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AI has become the new competitive center in the changing world from human to machine: Prof. Yogesh
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मानव से मशीन तक बदलती दुनिया में एआई बना नई प्रतिस्पर्धा का केंद्र : प्रो. योगेश
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में कॉरपोरेट प्रणाली में उभरते मुद्दे एवं चुनौतियां विषय पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी की शुरुआत विश्वविद्यालय के अवैद्यनाथ संगोष्ठी भवन में हुई। संगोष्ठी में देशभर से आए शिक्षाविदों, शोधार्थियों एवं उद्योग विशेषज्ञों ने भाग लिया। वक्ताओं ने कहा कि बदलती दुनिया में एआई नई प्रतिस्पर्धा का केंद्र बन गया है। उद्घाटन सत्र में बतौर मुख्य अतिथि आईटीएम विश्वविद्यालय ग्वालियर के कुलपति प्रो. योगेश उपाध्याय ने कहा कि आज पूरा विश्व भारतीय प्रतिभा को सम्मान दे रहा है लेकिन कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते प्रभाव से नई चुनौतियों बढ़ी हैं। भारतीय समाज में ईमानदारी और विश्वास की परंपरा रही है लेकिन अब इसमें गिरावट आई है। इस पर आत्ममंथन की जरूरत है। मशीनों ने मानव श्रम का स्थान लिया और अब बुद्धिमत्ता के स्तर पर भी प्रतिस्पर्धा तीव्र हो गई है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता के माध्यम से व्यक्तिगत स्तर पर रचनात्मकता और नवाचार को बल मिला है। कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने कहा कि आज का समय डिजिटल परिवर्तन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और बदलते कार्यबल की चुनौतियों से भरा है, जो नवाचार और उत्तरदायी नेतृत्व के नए अवसर भी देते हैं। कॉरपोरेट क्षेत्र को आर्थिक विकास के साथ सामाजिक परिवर्तन का भी प्रमुख माध्यम बताया। विशिष्ट अतिथि निदेशक प्रबंधन संस्थान बीएचयू प्रो. आशीष वाजपेयी ने कहा कि भारतीय कॉरपोरेट सेक्टर अच्छा काम कर रहा है लेकिन आज विश्वसनीयता का ह्रास चिंता का विषय बना है। उन्होंने कहा कि धर्म से दूरी के कारण कॉरपोरेट और उपभोक्ता के बीच विश्वास कम हुआ है। अन्नामलाई विश्वविद्यालय चेन्नई के प्रबंधन के पूर्व डीन प्रो. एस रामनाथन ने कहा कि लाभ ही व्यवसाय का एकमात्र उद्देश्य नहीं होना चाहिए। चाहे वह गांव की छोटी सहकारी समिति हो या बड़ी कंपनी, अपने वित्त का कुशल प्रबंधन जरूरी है। कॉरपोरेट फाइनेंस, व्यावसायिक अर्थशास्त्र एवं नीतियों में सरकार और व्यवसाय के समन्वय की भूमिका महत्वपूर्ण है। स्वागत एवं विषय प्रवर्तन संयोजक प्रो. अविनाश डी. पाथर्डीकर ने किया। इस अवसर पर पूर्व कुलपति प्रो. पीसी पतंजलि, प्रो. अजय द्विवेदी, प्रो. मुराद अली, प्रो. अजय प्रताप सिंह, प्रो. मनोज मिश्र, प्रो. एचसी पुरोहित, प्रो. एसके सिन्हा, प्रो. अजय वाघ, प्रो. अमित सिंह, प्रो. रुम्की बनर्जी आदि उपस्थित रहे। संचालन आयोजन सचिव डॉ. आशुतोष सिंह ने किया।
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