{"_id":"6a5a8b7e320fca70c007b57e","slug":"order-issued-for-departmental-action-against-the-robertsganj-station-house-officer-ghazipur-news-c-313-1-svns1007-156233-2026-07-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghazipur News: रॉबर्ट्सगंज थाना प्रभारी निरीक्षक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई का आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghazipur News: रॉबर्ट्सगंज थाना प्रभारी निरीक्षक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई का आदेश
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अपर सत्र न्यायाधीश शक्ति सिंह ने शुक्रवार को सोनभद्र जनपद के रॉबर्ट्सगंज थाना प्रभारी निरीक्षक रामस्वरूप वर्मा के खिलाफ विभागीय कार्रवाई का आदेश सोनभद्र एसपी को दिया है। साथ ही नियत तिथि 23 जुलाई को कार्रवाई की जानकारी देने को कहा है।
वहीं, न्यायालय ने प्रभारी निरीक्षक के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस उपमहानिरीक्षक मिर्जापुर रेंज और अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी जोन को भी पत्र जारी करने का आदेश दिया है। प्रभारी निरीक्षक का पूरा बयान न होने से पत्रावली 17 वर्ष से लंबित चल रही है। न्यायालय ने कहा कि प्रभारी निरीक्षक थाना राबर्ट्सगंज साक्ष्य के लिए न तो व्यक्तिगत रूप से और न ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से उपस्थित हुए।
कुछ पुलिसकर्मियों की लापरवाही के कारण पत्रावली लंबित रहती हैं। प्रस्तुत पत्रावली वर्ष 2009 से लंबित है और अंतिम बयान 24 जुलाई 2019 को दर्ज हुआ था। इस साक्षी के बयान अंकन को अब लगभग सात वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन प्रभारी निरीक्षक का पूरा बयान अंकित नहीं हो पाया है और 17 वर्ष से यह पत्रावली लंबित चल रही है।
विज्ञापन
जबकि एसपी सोनभद्र द्वारा पूर्व में कई बार इस न्यायालय को पत्र प्रेषित कर साक्षी/प्रभारी निरीक्षक रामस्वरूप वर्मा का साक्ष्य जरिये वीसी दर्ज कराये जाने के लिए अनुरोध किया गया है।
न्यायालय ने प्रभारी निरीक्षक रामस्वरूप वर्मा को जरिये वीसी साक्ष्य अंकित कराये जाने के लिए कई बार अवसर दिए जा चुके हैं, लेकिन लगातार लापरवाही बरती जा रही है। वीसी के माध्यम से भी साक्ष्य के लिए उपस्थित नहीं हो रहे हैं।
साक्षी प्रभारी निरीक्षक को पक्ष रखने के लिए कोर्ट ने अंतिम अवसर दिया है। अगर प्रभारी निरीक्षक रामस्वरूप ने संतोषजनक उत्तर नहीं दिया तो अगले तिथि पर उनके विरुद्ध दंडादेश देंगे।
साथ ही प्रभारी निरीक्षक के वेतन आहरण पर भी जनवरी से रोक लगाई गई है। वरिष्ठ कोषाधिकारी सोनभद्र आख्या प्रस्तुत करें कि संबंधित को वेतन जारी किया गया है या नहीं। प्रभारी निरीक्षक द्वारा अपना वेतन आहरित किये जाने की आवश्यकता नहीं समझी गई है, तो उनके द्वारा किस प्रकार जीविकोपार्जन किया जा रहा है, यह भी जांच का विषय है।
विज्ञापन
वहीं, न्यायालय ने प्रभारी निरीक्षक के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस उपमहानिरीक्षक मिर्जापुर रेंज और अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी जोन को भी पत्र जारी करने का आदेश दिया है। प्रभारी निरीक्षक का पूरा बयान न होने से पत्रावली 17 वर्ष से लंबित चल रही है। न्यायालय ने कहा कि प्रभारी निरीक्षक थाना राबर्ट्सगंज साक्ष्य के लिए न तो व्यक्तिगत रूप से और न ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से उपस्थित हुए।
विज्ञापन
कुछ पुलिसकर्मियों की लापरवाही के कारण पत्रावली लंबित रहती हैं। प्रस्तुत पत्रावली वर्ष 2009 से लंबित है और अंतिम बयान 24 जुलाई 2019 को दर्ज हुआ था। इस साक्षी के बयान अंकन को अब लगभग सात वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन प्रभारी निरीक्षक का पूरा बयान अंकित नहीं हो पाया है और 17 वर्ष से यह पत्रावली लंबित चल रही है।
विज्ञापन
जबकि एसपी सोनभद्र द्वारा पूर्व में कई बार इस न्यायालय को पत्र प्रेषित कर साक्षी/प्रभारी निरीक्षक रामस्वरूप वर्मा का साक्ष्य जरिये वीसी दर्ज कराये जाने के लिए अनुरोध किया गया है।
न्यायालय ने प्रभारी निरीक्षक रामस्वरूप वर्मा को जरिये वीसी साक्ष्य अंकित कराये जाने के लिए कई बार अवसर दिए जा चुके हैं, लेकिन लगातार लापरवाही बरती जा रही है। वीसी के माध्यम से भी साक्ष्य के लिए उपस्थित नहीं हो रहे हैं।
साक्षी प्रभारी निरीक्षक को पक्ष रखने के लिए कोर्ट ने अंतिम अवसर दिया है। अगर प्रभारी निरीक्षक रामस्वरूप ने संतोषजनक उत्तर नहीं दिया तो अगले तिथि पर उनके विरुद्ध दंडादेश देंगे।
साथ ही प्रभारी निरीक्षक के वेतन आहरण पर भी जनवरी से रोक लगाई गई है। वरिष्ठ कोषाधिकारी सोनभद्र आख्या प्रस्तुत करें कि संबंधित को वेतन जारी किया गया है या नहीं। प्रभारी निरीक्षक द्वारा अपना वेतन आहरित किये जाने की आवश्यकता नहीं समझी गई है, तो उनके द्वारा किस प्रकार जीविकोपार्जन किया जा रहा है, यह भी जांच का विषय है।