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Ghazipur News: चौक-चौराहों पर नहीं खड़े होंगे मजदूर, ऑनलाइन करें बुकिंग
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जिले के दिहाड़ी मजदूरों को अब काम की तलाश में चौक-चौराहों पर घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा। श्रम विभाग ने डिजिटल लेबर चौक एप विकसित किया है, जिसके माध्यम से श्रमिकों का पूरा विवरण ऑनलाइन उपलब्ध रहेगा। काम देने वाले लोग एप के जरिए अपनी जरूरत के अनुसार सीधे श्रमिकों से संपर्क कर सकेंगे। जिले में करीब 2.10 लाख पंजीकृत श्रमिक हैं।
अब तक भवन निर्माण, रंगाई-पुताई, बढ़ईगीरी समेत अन्य कार्यों के लिए मजदूरों की तलाश में लोगों को निर्धारित लेबर चौकों पर जाना पड़ता था। शहर के झुन्नूलाल चौराहा, गोराबाजार, नई सब्जी मंडी, खोवा मंडी और फुल्लनपुर रेलवे क्रॉसिंग पर प्रतिदिन सुबह मजदूर जुटते हैं, जहां काम देने वाले लोग मजदूरी तय कर उन्हें अपने साथ ले जाते हैं।
डिजिटल लेबर चौक एप शुरू होने के बाद लोगों को यह प्रक्रिया ऑनलाइन उपलब्ध होगी। मोबाइल में एप डाउनलोड कर वे राजमिस्त्री, बढ़ई, पेंटर और अन्य कुशल-अकुशल श्रमिकों की जानकारी प्राप्त कर उनसे सीधे संपर्क कर सकेंगे। इससे श्रमिकों को नियमित रोजगार मिलने और लोगों का समय बचने की उम्मीद है।
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ऐसे होगा पंजीकरण
एप पर पंजीकरण के दौरान ''आई एम ए वर्कर'' या ''आई एम एन एंप्लॉयर'' का विकल्प चुनना होगा। काम देने वाले व्यक्ति को अपना नाम, पता और आधार संबंधी विवरण दर्ज करना होगा। वहीं, श्रमिक आधार के माध्यम से पंजीकरण कर अपनी कार्य श्रेणी, जैसे कुशल या अकुशल, दर्ज करेंगे। इससे आवश्यकता के अनुरूप श्रमिक का चयन आसानी से किया जा सकेगा।
डिजिटल लेबर चौक एप विकसित किया गया है, जिस पर श्रमिकों का पूरा ब्यौरा दर्ज होगा। इससे श्रमिकों और काम देने वालों दोनों को सुविधा मिलेगी। — अभिषेक सिंह, श्रम प्रवर्तन अधिकारी
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अब तक भवन निर्माण, रंगाई-पुताई, बढ़ईगीरी समेत अन्य कार्यों के लिए मजदूरों की तलाश में लोगों को निर्धारित लेबर चौकों पर जाना पड़ता था। शहर के झुन्नूलाल चौराहा, गोराबाजार, नई सब्जी मंडी, खोवा मंडी और फुल्लनपुर रेलवे क्रॉसिंग पर प्रतिदिन सुबह मजदूर जुटते हैं, जहां काम देने वाले लोग मजदूरी तय कर उन्हें अपने साथ ले जाते हैं।
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डिजिटल लेबर चौक एप शुरू होने के बाद लोगों को यह प्रक्रिया ऑनलाइन उपलब्ध होगी। मोबाइल में एप डाउनलोड कर वे राजमिस्त्री, बढ़ई, पेंटर और अन्य कुशल-अकुशल श्रमिकों की जानकारी प्राप्त कर उनसे सीधे संपर्क कर सकेंगे। इससे श्रमिकों को नियमित रोजगार मिलने और लोगों का समय बचने की उम्मीद है।
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ऐसे होगा पंजीकरण
एप पर पंजीकरण के दौरान ''आई एम ए वर्कर'' या ''आई एम एन एंप्लॉयर'' का विकल्प चुनना होगा। काम देने वाले व्यक्ति को अपना नाम, पता और आधार संबंधी विवरण दर्ज करना होगा। वहीं, श्रमिक आधार के माध्यम से पंजीकरण कर अपनी कार्य श्रेणी, जैसे कुशल या अकुशल, दर्ज करेंगे। इससे आवश्यकता के अनुरूप श्रमिक का चयन आसानी से किया जा सकेगा।
डिजिटल लेबर चौक एप विकसित किया गया है, जिस पर श्रमिकों का पूरा ब्यौरा दर्ज होगा। इससे श्रमिकों और काम देने वालों दोनों को सुविधा मिलेगी। — अभिषेक सिंह, श्रम प्रवर्तन अधिकारी