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Gonda News: खतरे के निशान से छह सेमी नीचे सरयू
Tue, 04 Aug 2026 10:48 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Tue, 04 Aug 2026 10:48 PM IST
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कटान करती सरयू नदी।
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करनैलगंज/विश्नोहरपुर। सरयू नदी का जलस्तर मंगलवार को फिर बढ़ने लगा। शाम चार बजे एल्गिन ब्रिज पर जलस्तर 106.010 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 106.070 मीटर से मात्र छह सेंटीमीटर नीचे है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। अयोध्या में जलस्तर 92.390 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 34 सेंटीमीटर नीचे है।
मंगलवार शाम विभिन्न बैराजों से कुल 2,67,241 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसमें गिरिजा बैराज से 1,34,435 क्यूसेक, शारदा बैराज से 1,31,337 क्यूसेक और सरयू बैराज से 1,469 क्यूसेक पानी शामिल है। बढ़ते डिस्चार्ज को देखते हुए बाढ़ खंड और प्रशासन ने तटवर्ती गांवों की निगरानी बढ़ा दी है तथा ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
बाढ़ खंड के सहायक अभियंता पंकज कुमार आर्य ने बताया कि पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के कारण जलस्तर बढ़ रहा है। विभाग लगातार निगरानी कर रहा है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारी पूरी है।
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कटान से परेशान किसानों का प्रदर्शन
विश्नोहरपुर क्षेत्र के माझाराठ गांव में कटान से परेशान किसानों ने प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि करीब 300 बीघा कृषि भूमि सरयू में समा चुकी है, जबकि पहले भी 200 बीघा भूमि कट चुकी थी। किसानों ने मुआवजा दिलाने और खेतों तक पहुंचने के लिए सरकारी नाव उपलब्ध कराने की मांग की। हल्का लेखपाल संतोष श्रीवास्तव ने बताया कि मौके का आकलन कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई होगी।
छह परिवार हुए बेघर
दत्तनगर गांव के बाणी माझा मजरे में कटान से छह परिवार बेघर हो चुके हैं। पिछले दो वर्षों में करीब एक दर्जन परिवार विस्थापित हुए हैं। मंगलवार को भी दो परिवार अपने कच्चे मकान हटाकर सामान सुरक्षित स्थान पर ले जाते नजर आए। प्रभावित परिवार सड़क किनारे झोपड़ियां बनाकर या रिश्तेदारों के यहां रहने को मजबूर हैं।
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मंगलवार शाम विभिन्न बैराजों से कुल 2,67,241 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसमें गिरिजा बैराज से 1,34,435 क्यूसेक, शारदा बैराज से 1,31,337 क्यूसेक और सरयू बैराज से 1,469 क्यूसेक पानी शामिल है। बढ़ते डिस्चार्ज को देखते हुए बाढ़ खंड और प्रशासन ने तटवर्ती गांवों की निगरानी बढ़ा दी है तथा ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
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बाढ़ खंड के सहायक अभियंता पंकज कुमार आर्य ने बताया कि पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के कारण जलस्तर बढ़ रहा है। विभाग लगातार निगरानी कर रहा है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारी पूरी है।
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कटान से परेशान किसानों का प्रदर्शन
विश्नोहरपुर क्षेत्र के माझाराठ गांव में कटान से परेशान किसानों ने प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि करीब 300 बीघा कृषि भूमि सरयू में समा चुकी है, जबकि पहले भी 200 बीघा भूमि कट चुकी थी। किसानों ने मुआवजा दिलाने और खेतों तक पहुंचने के लिए सरकारी नाव उपलब्ध कराने की मांग की। हल्का लेखपाल संतोष श्रीवास्तव ने बताया कि मौके का आकलन कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई होगी।
छह परिवार हुए बेघर
दत्तनगर गांव के बाणी माझा मजरे में कटान से छह परिवार बेघर हो चुके हैं। पिछले दो वर्षों में करीब एक दर्जन परिवार विस्थापित हुए हैं। मंगलवार को भी दो परिवार अपने कच्चे मकान हटाकर सामान सुरक्षित स्थान पर ले जाते नजर आए। प्रभावित परिवार सड़क किनारे झोपड़ियां बनाकर या रिश्तेदारों के यहां रहने को मजबूर हैं।