात्रा की व्यवस्था शासन के निर्देशानुसार लागू है। यदि किसी महिला यात्री से किराया वसूले जाने की शिकायत मिली है तो मामले की जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने पर परिचालक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
एसपी सिंह, एआरएम।
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फतेहपुर डिपो और ज्वालागंज बस स्टाप पर सुबह से ही यात्रियों की भीड़ उमड़ती रही। बस पहुंचते ही उसमें सवार होने के लिए आपाधापी मच गई। कई यात्रियों को अगली बस के इंतजार में घंटों खड़े रहना पड़ा। सबसे ज्यादा परेशानी कम दूरी के मार्गों पर जाने वाले यात्रियों को हुई।
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ज्वालागंज बस स्टाप से थरियांव जाने के लिए पहुंचीं आशा देवी ने बताया कि उन्हें बस के लिए करीब चार घंटे इंतजार करना पड़ा। उनका कहना था कि रक्षाबंधन के दिन घर पहुंचने की जल्दी थी लेकिन काफी देर तक बस नहीं मिली। इसी तरह अन्य यात्री भी बसों के इंतजार में परेशान दिखाई दिए।
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अतिरिक्त फेरे लगाए, फिर भी दबाव रहा अधिक
रक्षाबंधन पर यात्रियों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक रही। महिलाओं के लिए निशुल्क यात्रा की सुविधा और पर्व पर घर जाने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ने से बसों पर दबाव बढ़ गया। परिवहन निगम ने भीड़ को देखते हुए बसों के अतिरिक्त फेरे लगाए लेकिन कई मार्गों पर यात्रियों की संख्या इतनी अधिक रही कि व्यवस्था सुचारु नहीं हो सकी।
बस स्टेशन पर महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी बसों के इंतजार में खड़े रहे। बस आने पर सीट पाने के लिए यात्रियों में धक्का-मुक्की की स्थिति बनी। यात्रियों का कहना था कि पर्व के दिनों में अतिरिक्त बसों की संख्या और बढ़ाई जानी चाहिए, ताकि लोगों को घंटों इंतजार न करना पड़े।
मुफ्त सफर का दावा, महिला से वसूला 30 रुपये किराया
रक्षाबंधन पर महिलाओं के लिए रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा की व्यवस्था के बीच ललौली से फतेहपुर आने वाली महिला से 30 रुपये किराया वसूले जाने का मामला सामने आया है। अनारकली का आरोप है कि सफर के दौरान परिचालक ने उनसे 30 रुपये लिए हैं। उनका कहना है कि जब यात्रा निशुल्क थी तो रुपये क्यों वसूले गए।
रक्षाबंधन पर यात्रियों की अधिक भीड़ को देखते हुए बसों के अतिरिक्त फेरे भी लगाए गए हैं। महिलाओं के लिए निशुल्क यात्रा की व्यवस्था शासन के निर्देशानुसार लागू है। यदि किसी महिला यात्री से किराया वसूले जाने की शिकायत मिली है तो मामले की जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने पर परिचालक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
एसपी सिंह, एआरएम।

फोटो-12-अनार कली। संवाद

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