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Ghazipur News: नए आयकर कानून का 43 हजार को मिलेगा लाभ
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सीए---धनंजय तिवारी। स्रोत- स्वयं
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गाजीपुर। एक अप्रैल यानी आज से नए वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत के साथ जिले के करीब 43 हजार आयकरदाताओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। एक अप्रैल से 1961 के 65 साल पुराने आयकर कानून की जगह नया आयकर अधिनियम 2025 लागू हो जाएगा। इससे जिले के हजारों वेतनभोगी, व्यापारी और पेशेवर करदाताओं को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
आयकर अधिकारी समीर कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में करीब 43 हजार के बीच सक्रिय आयकरदाता हैं, जिनमें बड़ी संख्या वेतनभोगियों और छोटे व्यापारियों की है। नए कानून के लागू होने से इन करदाताओं की टैक्स देनदारी में कमी आएगी और प्रक्रिया भी आसान होगी। बताया कि नई व्यवस्था पूरी तरह डिजिटल और फेसलेस असेसमेंट पर आधारित होगी, जिससे भ्रष्टाचार और अनावश्यक दखल कम होगा। वहीं, आईटीआर फाइलिंग की नई तारीखें भी तय की गई है। इसके तहत आईटीआर -1 और 2 के लिए 31 जुलाई और आईटीआर 3 और 4 के लिए 31 अगस्त की तिथि नियत की गई है। इसके अलावा चैरिटेबल ट्रस्ट का रजिस्ट्रेशन 5 से बढ़ाकर 10 साल किया गया है। साथ ही पैन नियम और अधिक पारदर्शी किए गए हैं।
4 लाख रुपये तक की आय पूरी तरह करमुक्त
नई व्यवस्था के तहत 4 लाख रुपये तक की आय पूरी तरह करमुक्त रहेगी। वहीं रिबेट के प्रावधान के चलते 12 लाख रुपये तक की आय पर कोई टैक्स नहीं देना होगा। वेतनभोगियों को 75 हजार रुपये के स्टैंडर्ड डिडक्शन के साथ 12.75 लाख रुपये तक राहत मिलेगी।
सरल होगा टैक्स सिस्टम
नए कानून में धाराओं की संख्या 800 से घटाकर करीब 536 कर दी गई है। साथ ही भाषा को भी सरल बनाया गया है, जिससे आम करदाता बिना विशेषज्ञ की मदद के भी अपने टैक्स को समझ सकेगा। इसके अलावा असेसमेंट ईयर और प्रीवियस ईयर की जगह अब केवल टैक्स ईयर लागू होगा, जिससे भ्रम खत्म होगा।
विशेषज्ञ बोले-
नया आयकर अधिनियम कर प्रणाली को सरल और पारदर्शी बनाएगा। इससे ईमानदार करदाताओं को राहत मिलेगी और टैक्स चोरी पर अंकुश लगेगा। -आनंद सिंह,सीए।
गाजीपुर जैसे जिलों में जहां छोटे व्यापारी और वेतनभोगी अधिक हैं, उनके लिए यह कानून काफी फायदेमंद साबित होगा। कम टैक्स, सरल नियम और डिजिटल प्रक्रिया से अनुपालन आसान होगा। -धनंजय तिवारी, सीए।
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आयकर अधिकारी समीर कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में करीब 43 हजार के बीच सक्रिय आयकरदाता हैं, जिनमें बड़ी संख्या वेतनभोगियों और छोटे व्यापारियों की है। नए कानून के लागू होने से इन करदाताओं की टैक्स देनदारी में कमी आएगी और प्रक्रिया भी आसान होगी। बताया कि नई व्यवस्था पूरी तरह डिजिटल और फेसलेस असेसमेंट पर आधारित होगी, जिससे भ्रष्टाचार और अनावश्यक दखल कम होगा। वहीं, आईटीआर फाइलिंग की नई तारीखें भी तय की गई है। इसके तहत आईटीआर -1 और 2 के लिए 31 जुलाई और आईटीआर 3 और 4 के लिए 31 अगस्त की तिथि नियत की गई है। इसके अलावा चैरिटेबल ट्रस्ट का रजिस्ट्रेशन 5 से बढ़ाकर 10 साल किया गया है। साथ ही पैन नियम और अधिक पारदर्शी किए गए हैं।
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4 लाख रुपये तक की आय पूरी तरह करमुक्त
नई व्यवस्था के तहत 4 लाख रुपये तक की आय पूरी तरह करमुक्त रहेगी। वहीं रिबेट के प्रावधान के चलते 12 लाख रुपये तक की आय पर कोई टैक्स नहीं देना होगा। वेतनभोगियों को 75 हजार रुपये के स्टैंडर्ड डिडक्शन के साथ 12.75 लाख रुपये तक राहत मिलेगी।
सरल होगा टैक्स सिस्टम
नए कानून में धाराओं की संख्या 800 से घटाकर करीब 536 कर दी गई है। साथ ही भाषा को भी सरल बनाया गया है, जिससे आम करदाता बिना विशेषज्ञ की मदद के भी अपने टैक्स को समझ सकेगा। इसके अलावा असेसमेंट ईयर और प्रीवियस ईयर की जगह अब केवल टैक्स ईयर लागू होगा, जिससे भ्रम खत्म होगा।
विशेषज्ञ बोले-
नया आयकर अधिनियम कर प्रणाली को सरल और पारदर्शी बनाएगा। इससे ईमानदार करदाताओं को राहत मिलेगी और टैक्स चोरी पर अंकुश लगेगा। -आनंद सिंह,सीए।
गाजीपुर जैसे जिलों में जहां छोटे व्यापारी और वेतनभोगी अधिक हैं, उनके लिए यह कानून काफी फायदेमंद साबित होगा। कम टैक्स, सरल नियम और डिजिटल प्रक्रिया से अनुपालन आसान होगा। -धनंजय तिवारी, सीए।

सीए---धनंजय तिवारी। स्रोत- स्वयं