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Ghazipur News: स्कूल खुलने के बाद तीन अध्यापक समय पर उपस्थित नहीं मिले
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। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों की समय से उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। स्थिति यह है कि कई स्कूल ऐसे हैं जहां अध्यापक समय से नहीं पहुंच रहे हैं जबकि स्कूल खुलने का समय सुबह साढ़े सात बजे है। ग्रामीण क्षेत्रों की कौन कहे इस तरह का नजारा शुक्रवार को विभागीय अधिकारियों के कार्यालयों के पास स्थित शहर के कुछ स्कूलों में देखने को मिला। दो अलग-अलग विद्यालयों में पड़ताल के दौरान तीन अध्यापक समय पर उपस्थित नहीं मिले।
परिषदीय विद्यालयों की तस्वीर बदलने के लिए जहां सरकार उसका कायाकल्प कर रही है वहीं प्राथमिक शिक्षा में गुणात्मक सुधार लाने और कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे इसके लिए लगातार प्रयास कर रही है। ग्रीष्मावकाश के बाद नया शैक्षणिक सत्र शुरू हुए एक पखवाड़ा से कुछ अधिक समय बीत गया है। स्कूलों में बच्चों की ज्यादा से ज्यादा उपस्थिति के साथ ही अध्यापकों की समय से उपस्थिति सुनिश्चित करने का सरकार का आदेश है लेकिन शिक्षकों के स्कूलों में लापरवाही बरतने के मामले प्राय: सामने आ रहे हैं। उनके देर से पहुंचने के कारण विद्यार्थियों को स्कूल खुलने का इंतजार करना पड़ता है। अध्यापकों के विलंब से आने या अनुपस्थित रहने के कारण छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। शुक्रवार को शहर के तीन विद्यालयों की हकीकत जानी गई तो स्कूल खुलने के निर्धारित समय साढ़े 7 बजे के कुछ देर बाद तक दो विद्यालयों में तीन अध्यापक नहीं पहुंचे थे। कंपोजिट विद्यालय रायगंज-2 में पूछने पर एक सहायक अध्यापक ने बताया कि प्राथमिक और उच्च प्राथमिक के नामांकित कुल 141 में प्राथमिक के 58 और उच्च प्राथमिक के 59 सहित कुल 117 बच्चे उपस्थित थे। यहां तीन अध्यापक उपस्थित थे जबकि एक शिक्षामित्र को अवकाश पर बताया गया। साफ-सफाई के बाद बच्चे प्रार्थना करते मिले। उच्च प्राथमिक विद्यालय विशेश्वरगंज (1-8) में विद्यालय निर्धारित समय पर खुलने पर कर्मचारी की ओर से सफाई की जा रही थी। बताया गया कि प्रधानाध्यापक सहित पांच अध्यापक एवं दो अनुदेशक हैं इनमें एक निर्धारित समय पर उपस्थित नहीं मिले। बताया गया कि विद्यालय में नामांकित 162 में 131 बच्चे उपस्थित हैं। प्राथमिक-उच्च प्राथमिक विद्यालय मिश्रौलिया में बच्चे प्रार्थना करते मिले। यहां 7.46 बजे तक पूछने पर पता चला कि दो शिक्षक नहीं पहुंचे थे। उनके जल्द विद्यालय आने की बात कही गई।
इनसेट
विद्यालय के गेट के पास नाली में घुसी पटिया
उच्च प्राथमिक विद्यालय विशेश्वरगंज (1-8) का गेट क्षतिग्रस्त होने के कारण बच्चे और शिक्षक बगल में स्थित छोटे गेट से आ-जा रहे हैं। इस गेट के पास पटिया नाली में घुस गई है। इससे बच्चों के साथ ही शिक्षकों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गिरकर चोट लगने का खतरा सता रहा है। विद्यालय के पास उत्पन्न इस समस्या को लेकर किसी स्तर से ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
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एक कमरे में हो रहा कक्षा का संचालन
उच्च प्राथमिक विद्यालय मिश्रौलिया के परिसर में ही प्राथमिक विद्यालय भी संचालित है। एक शिक्षिका ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय के भवन की हालत खराब होने के कारण परिसर के एक कक्ष में कक्षा का संचालन किया जा रहा है। इसमें 79 बच्चे नामांकित हैं। किसी तरह पढ़ाई कराई जा रही है।
अध्यापकों को विद्यालय में समय से उपस्थित रहकर पठन-पाठन कराने का निर्देश दिया गया है। शिकायत मिलने पर विलंब से विद्यालय पहुंचने वाले अध्यापकों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।- उपासना रानी वर्मा, बीएसए
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परिषदीय विद्यालयों की तस्वीर बदलने के लिए जहां सरकार उसका कायाकल्प कर रही है वहीं प्राथमिक शिक्षा में गुणात्मक सुधार लाने और कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे इसके लिए लगातार प्रयास कर रही है। ग्रीष्मावकाश के बाद नया शैक्षणिक सत्र शुरू हुए एक पखवाड़ा से कुछ अधिक समय बीत गया है। स्कूलों में बच्चों की ज्यादा से ज्यादा उपस्थिति के साथ ही अध्यापकों की समय से उपस्थिति सुनिश्चित करने का सरकार का आदेश है लेकिन शिक्षकों के स्कूलों में लापरवाही बरतने के मामले प्राय: सामने आ रहे हैं। उनके देर से पहुंचने के कारण विद्यार्थियों को स्कूल खुलने का इंतजार करना पड़ता है। अध्यापकों के विलंब से आने या अनुपस्थित रहने के कारण छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। शुक्रवार को शहर के तीन विद्यालयों की हकीकत जानी गई तो स्कूल खुलने के निर्धारित समय साढ़े 7 बजे के कुछ देर बाद तक दो विद्यालयों में तीन अध्यापक नहीं पहुंचे थे। कंपोजिट विद्यालय रायगंज-2 में पूछने पर एक सहायक अध्यापक ने बताया कि प्राथमिक और उच्च प्राथमिक के नामांकित कुल 141 में प्राथमिक के 58 और उच्च प्राथमिक के 59 सहित कुल 117 बच्चे उपस्थित थे। यहां तीन अध्यापक उपस्थित थे जबकि एक शिक्षामित्र को अवकाश पर बताया गया। साफ-सफाई के बाद बच्चे प्रार्थना करते मिले। उच्च प्राथमिक विद्यालय विशेश्वरगंज (1-8) में विद्यालय निर्धारित समय पर खुलने पर कर्मचारी की ओर से सफाई की जा रही थी। बताया गया कि प्रधानाध्यापक सहित पांच अध्यापक एवं दो अनुदेशक हैं इनमें एक निर्धारित समय पर उपस्थित नहीं मिले। बताया गया कि विद्यालय में नामांकित 162 में 131 बच्चे उपस्थित हैं। प्राथमिक-उच्च प्राथमिक विद्यालय मिश्रौलिया में बच्चे प्रार्थना करते मिले। यहां 7.46 बजे तक पूछने पर पता चला कि दो शिक्षक नहीं पहुंचे थे। उनके जल्द विद्यालय आने की बात कही गई।
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विद्यालय के गेट के पास नाली में घुसी पटिया
उच्च प्राथमिक विद्यालय विशेश्वरगंज (1-8) का गेट क्षतिग्रस्त होने के कारण बच्चे और शिक्षक बगल में स्थित छोटे गेट से आ-जा रहे हैं। इस गेट के पास पटिया नाली में घुस गई है। इससे बच्चों के साथ ही शिक्षकों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गिरकर चोट लगने का खतरा सता रहा है। विद्यालय के पास उत्पन्न इस समस्या को लेकर किसी स्तर से ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
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एक कमरे में हो रहा कक्षा का संचालन
उच्च प्राथमिक विद्यालय मिश्रौलिया के परिसर में ही प्राथमिक विद्यालय भी संचालित है। एक शिक्षिका ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय के भवन की हालत खराब होने के कारण परिसर के एक कक्ष में कक्षा का संचालन किया जा रहा है। इसमें 79 बच्चे नामांकित हैं। किसी तरह पढ़ाई कराई जा रही है।
अध्यापकों को विद्यालय में समय से उपस्थित रहकर पठन-पाठन कराने का निर्देश दिया गया है। शिकायत मिलने पर विलंब से विद्यालय पहुंचने वाले अध्यापकों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।- उपासना रानी वर्मा, बीएसए