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Ghazipur News: धूल से ड्राई हो रही आंख, बाइक चालकों में सबसे अधिक शिकायत
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गाजीपुर। शहर में वर्तमान समय में कभी सीवरेज पाइप लाइन तो कभी जल जीवन मिशन के तहत पाइप लाइन बिछाने के नाम पर सड़कों की खोदाई करके छोड़ दी जा रही है। पिचिंग न होने से उड़ रही धूल नगर वासियों के साथ- साथ प्रतिदिन आवागमन करने वालों को भुगतना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि धूल से आंख जहां ड्राई हो रही है, वहीं खुजली, जलन व पानी गिरने की समस्या भी बढ़ गई है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि बाइक चालकों में सबसे अधिक यह शिकायत देखने को मिल रही है, जिनकी आयु 15 से 25 वर्ष के बीच में शामिल हैं।
महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राजकीय मेडिकल काॅलेज अस्पताल के नेत्र विभाग की नेत्र विशेषज्ञ डॉ. स्नेहा सिंह ने बताया कि धूल के चलते आंखों की समस्या इन दिनों अधिक बढ़ गई है। स्थिति यह है कि धूल के कणों के चलते आंखों में ड्राई की शिकायत करीब एक माह से आ रही है। आंखों में सूखापन व दर्द करने की पीड़ा लेकर प्रतिदिन ओपीडी में 25 मरीज उपचार को पहुंच रहे हैं। सबसे बड़ी बात तो यह है कि इससे पीड़ित अधिक मरीज युवा हैं और उनकी उम्र करीब 15 से 25 वर्ष के बीच है। खासकर बाइक चालकों की संख्या करीब 15 के आसपास है। य
इसके साथ- साथ आंखों में खुजली, जलन, लाल होना और पानी गिरने की शिकायत लेकर मरीज उपचार कराने पहुंच रहे हैं। धूल से आंखों को बचाने के लिए विशेषज्ञ सतर्कता बरतने की जरूरत है। थोड़ी भी लापरवाही आंखों की गंभीर बीमारी की समस्या को बढ़ा सकता है।
सेल्स व डिलवरी का कार्य करने वाले आ रहे चपेट में
नेत्र रोग विशेषज्ञ डाॅ. स्नेहा सिंह बताया कि सबसे अधिक सेल्स, डिलवरी और बाइक आधारित कार्य करने वाले लोग चपेट में आ रहे हैं। एक तरफ मौसम में परिवर्तन तो दूसरी तरफ सड़क पर उड़ रही धूल इन बाइक चालकों के लिए खतरनाक साबित हो रही है। इसमें थोड़ी भी लापरवाही आंखों के लिए घातक बनती जा रही है। ऐसे में एहतियात और सतर्कता काफी जरूरी है।
ऐसे करें बचाव
बाहर जाते समय रैप-अराउंड या बड़े धूप के चश्मे पहनें, जिससे धूल सीधे आंखों में न जाए।
बाइक चलाते समय हेलमेट का प्रयोग जरूर करें।
सलेमपुर के आशीष ने बताया कि आंख में जलन व ड्राई की शिकायत होने पर ओपीडी में उपचार के लिए पहुंचा था। जहां नेत्र रोग विशेषज्ञ द्वारा ड्राप और दवाइयां उपलब्ध कराई गई।
सकलेनाबाद निवासी अजीत ने बताया कि शहर में शायद कोई सड़क ठीक हो, जिस पर धूल नहीं उड़ रही हो। ऐसे में मिट्टी डालकर छोड़ दिया जा रहा है, जिससे आए दिन लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राजकीय मेडिकल काॅलेज अस्पताल के नेत्र विभाग की नेत्र विशेषज्ञ डॉ. स्नेहा सिंह ने बताया कि धूल के चलते आंखों की समस्या इन दिनों अधिक बढ़ गई है। स्थिति यह है कि धूल के कणों के चलते आंखों में ड्राई की शिकायत करीब एक माह से आ रही है। आंखों में सूखापन व दर्द करने की पीड़ा लेकर प्रतिदिन ओपीडी में 25 मरीज उपचार को पहुंच रहे हैं। सबसे बड़ी बात तो यह है कि इससे पीड़ित अधिक मरीज युवा हैं और उनकी उम्र करीब 15 से 25 वर्ष के बीच है। खासकर बाइक चालकों की संख्या करीब 15 के आसपास है। य
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इसके साथ- साथ आंखों में खुजली, जलन, लाल होना और पानी गिरने की शिकायत लेकर मरीज उपचार कराने पहुंच रहे हैं। धूल से आंखों को बचाने के लिए विशेषज्ञ सतर्कता बरतने की जरूरत है। थोड़ी भी लापरवाही आंखों की गंभीर बीमारी की समस्या को बढ़ा सकता है।
सेल्स व डिलवरी का कार्य करने वाले आ रहे चपेट में
नेत्र रोग विशेषज्ञ डाॅ. स्नेहा सिंह बताया कि सबसे अधिक सेल्स, डिलवरी और बाइक आधारित कार्य करने वाले लोग चपेट में आ रहे हैं। एक तरफ मौसम में परिवर्तन तो दूसरी तरफ सड़क पर उड़ रही धूल इन बाइक चालकों के लिए खतरनाक साबित हो रही है। इसमें थोड़ी भी लापरवाही आंखों के लिए घातक बनती जा रही है। ऐसे में एहतियात और सतर्कता काफी जरूरी है।
ऐसे करें बचाव
बाहर जाते समय रैप-अराउंड या बड़े धूप के चश्मे पहनें, जिससे धूल सीधे आंखों में न जाए।
बाइक चलाते समय हेलमेट का प्रयोग जरूर करें।
सलेमपुर के आशीष ने बताया कि आंख में जलन व ड्राई की शिकायत होने पर ओपीडी में उपचार के लिए पहुंचा था। जहां नेत्र रोग विशेषज्ञ द्वारा ड्राप और दवाइयां उपलब्ध कराई गई।
सकलेनाबाद निवासी अजीत ने बताया कि शहर में शायद कोई सड़क ठीक हो, जिस पर धूल नहीं उड़ रही हो। ऐसे में मिट्टी डालकर छोड़ दिया जा रहा है, जिससे आए दिन लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
