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Hathras News: अस्पताल की बिजली गुल होने से मरीज हुए बेहाल
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Fri, 05 Jun 2026 02:22 AM IST
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वार्ड में पंखे से मरीज की हवा करती तीमारदार। संवाद
- फोटो : Samvad
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जिला अस्पताल के स्टोर रूम में आग के कारण बिजली गुल होने से मरीज व उनके तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सीटी स्कैन व एक्स-रे का कार्य भी प्रभावित रहा। वार्डों में भर्ती मरीज गर्मी और उमस के कारण परेशान रहे। अस्पताल का बैकअप सिस्टम भी इस दौरान बेअसर साबित हुआ।
बिजली गुल होने के बाद वार्डों के भीतर का तापमान तेजी से बढ़ गया। उमस और भीषण गर्मी के कारण मरीजों, विशेषकर बच्चे व बुजुर्ग परेशान नजर आए। करंट बैक मारने के डर से जेनरेटर नहीं चलाया गया था। इन्वर्टर से केवल कुछ लाइट जली नजर आईं। पंखे, कूलर व एसी बंद रहे।
आग लगने की घटना के दो घंटे बाद जेनरेटर चलाया गया, लेकिन उससे केवल पंखे ही चल सके। गर्मी के चलते तीमारदार हाथ वाले पंखे व गत्ते के टुकड़ों से अपने मरीजों को हवा करते दिखे। इधर, अचानक बिजली गुल होने से एक बजे के बाद सीटी स्कैन व एक्स-रे नहीं हो सके। सीटी स्कैन के करीब 12 व एक्स-रे के करीब 24 मरीजों को वापस लौटना पड़ा।
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प्रशासनिक अधिकारियों ने किया मुआयना
एडीएम प्रशांत तिवारी और एसडीएम सदर राजबहादुर जिला अस्पताल पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से जायजा लिया और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. सूर्यप्रकाश से घटना की पूरी जानकारी ली। एडीएम ने अस्पताल परिसर में जर्जर तारों पर नाराजगी जताई। वार्ड में पहुंचकर भी बिजली के तारों की स्थिति देखी। एडीएम ने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि वे जल्द से जल्द बिजली के तारों और उपकरणों की सेफ्टी ऑडिट करवाएं, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों की पुनरावृत्ति न हो।
बिजली गुल होने के बाद वार्डों के भीतर का तापमान तेजी से बढ़ गया। उमस और भीषण गर्मी के कारण मरीजों, विशेषकर बच्चे व बुजुर्ग परेशान नजर आए। करंट बैक मारने के डर से जेनरेटर नहीं चलाया गया था। इन्वर्टर से केवल कुछ लाइट जली नजर आईं। पंखे, कूलर व एसी बंद रहे।
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आग लगने की घटना के दो घंटे बाद जेनरेटर चलाया गया, लेकिन उससे केवल पंखे ही चल सके। गर्मी के चलते तीमारदार हाथ वाले पंखे व गत्ते के टुकड़ों से अपने मरीजों को हवा करते दिखे। इधर, अचानक बिजली गुल होने से एक बजे के बाद सीटी स्कैन व एक्स-रे नहीं हो सके। सीटी स्कैन के करीब 12 व एक्स-रे के करीब 24 मरीजों को वापस लौटना पड़ा।
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