{"_id":"6a873d41621eb0ca1a08752f","slug":"congresss-path-is-unclear-brij-bhushan-gonda-news-c-100-1-slko1026-164686-2026-08-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"कांग्रेस का रास्ता स्पष्ट नहीं : बृजभूषण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कांग्रेस का रास्ता स्पष्ट नहीं : बृजभूषण
Thu, 20 Aug 2026 11:15 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Thu, 20 Aug 2026 11:15 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोंडा। पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने बृहस्पतिवार दोपहर नवाबगंज के विश्नोहरपुर स्थित आवास पर जनसुनवाई की। गोंडा समेत आसपास के जिलों से पहुंचे लोगों ने उन्हें समस्याएं बताईं। पूर्व सांसद ने संबंधित अधिकारियों से फोन पर बात कर समस्याओं का समाधान करने को कहा।
जनसुनवाई के बाद मीडिया से बातचीत में बृजभूषण ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 1949 में रामलला की मूर्ति रखने के समय कांग्रेस की सरकार थी। मंदिर का ताला भी कांग्रेस के शासनकाल में खुला।
राजीव गांधी के समय मंदिर के शिलान्यास की शुरुआत हुई थी। ऐसे में अब कांग्रेस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि जिस मंदिर की शुरुआत और पूजा की प्रक्रिया उसके शासनकाल में हुई, बाद में उसी का विरोध क्यों किया गया। कहा कि कांग्रेस का रास्ता स्पष्ट नहीं है और वह गंभीर मुद्दों पर ऐसा रुख अपनाती है, जिससे बहुसंख्यक समाज को ठेस पहुंचती है। (संवाद)
विज्ञापन
विज्ञापन
जनसुनवाई के बाद मीडिया से बातचीत में बृजभूषण ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 1949 में रामलला की मूर्ति रखने के समय कांग्रेस की सरकार थी। मंदिर का ताला भी कांग्रेस के शासनकाल में खुला।
विज्ञापन
राजीव गांधी के समय मंदिर के शिलान्यास की शुरुआत हुई थी। ऐसे में अब कांग्रेस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि जिस मंदिर की शुरुआत और पूजा की प्रक्रिया उसके शासनकाल में हुई, बाद में उसी का विरोध क्यों किया गया। कहा कि कांग्रेस का रास्ता स्पष्ट नहीं है और वह गंभीर मुद्दों पर ऐसा रुख अपनाती है, जिससे बहुसंख्यक समाज को ठेस पहुंचती है। (संवाद)
विज्ञापन