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Ghazipur News: 804 स्कूलों में लाइब्रेरी के लिए खरीदी जाएंगी पुस्तकें
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गाजीपुर। परिषदीय विद्यालयों के बच्चों में पढ़ने की रुचि बढ़ाने के लिए जिले के स्कूलों में पुस्तकालय को विकसित किया जाएगा। इसके तहत बच्चों की पसंद और रुचि के अनुसार रोचक व ज्ञानवर्धक किताबें उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके लिए जिले को शासन से 19 लाख 18 हजार रुपये की धनराशि मिली है। जिले के 487 प्राथमिक, 285 उच्च प्राथमिक-कंपोजिट विद्यालय, सात पीएम-श्री प्राथमिक और 25 कंपोजिट विद्यालयों का चयन किया गया है। इन विद्यालयों में लाइब्रेरी के लिए प्रत्येक प्राथमिक विद्यालय को दो हजार रुपये और उच्च प्राथमिक-कंपोजिट विद्यालयों को तीन हजार रुपये की दर से धनराशि दी गई है।
पुस्तकालय के माध्यम से बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करने पर जोर दिया जाएगा। शिक्षक बच्चों से पढ़ी गई किताबों के शीर्षक, पात्रों और उनकी थीम से जुड़े सवाल पूछेंगे, जिससे उनकी समझ और अभिव्यक्ति क्षमता का विकास हो सके। इसके अलावा शिक्षक पुस्तक मेलों से भी ज्ञानवर्धक किताबें खरीदकर विद्यालय के पुस्तकालय में रखेंगे, ताकि बच्चों को विभिन्न विषयों की पुस्तकें पढ़ने का अवसर मिल सके।
विद्यालयों में छोटे बच्चों के लिए चित्र और कहानी की किताबें, नैतिक शिक्षा से जुड़ी पुस्तकें तथा अकबर-बीरबल की कहानियां, हल्दीघाटी और सुदामा चरित्र जैसी प्रेरक पुस्तकें उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे बच्चों की कल्पनाशक्ति और भाषा कौशल को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
विभागीय अधिकारी सप्ताह में एक दिन विद्यालयों में पहुंचकर पुस्तकालय का निरीक्षण भी करेंगे। बेसिक शिक्षा अधिकारी उपासना
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पुस्तकालय के माध्यम से बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करने पर जोर दिया जाएगा। शिक्षक बच्चों से पढ़ी गई किताबों के शीर्षक, पात्रों और उनकी थीम से जुड़े सवाल पूछेंगे, जिससे उनकी समझ और अभिव्यक्ति क्षमता का विकास हो सके। इसके अलावा शिक्षक पुस्तक मेलों से भी ज्ञानवर्धक किताबें खरीदकर विद्यालय के पुस्तकालय में रखेंगे, ताकि बच्चों को विभिन्न विषयों की पुस्तकें पढ़ने का अवसर मिल सके।
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विद्यालयों में छोटे बच्चों के लिए चित्र और कहानी की किताबें, नैतिक शिक्षा से जुड़ी पुस्तकें तथा अकबर-बीरबल की कहानियां, हल्दीघाटी और सुदामा चरित्र जैसी प्रेरक पुस्तकें उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे बच्चों की कल्पनाशक्ति और भाषा कौशल को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
विभागीय अधिकारी सप्ताह में एक दिन विद्यालयों में पहुंचकर पुस्तकालय का निरीक्षण भी करेंगे। बेसिक शिक्षा अधिकारी उपासना
