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Gonda News: मौसम का बदला मिजाज, फसल सहेज रहे किसान
Wed, 28 Oct 2026 11:08 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Wed, 28 Oct 2026 11:08 PM IST
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खेताें में फसल समेटते किसान व शहर में छाए रहे बादल। संवाद
गोंडा। मौसम का मिजाज बुधवार सुबह बदल गया। सुबह से बादल छाए रहे और बीच-बीच में कुछ देर के लिए धूप निकली। बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहे चक्रवाती मौसम तंत्र के प्रभाव से 29 और 30 अक्तूबर को तेज हवा और बारिश की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन और कृषि विभाग ने एडवाइजरी जारी की है। चेतावनी के बाद किसान कटी धान की फसल समेटने और मड़ाई कराने में जुटे हैं।
रमईपुर के टिंकल ने बताया कि मौसम खराब होने की आशंका के चलते धान को इकट्ठा कर रहे हैं, ताकि समय से मड़ाई कराकर उपज सुरक्षित निकाल सकें। डोमाकल्पी के मंगल ने बताया कि पिछले महीने पांच दिन तक चक्रवाती मौसम के कारण उनकी फसल नष्ट हो गई थी। अब बची हुई फसल पर भी संकट मंडरा रहा है।
जिला कृषि अधिकारी सीपी सिंह ने बताया कि 29 और 30 अक्तूबर को 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने और बारिश की आशंका है। किसानों को सलाह दी गई है कि कटी फसल खलिहान में न छोड़ें और 80 प्रतिशत तक पक चुकी फसल की कटाई तत्काल कर लें। रबी फसलों की बोआई 31 अक्तूबर तक टालने की सलाह दी गई है। उन्होंने कहा कि मेघ गर्जन के दौरान किसान खेतों में न जाएं और पशुओं को भी सुरक्षित स्थान पर रखें। प्रशासन ने लोगों से मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने और एहतियात बरतने की अपील की है।
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प्रशासन ने विभागों को किया अलर्ट
मौसम विभाग की चेतावनी के बाद डीएम प्रियंका निरंजन ने राजस्व, बिजली, कृषि, स्वास्थ्य, पुलिस, लोक निर्माण और अन्य संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। जलभराव वाले स्थानों और संवेदनशील गांवों की पहचान कर नियंत्रण कक्ष सक्रिय रखने को कहा गया है। बिजली के तारों और खंभों की सुरक्षा जांचने, नालों की सफाई तथा जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं। पेड़ गिरने या रास्ते बाधित होने की स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए भी संबंधित विभागों को तैयार रहने को कहा गया है।
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रमईपुर के टिंकल ने बताया कि मौसम खराब होने की आशंका के चलते धान को इकट्ठा कर रहे हैं, ताकि समय से मड़ाई कराकर उपज सुरक्षित निकाल सकें। डोमाकल्पी के मंगल ने बताया कि पिछले महीने पांच दिन तक चक्रवाती मौसम के कारण उनकी फसल नष्ट हो गई थी। अब बची हुई फसल पर भी संकट मंडरा रहा है।
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जिला कृषि अधिकारी सीपी सिंह ने बताया कि 29 और 30 अक्तूबर को 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने और बारिश की आशंका है। किसानों को सलाह दी गई है कि कटी फसल खलिहान में न छोड़ें और 80 प्रतिशत तक पक चुकी फसल की कटाई तत्काल कर लें। रबी फसलों की बोआई 31 अक्तूबर तक टालने की सलाह दी गई है। उन्होंने कहा कि मेघ गर्जन के दौरान किसान खेतों में न जाएं और पशुओं को भी सुरक्षित स्थान पर रखें। प्रशासन ने लोगों से मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने और एहतियात बरतने की अपील की है।
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प्रशासन ने विभागों को किया अलर्ट
मौसम विभाग की चेतावनी के बाद डीएम प्रियंका निरंजन ने राजस्व, बिजली, कृषि, स्वास्थ्य, पुलिस, लोक निर्माण और अन्य संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। जलभराव वाले स्थानों और संवेदनशील गांवों की पहचान कर नियंत्रण कक्ष सक्रिय रखने को कहा गया है। बिजली के तारों और खंभों की सुरक्षा जांचने, नालों की सफाई तथा जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं। पेड़ गिरने या रास्ते बाधित होने की स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए भी संबंधित विभागों को तैयार रहने को कहा गया है।

खेताें में फसल समेटते किसान व शहर में छाए रहे बादल। संवाद

खेताें में फसल समेटते किसान व शहर में छाए रहे बादल। संवाद