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Hardoi News: छह उच्चीकृत केजीबीवी में सिर्फ एक में शुरू हुई कक्षाएं
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हरदोई। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों को उच्चीकृत कर इंटरमीडिएट तक की शिक्षा देने की योजना कच्छप गति से चल रही है। जिले में उच्चीकृत किए गए छह केजीबीवी में से केवल एक विद्यालय में ही पठन-पाठन शुरू हो सका है। वहीं, शेष पांच विद्यालयों की छात्राएं मजबूरी में पास के राजकीय विद्यालयों में पढ़ाई करने को मजबूर हैं।
जिले में 02 कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय संचालित है। इन सभी विद्यालयों को उच्चीकृत कर इंटर तक किया जाना है। जिले में छह विद्यालयों को उच्चीकृत किया जा चुका है। इनमें कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय बिल्हारी, शाहाबाद, हरपालपुर, कछौना, सुरसा और बिलग्राम शामिल है। इन विद्यालयों में एकेडमिक भवन व छात्रावास का निर्माण होना है। इनमें सिर्फ बिल्हारी में एकेडमिक भवन बन सका है। जिसमें कक्षाएं संचालित है और यहां पर शिक्षकों की भी तैनाती की गई है।
शेष विद्यालयों में छात्रावास तो बन गए है, मगर एकेडमिक भवन नहीं बने है। छात्राएं रह तो केजीबीवी के हॉस्टल में रही हैं, लेकिन पढ़ाई के लिए उन्हें रोजाना राजकीय विद्यालय जाना पड़ता है। इससे बालिकाओं को आवागमन के साथ-साथ समायोजन में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रभात मिश्र ने बताया कि सात विद्यालयों में भवन का निर्माण चल रहा है। कई विद्यालयों में एकेडमिक भवन के लिए स्थान नहीं है। इसके लिए अलग स्थान दूर है। निर्माण कार्य समय सीमा में पूरा करने के लिए कार्यदायी संस्था से कहा गया है। अगले सत्र में अन्य विद्यालयों में भी उच्च कक्षाएं संचालित होने लगेंगी।
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जिले में 02 कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय संचालित है। इन सभी विद्यालयों को उच्चीकृत कर इंटर तक किया जाना है। जिले में छह विद्यालयों को उच्चीकृत किया जा चुका है। इनमें कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय बिल्हारी, शाहाबाद, हरपालपुर, कछौना, सुरसा और बिलग्राम शामिल है। इन विद्यालयों में एकेडमिक भवन व छात्रावास का निर्माण होना है। इनमें सिर्फ बिल्हारी में एकेडमिक भवन बन सका है। जिसमें कक्षाएं संचालित है और यहां पर शिक्षकों की भी तैनाती की गई है।
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शेष विद्यालयों में छात्रावास तो बन गए है, मगर एकेडमिक भवन नहीं बने है। छात्राएं रह तो केजीबीवी के हॉस्टल में रही हैं, लेकिन पढ़ाई के लिए उन्हें रोजाना राजकीय विद्यालय जाना पड़ता है। इससे बालिकाओं को आवागमन के साथ-साथ समायोजन में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रभात मिश्र ने बताया कि सात विद्यालयों में भवन का निर्माण चल रहा है। कई विद्यालयों में एकेडमिक भवन के लिए स्थान नहीं है। इसके लिए अलग स्थान दूर है। निर्माण कार्य समय सीमा में पूरा करने के लिए कार्यदायी संस्था से कहा गया है। अगले सत्र में अन्य विद्यालयों में भी उच्च कक्षाएं संचालित होने लगेंगी।
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