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Hapur News: तीन अक्तूबर तक कार्रवाई न होने पर दी आंदोलन की चेतावनी
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कलक्ट्रेट में डीएम को ज्ञापन देते संविदा कर्मी। स्रोत: संगठन
हापुड़। उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) संविदा कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने मंगलवार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन कलक्ट्रेट में डीएम कविता मीना को सौंपा। कर्मचारियों ने लंबे समय से संविदा पर कार्यरत कर्मचारियों के नियमितीकरण और समान कार्य के लिए समान वेतन दिए जाने की मांग प्रमुखता से उठाई।
जिलाध्यक्ष चंद्रभान तोमर ने कहा कि प्रदेश में करीब 15 से 18 वर्षों से सेवाएं दे रहे एक लाख से अधिक संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू की जाए। नियमितीकरण होने तक कर्मचारियों को 10 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा, महंगाई भत्ता (डीए), ईपीएफ और एचआरए का लाभ मिले। इसके अलावा स्थानांतरण नीति लागू करने, अनुकंपा नियुक्ति देने, आउटसोर्स कर्मचारियों का समायोजन करने और नियमित भर्तियों में 25 प्रतिशत कोटा निर्धारित करने की मांग भी रखी गई।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांगों पर सरकार को जल्द सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तीन अक्तूबर तक मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो पांच से सात अक्तूबर तक कर्मचारी काला फीता बांधकर कार्य करेंगे। इसके बाद आठ से 10 अक्तूबर तक जिला मुख्यालय पर कार्य बहिष्कार किया जाएगा। मांगें पूरी नहीं होने पर 12 अक्तूबर से लखनऊ में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी गई। इस दौरान सचिव सुशील चौधरी, जिला संरक्षक अभिनव दुबे, संगठन मंत्री ज्योति वर्मा, सह संगठन मंत्री मोहित कौशिक और मीडिया प्रभारी अजय मलिक मौजूद रहे।
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जिलाध्यक्ष चंद्रभान तोमर ने कहा कि प्रदेश में करीब 15 से 18 वर्षों से सेवाएं दे रहे एक लाख से अधिक संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू की जाए। नियमितीकरण होने तक कर्मचारियों को 10 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा, महंगाई भत्ता (डीए), ईपीएफ और एचआरए का लाभ मिले। इसके अलावा स्थानांतरण नीति लागू करने, अनुकंपा नियुक्ति देने, आउटसोर्स कर्मचारियों का समायोजन करने और नियमित भर्तियों में 25 प्रतिशत कोटा निर्धारित करने की मांग भी रखी गई।
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उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांगों पर सरकार को जल्द सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तीन अक्तूबर तक मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो पांच से सात अक्तूबर तक कर्मचारी काला फीता बांधकर कार्य करेंगे। इसके बाद आठ से 10 अक्तूबर तक जिला मुख्यालय पर कार्य बहिष्कार किया जाएगा। मांगें पूरी नहीं होने पर 12 अक्तूबर से लखनऊ में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी गई। इस दौरान सचिव सुशील चौधरी, जिला संरक्षक अभिनव दुबे, संगठन मंत्री ज्योति वर्मा, सह संगठन मंत्री मोहित कौशिक और मीडिया प्रभारी अजय मलिक मौजूद रहे।
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