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Ghazipur News: करंट से किशोर की मौत, पुलिस को शव लेने से तीन घंटे रोका
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रेवतीपुर थाना के उतरौली गांव के सलिमपुर डेरा के पास हाईटेंशन तार की चपेट में आने से जान मोहम्मद
- फोटो : सांकेतिक
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रेवतीपुर। उतरौली गांव के सलिमपुर डेरा के पास चचेरे भाई के बरछा कार्यक्रम में टेंट लगाते समय हाईटेंशन तार के करंट से से जान मोहम्मद (16) की मौत हो गई। घटना से आक्रोशित ग्रामीण व परिजन तार हटाने की मांग करने लगे और पुलिस को शव लेने से रोेक दिया। रेवतीपुर थानाध्यक्ष के आश्वासन पर के तीन घंटे बाद शाम चार बजे पुलिस शव लेने में सफल हो सकी।
थानाध्यक्ष राजू दिवाकर ने बताया कि जान मोहम्मद के बड़े पिता के पुत्र शेरू का बरछा था। दोपहर करीब एक जान मोहम्मद घर के बाहर टेंट लगा रहा था। इधर, टेंट का पाइप अचानक ऊपर से गुजरे हाईटेंशन तार के संपर्क में आ गया। इससे जान मोहम्मद की मौके पर ही झुलसकर मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार की महिलाएं रोने लगीं। मां मीना खातून बिलखते-बिलखते बेसुध हो गईं। पिता कलीम ने बताया कि जान मोहम्मद तीन भाइयों में सबसे छोटा था। वह नवली इंटर कॉलेज में कक्षा आठ का छात्र था। इधर, घटना की जानकारी होते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और कागजी कार्रवाई करने के बाद शव लेने का प्रयास करने लगी, लेकिन परिजनों और ग्रामीणों ने रोक दिया।
ग्रामीण हाईटेंशन तार हटवाने और मुआवजे की मांग करने लगे। पुलिस कर्मियों ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी। थानाध्यक्ष राजू दिवाकर ने परिजनों और ग्रामीणों को समझाने के साथ कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद मामला शांत हुआ। शाम करीब चार बजे पुलिस शव लेकर थाने पहुंची। थानाध्यक्ष राजू दिवाकर ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। परिजनों की तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई होगी।
मातम में तब्दील हो गईं खुशियां
रेवतीपुर। जान मोहम्मद की मौत की जानकारी मिलते ही दरवाजे पर भीड़ लग गई। दोपहर में बरछा के लिए लोग जुटे हुए थे। घर में मंगलगीत गाए जा रहे थे। अचानक हादसे से खुशियां मातम में बदल गईं। ग्रामीण परिजनों को सांत्वना देने में जुटे हुए थे।
मजदूरी करते हैं पिता
रेवतीपुर। पिता कलीम ईंट भट्टे पर मजदूरी करके परिवार का जीविकापार्जन करते हैं। जबकि उनके दो पुत्र भी मजदूरी करके पिता का सहयोग करते हैं। ऐसे में जान मोहम्मद की मौत से पूरा परिवार टूट गया है। परिजन एक-दूसरे को सांत्वना देकर किसी तरह शांत हो रहे हैं, परिजनों की यह स्थिति देखकर ग्रामीणों की आंख भर जा रही थीं।
15 फीट ऊपर से गुजरे हैं तार
रेवतीपुर। पिता कलीम और अन्य ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि जमीन से मात्र 15 फीट ऊपर से हाईटेंशन तार गुजरे हैं जो हादसे का प्रमुख कारण बना है। कई बार बिजली निगम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अवगत कराया गया। बावजूद इसके हाईटेंशन तार हटाने के लिए ठोस कदम नहीं उठाया गया।
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थानाध्यक्ष राजू दिवाकर ने बताया कि जान मोहम्मद के बड़े पिता के पुत्र शेरू का बरछा था। दोपहर करीब एक जान मोहम्मद घर के बाहर टेंट लगा रहा था। इधर, टेंट का पाइप अचानक ऊपर से गुजरे हाईटेंशन तार के संपर्क में आ गया। इससे जान मोहम्मद की मौके पर ही झुलसकर मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार की महिलाएं रोने लगीं। मां मीना खातून बिलखते-बिलखते बेसुध हो गईं। पिता कलीम ने बताया कि जान मोहम्मद तीन भाइयों में सबसे छोटा था। वह नवली इंटर कॉलेज में कक्षा आठ का छात्र था। इधर, घटना की जानकारी होते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और कागजी कार्रवाई करने के बाद शव लेने का प्रयास करने लगी, लेकिन परिजनों और ग्रामीणों ने रोक दिया।
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ग्रामीण हाईटेंशन तार हटवाने और मुआवजे की मांग करने लगे। पुलिस कर्मियों ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी। थानाध्यक्ष राजू दिवाकर ने परिजनों और ग्रामीणों को समझाने के साथ कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद मामला शांत हुआ। शाम करीब चार बजे पुलिस शव लेकर थाने पहुंची। थानाध्यक्ष राजू दिवाकर ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। परिजनों की तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई होगी।
मातम में तब्दील हो गईं खुशियां
रेवतीपुर। जान मोहम्मद की मौत की जानकारी मिलते ही दरवाजे पर भीड़ लग गई। दोपहर में बरछा के लिए लोग जुटे हुए थे। घर में मंगलगीत गाए जा रहे थे। अचानक हादसे से खुशियां मातम में बदल गईं। ग्रामीण परिजनों को सांत्वना देने में जुटे हुए थे।
मजदूरी करते हैं पिता
रेवतीपुर। पिता कलीम ईंट भट्टे पर मजदूरी करके परिवार का जीविकापार्जन करते हैं। जबकि उनके दो पुत्र भी मजदूरी करके पिता का सहयोग करते हैं। ऐसे में जान मोहम्मद की मौत से पूरा परिवार टूट गया है। परिजन एक-दूसरे को सांत्वना देकर किसी तरह शांत हो रहे हैं, परिजनों की यह स्थिति देखकर ग्रामीणों की आंख भर जा रही थीं।
15 फीट ऊपर से गुजरे हैं तार
रेवतीपुर। पिता कलीम और अन्य ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि जमीन से मात्र 15 फीट ऊपर से हाईटेंशन तार गुजरे हैं जो हादसे का प्रमुख कारण बना है। कई बार बिजली निगम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अवगत कराया गया। बावजूद इसके हाईटेंशन तार हटाने के लिए ठोस कदम नहीं उठाया गया।