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Ghazipur News: बच्चों के सिर से उठा दादी और मां का साया, 12 घरों में नहीं जले चूल्हे
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गंभीरिया हैदरगंज गांव में मृतका राजेश्वरी देवी व रिंकू शोककुल परिजन व आस पड़ोस की महिलाएं। संवा
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मरदह। भवानीपुर गांव के पास वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन मार्ग पर कार के धक्के से मंगलवार की रात बाइक सवार सास-बहू सहित तीन की मौत सेे दो परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मासूमों के सिर से दादी और मां का साया उठ गया।
गंभीरिया बिजौरा और सिपाही का पूरा हैदरगंज में 12 घरों में हादसे के दूसरे दिन बुधवार को भी चूल्हे नहीं जले। परिजनों के रोने-बिलखने से ग्रामीणों का कलेजा फटा जा रहा था। गंभीरिया हैदरगंज गांव निवासी रीना ने बताया कि मां राजेश्वरी देवी और भाभी रिंकू देवी बीते 15 मार्च की शाम पट्टीदारों से दरवाजे पर कूड़ा-कचरा फेंकने के मामले में हुए मारपीट विवाद को लेकर थाने गई थीं। पुलिस ने 16 मार्च को राजेश्वरी देवी की तहरीर पर छह पट्टीदारों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। इकलौता भाई बबलू राम हैदराबाद में ट्रक चलाकर जीविकोपार्जन करता है।
पिता के निधन के बाद घर पर सिर्फ मां, भाभी और दो वर्षीय पुत्र आर्यन व चार वर्षीय पुत्री रागिनी के साथ रहती थीं। रीना देवी ने बताया कि वह ससुराल से सुबह ही मायके आई थीं। घटना की जानकारी मिलते ही भाई बबलू हैदराबाद से गांव रवाना हो गया है। थानाध्यक्ष तारावती यादव ने बताया कि मृतक सत्येंद्र राम के चाचा नेहरू राम की तहरीर पर अज्ञात चालक पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है। सत्येंद्र के साथ ही सास-बहू का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सुपूर्द कर दिया गया।
तो उजड़ जाता परिवार
मरदह। सड़क हादसे के बाद गंभीरिया बिजौरा गांव में मातम पसरा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि रीना सुबह मायके नहीं आई होती तो रिंकू देवी दोनों बच्चों को भी साथ ले गई होतीं, जिससे बड़ा हादसा हो सकता था। दोनों मासूमों के सिर से मां-दादी का साया उठ गया है।
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गंभीरिया बिजौरा और सिपाही का पूरा हैदरगंज में 12 घरों में हादसे के दूसरे दिन बुधवार को भी चूल्हे नहीं जले। परिजनों के रोने-बिलखने से ग्रामीणों का कलेजा फटा जा रहा था। गंभीरिया हैदरगंज गांव निवासी रीना ने बताया कि मां राजेश्वरी देवी और भाभी रिंकू देवी बीते 15 मार्च की शाम पट्टीदारों से दरवाजे पर कूड़ा-कचरा फेंकने के मामले में हुए मारपीट विवाद को लेकर थाने गई थीं। पुलिस ने 16 मार्च को राजेश्वरी देवी की तहरीर पर छह पट्टीदारों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। इकलौता भाई बबलू राम हैदराबाद में ट्रक चलाकर जीविकोपार्जन करता है।
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पिता के निधन के बाद घर पर सिर्फ मां, भाभी और दो वर्षीय पुत्र आर्यन व चार वर्षीय पुत्री रागिनी के साथ रहती थीं। रीना देवी ने बताया कि वह ससुराल से सुबह ही मायके आई थीं। घटना की जानकारी मिलते ही भाई बबलू हैदराबाद से गांव रवाना हो गया है। थानाध्यक्ष तारावती यादव ने बताया कि मृतक सत्येंद्र राम के चाचा नेहरू राम की तहरीर पर अज्ञात चालक पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है। सत्येंद्र के साथ ही सास-बहू का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सुपूर्द कर दिया गया।
तो उजड़ जाता परिवार
मरदह। सड़क हादसे के बाद गंभीरिया बिजौरा गांव में मातम पसरा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि रीना सुबह मायके नहीं आई होती तो रिंकू देवी दोनों बच्चों को भी साथ ले गई होतीं, जिससे बड़ा हादसा हो सकता था। दोनों मासूमों के सिर से मां-दादी का साया उठ गया है।