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Hamirpur News: अतिवृष्टि से तिल की फसलें चौपट, सर्वे का इंतजार
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फोटो 20 एचएएमपी 19- सुमेरपुर के पलरा मौजा में तिल की फसल में भरा बारिश का पानी। स्रोत- किसान
भरुआ सुमेरपुर। एक माह से ज्यादा समय तक हुई मूसलाधार बारिश ने खरीफ में बोई धान फसल को छोड़कर अन्य फसलों को भारी नुकसान हुआ है। मौसम के साफ होते ही किसानों ने फसलों का नुकसान देखकर माथा पीट रहे हैं। वहीं अभी तक अतिवृष्टि से हुए नुकसान का जिला प्रशासन ने अभी तक किसी तरह का सर्वे नहीं कराया है। इससे किसानों में शासन-प्रशासन के खिलाफ आक्रोश पनप रहा है।
क्षेत्र भर में एक माह से अधिक समय से लगातार हुई बारिश से खरीफ में सर्वाधिक नुकसान तिल की फसल को पहुंचा है। ब्लॉक के बांकी, बांक, नदेहरा, पलरा, इंगोहटा, बिदोखर पुरई, बंडा, मवई जार, बिदोखर मेंदनी, चंदौलीजार, कलका पुरवा, खड़ेहीजार, कलौलीजार, कल्ला, अतरार, छानी खुर्द, छानी बुजुर्ग, स्वासा बुजुर्ग, स्वासा खुर्द, कुंडौरा, नरायनपुर, उजनेडी, दरियापुर, पौथिया आदि गांवों में तिल की फसल को करारा झटका लगा है। हजारों बीघे तिल की फसल खेतों में पानी भर जाने से सड़कर नष्ट हो गई है।
किसानों के अनुसार, करीब पांच करोड़ रुपये की फसल का नुकसान हुआ है। बारिश से क्षतिग्रस्त हुई फसलों का सर्वे आज तक नहीं कराया गया है। अब मौसम साफ हुआ है। जल्द ही खेतों की जुताई शुरू होगी। अगर समय पर सर्वे नहीं कराया गया तो मुआवजा से वंचित हो जाएंगे।
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भाकियू नेता संतोष सिंह का आरोप है कि प्रशासन जानबूझकर किसानों के नुकसान का सर्वे नहीं कर रहा है। कहा कि वह बारिश से हुए नुकसान का सर्वे नहीं कराये जाने की शिकायत मुख्यमंत्री से करके किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग करेंगे।
सर्वे टीम बनी हुई है। इसमें कृषि विभाग, राजस्व विभाग के साथ फसल बीमा कंपनी के कर्मी शामिल हैं। जिन किसानों ने खरीफ में तिल, उड़द, ज्वार , अरहर आदि फसलों का बीमा कराया है। उन्हें फसल बीमा का लाभ मिलेगा।- डॉ. प्रमोद कुमार, उप कृषि निदेशक।
फसलाें का सर्वे कराए जाने के लिए राजस्व व फसल बीमा कंपनी की ज्वाइंट टीमें बनाई गई हैं। टीमें सर्वे कार्य कर रही हैं। -अभिषेक कुमार, सदर एसडीएम।
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क्षेत्र भर में एक माह से अधिक समय से लगातार हुई बारिश से खरीफ में सर्वाधिक नुकसान तिल की फसल को पहुंचा है। ब्लॉक के बांकी, बांक, नदेहरा, पलरा, इंगोहटा, बिदोखर पुरई, बंडा, मवई जार, बिदोखर मेंदनी, चंदौलीजार, कलका पुरवा, खड़ेहीजार, कलौलीजार, कल्ला, अतरार, छानी खुर्द, छानी बुजुर्ग, स्वासा बुजुर्ग, स्वासा खुर्द, कुंडौरा, नरायनपुर, उजनेडी, दरियापुर, पौथिया आदि गांवों में तिल की फसल को करारा झटका लगा है। हजारों बीघे तिल की फसल खेतों में पानी भर जाने से सड़कर नष्ट हो गई है।
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किसानों के अनुसार, करीब पांच करोड़ रुपये की फसल का नुकसान हुआ है। बारिश से क्षतिग्रस्त हुई फसलों का सर्वे आज तक नहीं कराया गया है। अब मौसम साफ हुआ है। जल्द ही खेतों की जुताई शुरू होगी। अगर समय पर सर्वे नहीं कराया गया तो मुआवजा से वंचित हो जाएंगे।
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भाकियू नेता संतोष सिंह का आरोप है कि प्रशासन जानबूझकर किसानों के नुकसान का सर्वे नहीं कर रहा है। कहा कि वह बारिश से हुए नुकसान का सर्वे नहीं कराये जाने की शिकायत मुख्यमंत्री से करके किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग करेंगे।
सर्वे टीम बनी हुई है। इसमें कृषि विभाग, राजस्व विभाग के साथ फसल बीमा कंपनी के कर्मी शामिल हैं। जिन किसानों ने खरीफ में तिल, उड़द, ज्वार , अरहर आदि फसलों का बीमा कराया है। उन्हें फसल बीमा का लाभ मिलेगा।- डॉ. प्रमोद कुमार, उप कृषि निदेशक।
फसलाें का सर्वे कराए जाने के लिए राजस्व व फसल बीमा कंपनी की ज्वाइंट टीमें बनाई गई हैं। टीमें सर्वे कार्य कर रही हैं। -अभिषेक कुमार, सदर एसडीएम।