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Ghazipur News: ऑनलाइन कमाई का लालच देकर करते थे ठगी, 2.55 करोड़ के ट्रांजेक्शन से जुड़े पांच गिरफ्तार, दो बाल अपचारी अभिरक्षा में
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साइ-वज्र अभियान के तहत पकड़े गये साइबर आरोपी। स्रोत- पुलिस विभाग
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गाजीपुर। जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे साइ-वज्र अभियान के तहत पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो बाल अपचारियों को अभिरक्षा में लिया गया है। अपर पुलिस अधीक्षक नगर डॉ. राकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के खातों और मोबाइल नंबरों का संबंध विभिन्न राज्यों में दर्ज 20 से अधिक साइबर शिकायतों से मिला है, इनमें करीब 2.55 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन सामने आया है। एक आरोपी की तलाश जारी है, जबकि दो मामलों में बाल अपचारियों की भी संलिप्तता मिली है। एएसपी सिटी ने बताया कि जांच में सामने आया कि कुछ आरोपी सोशल मीडिया और टेलीग्राम-व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से लोगों को ऑनलाइन टास्क और कमाई का लालच देकर ठगी करते थे, जबकि कुछ आरोपी कमीशन लेकर अपने या अन्य लोगों के बैंक खाते साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराते थे।
एएसपी सिटी ने बताया कि साइबर सेल, साइबर क्राइम थाना और जिले के विभिन्न थानों की आठ टीमों ने एक साथ छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान टास्क फ्रॉड, फर्जी रेटिंग, म्यूल खाते, संदिग्ध मोबाइल नंबर और पॉन्जी स्कीम के जरिए साइबर ठगी करने वाले गिरोहों का खुलासा हुआ। पुलिस ने विभिन्न थानों में छह प्राथमिकी दर्ज की है।
साइबर पोर्टल पर विभिन्न राज्यों से दर्ज हैं शिकायतें
एएसपी सिटी ने बताया कि पुलिस ने गहमर, दिलदारनगर, मुहम्मदाबाद, सैदपुर, कोतवाली और जमानियां थानों में बीएनएस और आईटी एक्ट की धाराओं में कुल छह मुकदमे दर्ज किए हैं। इसके अलावा गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ साइबर पोर्टल पर विभिन्न राज्यों से शिकायतें दर्ज हैं।
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ये हैं गिरफ्तार आरोपी
एएसपी सिटी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में प्रियांशु प्रजापति (सिधरा, सैदपुर), कुलदीप वर्मा (देवल, गहमर), प्रिंस गुप्ता (गंगौली, कासिमाबाद), अनुराग कुमार (बकराबाद, कोतवाली), सन्नी उर्फ पवन और दो बाल अपचारी (जमानियां और सुहवल क्षेत्र) शामिल हैं।
ऐसे करते थे साइबर ठगी
एएसपी सिटी ने बताया कि जांच में सामने आया कि आरोपी फ्लिपकार्ट, मंत्रा, मिशो समेत अन्य ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म की शैडो आईडी/फर्जी प्रोफाइल बनाकर फर्जी रेटिंग और ऑनलाइन टास्क के नाम पर साइबर ठगी करते थे। एएसपी सिटी के अनुसार चोरी किए गए डाटा का इस्तेमाल फर्जी रेटिंग बढ़ाने में किया जाता था और इसके बदले सेलरों से कमीशन लिया जाता था। इसके अलावा व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप के माध्यम से टास्क पूरा कराने, निवेश और गेमिंग के नाम पर लोगों से ठगी की जाती थी। कुछ आरोपी कमीशन के बदले बैंक खाते उपलब्ध कराकर साइबर अपराधियों तक ठगी की रकम पहुंचाने का काम भी करते थे।
पुलिस की आमजन से अपील
एएसपी सिटी ने बताया कि सोशल मीडिया पर दिखने वाले आसान कमाई के ऑफर पर भरोसा न करें। अपना बैंक खाता किसी अन्य व्यक्ति को इस्तेमाल करने के लिए न दें। अनजान लिंक से गेमिंग या निवेश संबंधी एप डाउनलोड न करें। साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं। राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें और नजदीकी थाने को सूचना दें।
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एएसपी सिटी ने बताया कि साइबर सेल, साइबर क्राइम थाना और जिले के विभिन्न थानों की आठ टीमों ने एक साथ छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान टास्क फ्रॉड, फर्जी रेटिंग, म्यूल खाते, संदिग्ध मोबाइल नंबर और पॉन्जी स्कीम के जरिए साइबर ठगी करने वाले गिरोहों का खुलासा हुआ। पुलिस ने विभिन्न थानों में छह प्राथमिकी दर्ज की है।
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साइबर पोर्टल पर विभिन्न राज्यों से दर्ज हैं शिकायतें
एएसपी सिटी ने बताया कि पुलिस ने गहमर, दिलदारनगर, मुहम्मदाबाद, सैदपुर, कोतवाली और जमानियां थानों में बीएनएस और आईटी एक्ट की धाराओं में कुल छह मुकदमे दर्ज किए हैं। इसके अलावा गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ साइबर पोर्टल पर विभिन्न राज्यों से शिकायतें दर्ज हैं।
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ये हैं गिरफ्तार आरोपी
एएसपी सिटी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में प्रियांशु प्रजापति (सिधरा, सैदपुर), कुलदीप वर्मा (देवल, गहमर), प्रिंस गुप्ता (गंगौली, कासिमाबाद), अनुराग कुमार (बकराबाद, कोतवाली), सन्नी उर्फ पवन और दो बाल अपचारी (जमानियां और सुहवल क्षेत्र) शामिल हैं।
ऐसे करते थे साइबर ठगी
एएसपी सिटी ने बताया कि जांच में सामने आया कि आरोपी फ्लिपकार्ट, मंत्रा, मिशो समेत अन्य ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म की शैडो आईडी/फर्जी प्रोफाइल बनाकर फर्जी रेटिंग और ऑनलाइन टास्क के नाम पर साइबर ठगी करते थे। एएसपी सिटी के अनुसार चोरी किए गए डाटा का इस्तेमाल फर्जी रेटिंग बढ़ाने में किया जाता था और इसके बदले सेलरों से कमीशन लिया जाता था। इसके अलावा व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप के माध्यम से टास्क पूरा कराने, निवेश और गेमिंग के नाम पर लोगों से ठगी की जाती थी। कुछ आरोपी कमीशन के बदले बैंक खाते उपलब्ध कराकर साइबर अपराधियों तक ठगी की रकम पहुंचाने का काम भी करते थे।
पुलिस की आमजन से अपील
एएसपी सिटी ने बताया कि सोशल मीडिया पर दिखने वाले आसान कमाई के ऑफर पर भरोसा न करें। अपना बैंक खाता किसी अन्य व्यक्ति को इस्तेमाल करने के लिए न दें। अनजान लिंक से गेमिंग या निवेश संबंधी एप डाउनलोड न करें। साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं। राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें और नजदीकी थाने को सूचना दें।