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Gonda News: महिला की फरियाद पर तुरंत सक्रिय हुआ प्रशासन
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Mon, 16 Mar 2026 11:15 PM IST
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आयुक्त कार्यालय पर तहसीलदार को फरियादी का रास्ता खुलवाने का निर्देश देतीं अपर आयुक्त मीनू राणा।
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गोंडा। दो साल से अपने घर के रास्ते के लिए संघर्ष कर रहीं सुतई पुरवा रामनगर तरहर निवासी सूर्यकला को सोमवार को उस समय राहत की उम्मीद दिखी, जब मां पाटेश्वरी देवी शक्ति संवाद में उन्होंने रोते-रोते अधिकारियों के सामने अपनी पीड़ा रखी। उनकी व्यथा सुनकर अधिकारी भी भावुक हो गईं और नायब तहसीलदार की टीम भेजकर रास्ता खुलवाने की प्रक्रिया शुरू कराने के निर्देश दिए।
आयुक्त सभागार में आयोजित संवाद कार्यक्रम में पहुंचीं सूर्यकला ने अपर आयुक्त मीनू राणा से कहा कि गांव के कुछ दबंगों ने दो साल से उनके घर को जाने वाला सार्वजनिक रास्ता बंद कर रखा है। इसके कारण उन्हें घर के पीछे की गली से लंबा चक्कर लगाकर आना-जाना पड़ता है। अपनी बात कहते-कहते सूर्यकला की आंखों से आंसू छलक पड़े। उनके साथ आईं बहुएं किरन और सुशीला देवी भी भावुक हो गईं। उन्होंने बताया कि इस मामले की शिकायत कई बार अधिकारियों से की गई और राजस्वकर्मी भी गांव पहुंचे, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी।
सूर्यकला की पीड़ा सुनकर अपर आयुक्त मीनू राणा ने तुरंत तहसीलदार मनीष कुमार को फोन कर सभागार में तलब किया। करीब सात मिनट में पहुंचे तहसीलदार को उन्होंने मौके पर टीम भेजकर रास्ता खुलवाने के निर्देश दिए। तहसीलदार ने पहले लेखपाल को भेजने की बात कही, जिस पर अपर आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सिर्फ लेखपाल नहीं बल्कि नायब तहसीलदार को मौके पर भेजकर मामले का समाधान कराया जाए।
कार्यक्रम में फुलझरा देवी, विनीता सिंह और पुष्पा देवी सहित चार अन्य महिलाओं के प्रार्थनापत्रों पर भी सुनवाई की गई। कार्यक्रम में जिला उद्यान अधिकारी रश्मि शर्मा, वन स्टॉप सेंटर की प्रभारी चेतना सिंह आदि मौजूद रहीं।
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आयुक्त सभागार में आयोजित संवाद कार्यक्रम में पहुंचीं सूर्यकला ने अपर आयुक्त मीनू राणा से कहा कि गांव के कुछ दबंगों ने दो साल से उनके घर को जाने वाला सार्वजनिक रास्ता बंद कर रखा है। इसके कारण उन्हें घर के पीछे की गली से लंबा चक्कर लगाकर आना-जाना पड़ता है। अपनी बात कहते-कहते सूर्यकला की आंखों से आंसू छलक पड़े। उनके साथ आईं बहुएं किरन और सुशीला देवी भी भावुक हो गईं। उन्होंने बताया कि इस मामले की शिकायत कई बार अधिकारियों से की गई और राजस्वकर्मी भी गांव पहुंचे, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी।
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सूर्यकला की पीड़ा सुनकर अपर आयुक्त मीनू राणा ने तुरंत तहसीलदार मनीष कुमार को फोन कर सभागार में तलब किया। करीब सात मिनट में पहुंचे तहसीलदार को उन्होंने मौके पर टीम भेजकर रास्ता खुलवाने के निर्देश दिए। तहसीलदार ने पहले लेखपाल को भेजने की बात कही, जिस पर अपर आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सिर्फ लेखपाल नहीं बल्कि नायब तहसीलदार को मौके पर भेजकर मामले का समाधान कराया जाए।
कार्यक्रम में फुलझरा देवी, विनीता सिंह और पुष्पा देवी सहित चार अन्य महिलाओं के प्रार्थनापत्रों पर भी सुनवाई की गई। कार्यक्रम में जिला उद्यान अधिकारी रश्मि शर्मा, वन स्टॉप सेंटर की प्रभारी चेतना सिंह आदि मौजूद रहीं।