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Ghazipur News: 24 घंटे बाद भी 348 गांवों की गुल रही बिजली, 15.40 लाख लोग प्रभावित
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दिलदारनगर गांव में गिरा बिजली का पोल-संवाद
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गाजीपुर। जनपद में 29 अप्रैल को आई आंधी व बारिश से ग्रामीण क्षेत्रों में दूसरे दिन भी बिजली आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित रही। 24 घंटे बाद भी दूसरे दिन 348 गांवों में बिजली आपूर्ति ठप रही, जिससे 9.40 लाख की आबादी प्रभावित हुई। बिजली आपूर्ति ठप होने के कारण लोगों के सामने पेयजल संकट गहरा गया।
आंधी व बारिश के कारण 29 अप्रैल को ही जनपद में बिजली आपूर्ति व्यवस्था ध्वस्त हो गई थी। शहर में कुछ घंटों में बिजली आपूर्ति बहाल हो गई, लेकिन बिजली निगम की सुस्ती व लापरवाही के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में दूसरे दिन भी आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई। बिजली नहीं होने से इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शो-पीस बन गए। घरों के नलों की टोटियां भी सूखी रहीं। इसके कारण लोगों को सार्वजनिक हैंडपंपों पर कतार लगानी पड़ी। शाम के बाद बिजली न रहने के कारण बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हुई और लोगों की दिनचर्या अस्त-व्यस्त हो गई।
मरदह : क्षेत्र के हैदरगंज व करदह कैथवली के पास 29 अप्रैल की शाम 4:23 बजे आंधी और बारिश की वजह से 33 हजार हाईटेंशन विद्युत आपूर्ति लाइन में तकनीकी फॉल्ट हो गया। इससे 150 गांवों की आपूर्ति 15.30 घंटे तक बाधित रही और करीब पांच लाख की आबादी प्रभावित हुई। मरदह, नोनरा, कोदई, डोड़सर, पड़िता, करदह कैथवली, हैदरगंज, हमीरपुर, बिजौरा, मटेहू, टिसौरी, गाई, रायपुर बाघपुर, चवर, घरिहा, बहतुरा, बसवारी आदि गांवों में बिजली गुल रही। विद्युत उपकेंद्र मरदह के छह फीडर और पृथ्वीपुर के तीन फीडरों से जुड़े 150 गांव प्रभावित रहे। बिजली निगम के जेई महबूब अली ने बताया कि मऊ जिले के बढ़ुआ गोदाम से आने वाली मुख्य आपूर्ति लाइन हैदरगंज गांव के पास पोल से उतर गई थी, जिसकी मरम्मत कराकर आपूर्ति बहाल कर दी गई है।
भांवरकोल : तेज आंधी-तूफान ने कुंडेसर विद्युत उपकेंद्र की व्यवस्था को पूरी तरह प्रभावित कर दिया। उपकेंद्र से जुड़े शेरपुर, कुंडेसर, भांवरकोल और बालापुर फीडरों की आपूर्ति ठप हो गई, जिससे करीब 48 गांव अंधेरे में डूब गए। तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर विद्युत पोल गिर गए और तार टूटकर जमीन पर आ गिरे। जेई चंदन सिंह ने बताया कि मरम्मत कार्य जारी है और टीमें लगातार पोल व तार ठीक करने में जुटी हैं।
33 हजार वोल्ट की मुख्य विद्युत लाइन खराब
सुहवल : आंधी और बारिश के कारण 20 किलोमीटर लंबी 33 हजार वोल्ट की मुख्य विद्युत लाइन में तकनीकी खराबी आ गई, जिससे 70 से अधिक गांवों की बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। 19 घंटे बीतने के बाद भी फॉल्ट का पता नहीं चल सका। जमानिया क्षेत्र के दो विद्युत उपकेंद्रों से जुड़े नौ फीडरों की आपूर्ति बाधित रही। इससे सैकड़ों निजी व सरकारी नलकूप, पेयजल टंकियां, छोटे-बड़े उद्योग तथा सरकारी व गैर-सरकारी संस्थान भी प्रभावित हुए।
औड़िहार : क्षेत्र में पिछले 24 घंटे से बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित रही, जिससे लगभग 50 हजार लोग प्रभावित हुए। 80 गांवों में बत्ती गुल रही। प्रभावित गांवों में औड़िहार, गैबीपुर, चकिया, नेवादा, करमपुर, भीमापार, बरहपार, राजापुर, जैनपुर, सिधरा आदि शामिल हैं। जेई अमित सिंह ने बताया कि जल्द ही आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
बिजली आपूर्ति ठप होने से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शो-पीस बने हुए हैं।
-चंदन सिंह, दुर्जनपुर
24 घंटे से बिजली आपूर्ति ठप है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। पेयजल के लिए भी दिक्कत हो रही है।
- आलोक पांडेय, दिनौरा
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आंधी व बारिश के कारण 29 अप्रैल को ही जनपद में बिजली आपूर्ति व्यवस्था ध्वस्त हो गई थी। शहर में कुछ घंटों में बिजली आपूर्ति बहाल हो गई, लेकिन बिजली निगम की सुस्ती व लापरवाही के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में दूसरे दिन भी आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई। बिजली नहीं होने से इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शो-पीस बन गए। घरों के नलों की टोटियां भी सूखी रहीं। इसके कारण लोगों को सार्वजनिक हैंडपंपों पर कतार लगानी पड़ी। शाम के बाद बिजली न रहने के कारण बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हुई और लोगों की दिनचर्या अस्त-व्यस्त हो गई।
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मरदह : क्षेत्र के हैदरगंज व करदह कैथवली के पास 29 अप्रैल की शाम 4:23 बजे आंधी और बारिश की वजह से 33 हजार हाईटेंशन विद्युत आपूर्ति लाइन में तकनीकी फॉल्ट हो गया। इससे 150 गांवों की आपूर्ति 15.30 घंटे तक बाधित रही और करीब पांच लाख की आबादी प्रभावित हुई। मरदह, नोनरा, कोदई, डोड़सर, पड़िता, करदह कैथवली, हैदरगंज, हमीरपुर, बिजौरा, मटेहू, टिसौरी, गाई, रायपुर बाघपुर, चवर, घरिहा, बहतुरा, बसवारी आदि गांवों में बिजली गुल रही। विद्युत उपकेंद्र मरदह के छह फीडर और पृथ्वीपुर के तीन फीडरों से जुड़े 150 गांव प्रभावित रहे। बिजली निगम के जेई महबूब अली ने बताया कि मऊ जिले के बढ़ुआ गोदाम से आने वाली मुख्य आपूर्ति लाइन हैदरगंज गांव के पास पोल से उतर गई थी, जिसकी मरम्मत कराकर आपूर्ति बहाल कर दी गई है।
भांवरकोल : तेज आंधी-तूफान ने कुंडेसर विद्युत उपकेंद्र की व्यवस्था को पूरी तरह प्रभावित कर दिया। उपकेंद्र से जुड़े शेरपुर, कुंडेसर, भांवरकोल और बालापुर फीडरों की आपूर्ति ठप हो गई, जिससे करीब 48 गांव अंधेरे में डूब गए। तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर विद्युत पोल गिर गए और तार टूटकर जमीन पर आ गिरे। जेई चंदन सिंह ने बताया कि मरम्मत कार्य जारी है और टीमें लगातार पोल व तार ठीक करने में जुटी हैं।
33 हजार वोल्ट की मुख्य विद्युत लाइन खराब
सुहवल : आंधी और बारिश के कारण 20 किलोमीटर लंबी 33 हजार वोल्ट की मुख्य विद्युत लाइन में तकनीकी खराबी आ गई, जिससे 70 से अधिक गांवों की बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। 19 घंटे बीतने के बाद भी फॉल्ट का पता नहीं चल सका। जमानिया क्षेत्र के दो विद्युत उपकेंद्रों से जुड़े नौ फीडरों की आपूर्ति बाधित रही। इससे सैकड़ों निजी व सरकारी नलकूप, पेयजल टंकियां, छोटे-बड़े उद्योग तथा सरकारी व गैर-सरकारी संस्थान भी प्रभावित हुए।
औड़िहार : क्षेत्र में पिछले 24 घंटे से बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित रही, जिससे लगभग 50 हजार लोग प्रभावित हुए। 80 गांवों में बत्ती गुल रही। प्रभावित गांवों में औड़िहार, गैबीपुर, चकिया, नेवादा, करमपुर, भीमापार, बरहपार, राजापुर, जैनपुर, सिधरा आदि शामिल हैं। जेई अमित सिंह ने बताया कि जल्द ही आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
बिजली आपूर्ति ठप होने से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शो-पीस बने हुए हैं।
-चंदन सिंह, दुर्जनपुर
24 घंटे से बिजली आपूर्ति ठप है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। पेयजल के लिए भी दिक्कत हो रही है।
- आलोक पांडेय, दिनौरा
