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Jaunpur News: घर से लेकर शिव मंदिरों तक हुई नागदेव की पूजा
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बदलापुर के मिरशादपुर गांव में साक्षात नाग देवता को दूध लावा चढ़ाते लोग। संवाद
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जौनपुर। नाग पंचमी पर सोमवार को सुबह से दर्शन पूजन के लिए जहां भीड़ रही वहीं सर्प भय से मुक्ति पाने के लिए घर से लेकर शिव मंदिरों तक नागदेवता की पूजा हुई। सावन के तीसरा और नागपंचमी का पर्व सोमवार को मनाया गया। मछलीशहर: श्रावण मास की शुक्लपक्ष पंचमी तिथि नागपंचमी पर्व के रूप में मनाई गई। शिवजी के साथ ही नाग देवता की भी पूजा की गई। सुबह दूध लावा नाग देव को चढ़ाया गया। नागपंचमी के दिन खासकर जिनकी कुंडली में कालसर्प योग, अंगारक योग, केमद्रुम योग या गुरु चांडाल योग है उन्होंने नाग देव के साथ भगवान शिव का पूजन किया। लोगों ने अपने घर के दहलीज के दोनों ओर पांच सिर वाले नाग की गोबर और गेरू से आकृति बनाई।
इसके बाद नाग देवता को दूध, लावा, दूर्वा, कुशा, गंध, फूल, अक्षत व लड्डुओं चढ़ाया। कुछ लोगों ने पूजा करके नागस्तोत्र व नागसूक्त का पाठ भी किया। नाग देवता को पूजा में सुगंधित इत्र व चंदन भी अर्पित किया गया। पूजा में सफेद फूल का प्रयोग किया और चांदी का नाग नागिन का जोड़ा बनवाकर भगवान शंकर को इस दिन चढ़ाया गया। बदलापुर: पवित्र श्रावण मास के तीसरे सोमवार को नागपंचमी का पर्व आस्था के साथ मनाया गया। जहां विधि विधान से नाग देवता की पूजा की गई। गांवों में सुबह से ही महिलाओं ने सिवान में अथवा तालाब के किनारे दूध, लावा, दूब, अक्षत, पुष्प आदि से नाग देवता का विधि विधान से पूजन किया। नेवढ़िया: क्षेत्र के सारंगडीह गांव स्थित लौहारदेव बाबा मंदिर में नागपंचमी के अवसर पर सोमवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से ही मंदिर परिसर में दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। श्रद्धालुओं ने सर्परूपी लौहारदेव बाबा को दूधलावा चढ़ाकर मत्था टेका और सुख-समृद्धि की कामना की।
नागपंचमी के पर्व पर क्षेत्र के श्रद्धालुओं ने बाबा को हलवा, पूड़ी और लड्डू का विशेष भोग भी लगाया। लौहारदेव बाबा धाम ट्रस्ट के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने व्यवस्था संभाली। ट्रस्ट के अध्यक्ष घनश्याम दुबे ने कहा कि नागपंचमी के अवसर पर बाबा के दर्शन-पूजन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
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इसके बाद नाग देवता को दूध, लावा, दूर्वा, कुशा, गंध, फूल, अक्षत व लड्डुओं चढ़ाया। कुछ लोगों ने पूजा करके नागस्तोत्र व नागसूक्त का पाठ भी किया। नाग देवता को पूजा में सुगंधित इत्र व चंदन भी अर्पित किया गया। पूजा में सफेद फूल का प्रयोग किया और चांदी का नाग नागिन का जोड़ा बनवाकर भगवान शंकर को इस दिन चढ़ाया गया। बदलापुर: पवित्र श्रावण मास के तीसरे सोमवार को नागपंचमी का पर्व आस्था के साथ मनाया गया। जहां विधि विधान से नाग देवता की पूजा की गई। गांवों में सुबह से ही महिलाओं ने सिवान में अथवा तालाब के किनारे दूध, लावा, दूब, अक्षत, पुष्प आदि से नाग देवता का विधि विधान से पूजन किया। नेवढ़िया: क्षेत्र के सारंगडीह गांव स्थित लौहारदेव बाबा मंदिर में नागपंचमी के अवसर पर सोमवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से ही मंदिर परिसर में दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। श्रद्धालुओं ने सर्परूपी लौहारदेव बाबा को दूधलावा चढ़ाकर मत्था टेका और सुख-समृद्धि की कामना की।
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नागपंचमी के पर्व पर क्षेत्र के श्रद्धालुओं ने बाबा को हलवा, पूड़ी और लड्डू का विशेष भोग भी लगाया। लौहारदेव बाबा धाम ट्रस्ट के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने व्यवस्था संभाली। ट्रस्ट के अध्यक्ष घनश्याम दुबे ने कहा कि नागपंचमी के अवसर पर बाबा के दर्शन-पूजन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
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