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UP Crime: परिवार के एक और सदस्य के खिलाफ होगी एफआईआर, अफजाल अंसारी ने कार्रवाई को बताया दुर्भावनापूर्ण

Thu, 23 Jul 2026 10:59 AM IST
वाराणसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर। Published by: वाराणसी ब्यूरो Updated Thu, 23 Jul 2026 10:59 AM IST
सार

Ghazipur News: असलहों की खरीद-बिक्री की पत्रावली गायब करने के आरोप में अफजाल अंसारी समेत तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है, जबकि एक और सदस्य पर भी कार्रवाई हो सकती है। उधर, इस कार्रवाई को अफजाल अंसारी ने दुर्भावनापूर्ण बताया है। 

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Afzal Ansari termed police action regarding the FIR as malicious in Ghazipur
सांसद अफजाल अंसारी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

Ghazipur News: शस्त्र लाइसेंस और उस पर असलहों की खरीद-बिक्री की पत्रावली गायब किए जाने के मामले में कार्रवाई की आंच माफिया मुख्तार अंसारी व सपा सांसद अफजाल अंसारी के परिवार के एक और सदस्य तक पहुंच सकती है। पुलिस के मुताबिक, पारिवारिक सदस्य की भूमिका भी सामने आई है। जल्द ही सदस्य के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दूसरी तरफ, सपा सांसद ने पुलिस की कार्रवाई को दुर्भावनापूर्ण बताया और कहा कि निराधार आरोप लगाए गए हैं।
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1983 का है लाइसेंस: अफजाल अंसारी
पत्रावली गायब करने के मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद सपा सांसद अफजाल अंसारी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जांच में पूरा सहयोग करेंगे लेकिन यह कार्रवाई निराधार है। जिस शस्त्र लाइसेंस की बात कही जा रही है वह 1983 का है। इस लाइसेंस पर 24 नवंबर 1990 को शस्त्र खरीदा गया था जो अब भी हमारे पास है। नियमों के तहत शस्त्र लाइसेंस और खरीदे गए शस्त्र के नवीनीकरण की एक लंबी कानूनी प्रक्रिया होती है। 36 साल में शस्त्र लाइसेंस का 12 बार नवीनीकरण कराया गया है। दिसंबर 2026 तक लाइसेंस का नवीनीकरण हुआ था। इसके बावजूद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है।
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अफजाल अंसारी ने बताया कि 29 अप्रैल 2023 को गाजीपुर की एक अदालत ने चार साल की सजा सुनाई थी। इसके तीन दिन बाद 2 मई 2023 को उनका शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर दिया गया था। इस मामले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी और सजा का आदेश निलंबित कर दिया गया। जब उच्च न्यायालय ने सजा का आदेश और लाइसेंस निरस्तीकरण का आदेश खारिज कर दिया, तब भी शस्त्र लाइसेंस बहाल करने की मांग अनसुनी कर दी गई। इस मामले में उच्च न्यायालय में याचिका भी दाखिल की है। इस पर पुलिस ने अपना जवाब लगाया है। इसके बावजूद राजनीतिक सहयोगियों की शह पर मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई। यह राजनीतिक साजिश का हिस्सा है

अफजाल के खिलाफ आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के तीन मामले चल रहे
सपा सांसद अफजाल अंसारी के खिलाफ अब तक दस मामले दर्ज हुए थे। इनमें से सात मामले अदालत से खारिज हो चुके हैं। चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के तीन मामले अब भी चल रहे हैं। अब लाइसेंस, असलहे की खरीद-बिक्री और राइफल गायब होने के मामले में प्राथमिकी दर्ज हुई है। सपा सांसद ने कहा कि ज्यादातर मामले राजनीति से प्रेरित थे इसलिए अदालत में ठहर नहीं सके हैं।

30 साल पहले भी हुई थी कार्रवाई, मऊ, आजमगढ़ और गाजीपुर से फर्जी लाइसेंस जारी
एसपी ने बताया कि 30 साल पहले भी अलग-अलग जांच एजेंसियों ने इस मामले में कार्रवाई की थी। मऊ, आजमगढ़ और गाजीपुर से फर्जी लाइसेंस जारी किए गए थे। जांच चल रही थी। कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। पता चला कि आरोपी या संबंधित लोग अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर कार्रवाई से बचते रहे हैं।

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ट्रेस न हो सके असलहा इसलिए गायब कराई पत्रावली
एसपी डॉ. ईरज राजा ने बताया कि आईएस -191 गिरोह और उसके सहयोगियों के नाम पर समय-समय पर शस्त्र लाइसेंस दिए गए थे। इन पर 145 असलहे खरीदे गए। असलहे पकड़े न जा सकें इसलिए प्रभाव का इस्तेमाल करके पत्रावलियां अभिलेखागार से गायब करा दी गईं।

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