महोबा। बुंदेलखंड की पठारी धरती पर आसमान से बरस रही आग के बीच मंगलवार को मौसम का अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भीषण गर्मी से लू और डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ा है। गर्मी से लोग पूरे दिन बेहाल रहे। मौसम विभाग ने आगामी तीन दिन लू का अलर्ट जारी किया है।
पिछले एक सप्ताह से गर्मी का सितम जारी है। बढ़ते तापमान के साथ ही गर्मी ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। मंगलवार को सुबह से मौसम की बेरुखी देखने को मिली। अधिकतम तापमान 42 डिग्री जबकि न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आर्द्रता 11 फीसदी व हवाओं की रफ्तार 16 किमी प्रति घंटा दर्ज की गई। कृषि विज्ञान केंद्र बेलाताल के वरिष्ठ वैज्ञानिक रजनीश मिश्रा ने बताया कि आगामी तीन दिनों तक गर्म पछुआ हवाएं लोगों को सताएंगी। सूखी गर्मी के कारण डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ गया है। दोपहर के समय बेवजह बाहर नहीं निकलना चाहिए।
एडीएम कुंवर पंकज ने बताया कि केंद्र सरकार पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, भारत मौसम विज्ञान विभाग व राज्य मौसम पूर्वानुमान केंद्र लखनऊ के मौसम पूर्वानुमान से सूचना मिली है कि 22 से 24 अप्रैल तक जनपद में उष्ण लहर चलने की संभावना है। लू असामान्य रूप से उच्चतम तापमान की अवधि है जब तापमान सामान्य तापमान से अधिक दर्ज किया जाता है। उच्च आर्द्रता और वायु मंडलीय परिस्थितियों से उच्च तापमान लोगों को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करता है। इससे शरीर में पानी की कमी व ऐंठन की शिकायत आती है। लू से वृद्ध, बच्चे, गर्भवती महिलाएं, बीमार, मजदूर, गरीब, दुर्बल और निराश्रित लोग अधिक प्रभावित होते है। लू से बचाव के लिए विशेषकर दोपहर 12 से तीन बजे के बीच बाहर जाने से बचें। हल्के रंग के ढीले-ढाले व सूती कपड़े पहनें। धूप में निकलते समय अपना सिर ढक कर रखें, कपड़े, टोपी या छाता का उपयोग करें। पर्याप्त और नियमित अंतराल में पानी पीते रहें।
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