{"_id":"6a985f38b43f1e3e4405065f","slug":"works-worth-hardoi-news-c-213-1-hra1001-155912-2026-09-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hardoi News: रामताल और रामेश्वरम मंदिर पर 1.19 करोड़ से कराए जाएंगे काम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hardoi News: रामताल और रामेश्वरम मंदिर पर 1.19 करोड़ से कराए जाएंगे काम
विज्ञापन
फोटो 09: कछौना स्थित रामेश्वर मंदिर। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरदोई। धार्मिक स्थलों के सुंदरीकरण और श्रद्धालुओं के लिए सुविधा-सहूलियत के कामों पर सरकार ने ध्यान दिया है। शासन ने भरखनी के अमिरता के रामताल और कछौना के रामेश्वरम मंदिर पर काम कराने के लिए 1.19 करोड़ से अधिक रुपये की स्वीकृति दी है। दोनों स्थलों पर काम कराने के लिए कार्यदायी संस्थाओं ने प्रक्रिया शुरू करा दी है।
कछौनानगर के रामेश्वरम मंदिर और अमिरता के रामताल पर काम कराने के लिए पर्यटन विभाग से रुपये दिए गए हैं। शासन ने दोनों कामों के लिए वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति देने के साथ ही कार्यदायी संस्था भी नामित की है। अमिरता के रामताल पर काम कराने के लिए 64.18 लाख रुपये की स्वीकृति मिली है। यहां पर उप्र राज्य पर्यटन विकास कॉरपोरेशन लि. को काम कराने की जिम्मेदारी दी गई है जबकि नगर पंचायत कछौना के रामेश्वरम मंदिर पर काम कराने के लिए 54.85 लाख रुपये मिले हैं। यहां पर सीएंडडीएस जल निगम नगरीय को काम की जिम्मेदारी दी गई है।
दोनों कार्यदायी संस्थाओं ने काम कराए जाने की प्रक्रिया शुरू करा दी है। इससे दोनों ही धार्मिक स्थलों पर जल्द ही श्रद्धालुओं के लिए सुविधा और सहूलियत उपलब्ध होने की उम्मीद है। अमिरता के रामताल पर बाबा नीम करौरी का भी मंदिर है। वहीं कछौना का रामेश्वरम मंदिर करीब 100 साल से अधिक प्रचीन है। कछौना में मंदिर की देखरेख कर रहे प्रियांशु गुप्ता ने बताया कि मंदिर उनके पूर्वजों ने बनवाया था। करीब 100 साल पहले यहां पर मठिया थी जो अधिक बरसात में ढह गई थी। इसके बाद स्व. सुंदरलाल गुप्ता ने करीब 100 साल पहले मंदिर बनवाया था।
विज्ञापन
-- -
मुख्यमंत्री ने धार्मिक स्थलों पर पर्यटन और श्रद्धालुओं की सुविधा-सहूलियत को बढ़ाए जाने की प्राथमिकता दी है। कछौना और भरखनी में काम की स्वीकृति मिली है। दोनों ही कार्यदायी संस्थाओं के अभियंताओं से कहा गया है कि काम समय से गुणवत्तापरक ढंग से कराया जाए। गड़बड़ी पर जवाबदेही तय की जाएगी। -अनुनय झा, जिलाधिकारी
विज्ञापन
कछौनानगर के रामेश्वरम मंदिर और अमिरता के रामताल पर काम कराने के लिए पर्यटन विभाग से रुपये दिए गए हैं। शासन ने दोनों कामों के लिए वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति देने के साथ ही कार्यदायी संस्था भी नामित की है। अमिरता के रामताल पर काम कराने के लिए 64.18 लाख रुपये की स्वीकृति मिली है। यहां पर उप्र राज्य पर्यटन विकास कॉरपोरेशन लि. को काम कराने की जिम्मेदारी दी गई है जबकि नगर पंचायत कछौना के रामेश्वरम मंदिर पर काम कराने के लिए 54.85 लाख रुपये मिले हैं। यहां पर सीएंडडीएस जल निगम नगरीय को काम की जिम्मेदारी दी गई है।
विज्ञापन
दोनों कार्यदायी संस्थाओं ने काम कराए जाने की प्रक्रिया शुरू करा दी है। इससे दोनों ही धार्मिक स्थलों पर जल्द ही श्रद्धालुओं के लिए सुविधा और सहूलियत उपलब्ध होने की उम्मीद है। अमिरता के रामताल पर बाबा नीम करौरी का भी मंदिर है। वहीं कछौना का रामेश्वरम मंदिर करीब 100 साल से अधिक प्रचीन है। कछौना में मंदिर की देखरेख कर रहे प्रियांशु गुप्ता ने बताया कि मंदिर उनके पूर्वजों ने बनवाया था। करीब 100 साल पहले यहां पर मठिया थी जो अधिक बरसात में ढह गई थी। इसके बाद स्व. सुंदरलाल गुप्ता ने करीब 100 साल पहले मंदिर बनवाया था।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने धार्मिक स्थलों पर पर्यटन और श्रद्धालुओं की सुविधा-सहूलियत को बढ़ाए जाने की प्राथमिकता दी है। कछौना और भरखनी में काम की स्वीकृति मिली है। दोनों ही कार्यदायी संस्थाओं के अभियंताओं से कहा गया है कि काम समय से गुणवत्तापरक ढंग से कराया जाए। गड़बड़ी पर जवाबदेही तय की जाएगी। -अनुनय झा, जिलाधिकारी