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Jaunpur News: सीजन का सबसे गर्म दिन रहा 20 अप्रैल, तापमान 44 डिग्री
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भीषण गर्मी में हैंडपंप से प्यास बुझाता राहगीर।
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जौनपुर। प्रचंड गर्मी से राहत नहीं मिल रही है। आलम यह है कि दिन के साथ रात में भी तपिश महसूस की जा रही है। फिलहाल पांच दिन तक राहत की उम्मीद नहीं है। 24 घंटे में दो डिग्री की बढ़ोतरी के साथ सोमवार को अधिकतम तापमान 44 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री दर्ज किया गया। 20 अप्रैल सीजन का सबसे गर्म दिन रहा। माैसम विभाग ने पांच दिनों तक लू चलने की चेतावनी जारी की है।
कई दिनों से गर्मी व तेज धूप से लोग बेहाल हैं। भीषण गर्मी से बचाव के सभी इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं। सुबह नौ बजे के बाद से गर्मी ने तेवर दिखाना शुरू किया और पारा चढ़ता गया। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा छा गया। शाम के समय बाजार और मुख्य मार्गों पर चहल पहल दिखी। रात में भी बढ़ते तापमान के कारण लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है।
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ने अजय कुमार अम्बष्ट ने बताया कि जनपद में पारा 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। इसके कारण लू का प्रकोप एवं गर्म हवा चलने के आसार हैं। लू चलने से जनहानि भी हो सकती है।
लू के असर को कम करने के लिए और लू से होने वाली मौतों की रोकथाम के लिए हर किसी को सावधान रहने की जरूरत है। धूप में बाहर न निकलें, खासकर दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक बीच में। जितनी बार हो सके पानी पिएं, प्यास न लगे तो भी पानी पिएं। हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनें, धूप से बचने के लिए गमछा, टोपी, छाता, धूप का चश्मा, जूते और चप्पल का इस्तेमाल करें। यात्रा करते समय अपने साथ पानी अवश्य रखें। अगर आपका काम बाहर का है तो टोपी, गमछा या छाते का इस्तेमाल जरूर करें और गीले कपड़े को अपने चेहरे, सिर और गरदन पर रखें, अगर तबीयत ठीक न लगे या चक्कर आए तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
क्या करें और क्या न करें
धूप में खड़े वाहनों में बच्चों एवं पालतू जानवरों को न छोड़ें। खाना बनाते समय कमरे के खिड़की एवं दरवाजे खुले रखें, जिससे हवा का आना जाना बना रहे, नशीले पदार्थ, मादक पदार्थ तथा अल्कोहल के सेवन से बचें। उच्च प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ का सेवन करने से बचें, बासी भोजन न करें, खिड़की को रिफ्लेक्टर जैसे एल्यूमीनियम पन्नी, गत्ते इत्यादि से ढक कर रखें, ताकि बाहर की गर्मी को अन्दर आने से रोका जा सके। खिड़कियों व दरवाजों पर जिनसे दोपहर के समय गर्म हवाएं आती है, काले परदे लगाकर रखना चाहिए। संतुलित हल्का व नियमित भोजन करें।
अस्पताल में रोज भर्ती हो रहे 30 से 40 मरीज
गर्मी के साथ लू बढ़ने से डायरिया, उल्टी, खांसी, निमोनिया और बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। डॉक्टरों के अनुसार अस्पताल में हर रोज 30 से 40 मरीज भर्ती हो रहे है। सोमवार को अस्पताल की ओपीडी में 977 मरीज इलाज के लिए पहुंचे। इनमें से ज्यादातर मरीजों में पेट दर्द, उल्टी व दस्त के मरीज शामिल हैं। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. अशोक कुमार यादव ने बताया कि इनडोर ओपीडी बढ़ गई है। मरीजों को भर्ती करने की जरूरत पड़ रही है।
तापमान में और बढ़ोतरी के आसार
माैसम विभाग ने सोमवार को लू चलने की चेतावनी जारी की है। राज्य मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि अगले पांच दिनों तक लू चलेगी। इसमें सभी को बचाव करना जरूरी है। तापमान में और बढ़ोतरी के आसार हैं।
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कई दिनों से गर्मी व तेज धूप से लोग बेहाल हैं। भीषण गर्मी से बचाव के सभी इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं। सुबह नौ बजे के बाद से गर्मी ने तेवर दिखाना शुरू किया और पारा चढ़ता गया। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा छा गया। शाम के समय बाजार और मुख्य मार्गों पर चहल पहल दिखी। रात में भी बढ़ते तापमान के कारण लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है।
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अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ने अजय कुमार अम्बष्ट ने बताया कि जनपद में पारा 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। इसके कारण लू का प्रकोप एवं गर्म हवा चलने के आसार हैं। लू चलने से जनहानि भी हो सकती है।
लू के असर को कम करने के लिए और लू से होने वाली मौतों की रोकथाम के लिए हर किसी को सावधान रहने की जरूरत है। धूप में बाहर न निकलें, खासकर दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक बीच में। जितनी बार हो सके पानी पिएं, प्यास न लगे तो भी पानी पिएं। हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनें, धूप से बचने के लिए गमछा, टोपी, छाता, धूप का चश्मा, जूते और चप्पल का इस्तेमाल करें। यात्रा करते समय अपने साथ पानी अवश्य रखें। अगर आपका काम बाहर का है तो टोपी, गमछा या छाते का इस्तेमाल जरूर करें और गीले कपड़े को अपने चेहरे, सिर और गरदन पर रखें, अगर तबीयत ठीक न लगे या चक्कर आए तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
क्या करें और क्या न करें
धूप में खड़े वाहनों में बच्चों एवं पालतू जानवरों को न छोड़ें। खाना बनाते समय कमरे के खिड़की एवं दरवाजे खुले रखें, जिससे हवा का आना जाना बना रहे, नशीले पदार्थ, मादक पदार्थ तथा अल्कोहल के सेवन से बचें। उच्च प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ का सेवन करने से बचें, बासी भोजन न करें, खिड़की को रिफ्लेक्टर जैसे एल्यूमीनियम पन्नी, गत्ते इत्यादि से ढक कर रखें, ताकि बाहर की गर्मी को अन्दर आने से रोका जा सके। खिड़कियों व दरवाजों पर जिनसे दोपहर के समय गर्म हवाएं आती है, काले परदे लगाकर रखना चाहिए। संतुलित हल्का व नियमित भोजन करें।
अस्पताल में रोज भर्ती हो रहे 30 से 40 मरीज
गर्मी के साथ लू बढ़ने से डायरिया, उल्टी, खांसी, निमोनिया और बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। डॉक्टरों के अनुसार अस्पताल में हर रोज 30 से 40 मरीज भर्ती हो रहे है। सोमवार को अस्पताल की ओपीडी में 977 मरीज इलाज के लिए पहुंचे। इनमें से ज्यादातर मरीजों में पेट दर्द, उल्टी व दस्त के मरीज शामिल हैं। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. अशोक कुमार यादव ने बताया कि इनडोर ओपीडी बढ़ गई है। मरीजों को भर्ती करने की जरूरत पड़ रही है।
तापमान में और बढ़ोतरी के आसार
माैसम विभाग ने सोमवार को लू चलने की चेतावनी जारी की है। राज्य मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि अगले पांच दिनों तक लू चलेगी। इसमें सभी को बचाव करना जरूरी है। तापमान में और बढ़ोतरी के आसार हैं।

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