Jaunpur News: सिस्टम के 'लो वोल्टेज' से सांसों पर संकट, जिला अस्पताल में एक सप्ताह से ऑक्सीजन प्लांट बंद
जौनपुर जिला अस्पताल में एक सप्ताह से ऑक्सीजन प्लांट बंद है। ऐसे में मरीजों को काफी परेशानी हो रही है। हालांकि वैकल्पिक सिलिंडर के भरोसे इमरजेंसी में मरीजों का इलाज किया जा रहा है।
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जिला अस्पताल में कोरोना काल में दो ऑक्सीजन प्लांट सीएसआर के तहत लगाए गए थे। एक प्लांट अभी तक विभाग को हैंडओवर ही नहीं किया गया है। ये उसी समय से बंद पड़ा है। दूसरा लो वोल्टेज के कारण पिछले एक सप्ताह से बंद हो गया है। इसके चलते अस्पताल में सेंट्रल ऑक्सीजन की सप्लाई पूरी तरह ठप है।
फिलहाल आपातकालीन वॉर्ड के लिए बाहर से ऑक्सीजन सिलिंडरों मंगाए जा रहे हैं। सिलिंडरों को बार-बार रीफिल कराने और बदलने में हो रही देरी मरीजों की जान पर भारी पड़ सकती है। पिछले एक सप्ताह से ऑक्सीजन को लेकर समस्या खड़ी हो गई है।
जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 1000 से अधिक मरीज इलाज के लिए आते हैं। इसमें इमरजेंसी में गंभीर मरीजों का इलाज किया जाता है। इसमें से रोजाना 5-7 मरीज सांस वाले भर्ती होते हैं। ऐसे में ऑक्सीजन प्लांट सही होने से मरीजों को सिलिंडर से ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं करनी पड़ रही है। बताया गया कि एक ऑक्सीजन प्लांट पहले से बंद है और दूसरा प्लांट एक सप्ताह पहले बंद हो गया है। रोजाना 20 से 25 सिलिंडर खरीदकर मंगाए जा रहे हैं। इससे परेशानी बढ़ गई है।
जिला अस्पताल को बिजली की आपूर्ति के लिए 250 केवीए का ट्रांसफाॅर्मर लगाया गया है। अस्पताल में लोड अधिक होने से वोल्टेज 180 के करीब रहता है। ऑक्सीजन प्लांट चलाने के लिए 240 वोल्टेज की आवश्यकता होती है। ट्रांसफॉर्मर की क्षमता बढ़ाने के लिए जिलाधिकारी और अधीक्षण अभियंता को सीएमएस ने पत्र लिखा है। पत्र में ट्रांसफॉर्मर की क्षमता बढ़ाकर 500 केवीए करने की मांग की गई है।
जिला अस्पताल में लो वोल्टेज के कारण ऑक्सीजन बंद हो गया है। ऑक्सीजन की सप्लाई सिलिंडर के माध्यम से की जा रही है। इससे मरीजों के इलाज में कोई समस्या नहीं हो रही है। ट्रांसफॉर्मर की क्षमता बढ़ाने के लिए डीएम को पत्र लिखा गया है। -डॉ. संजय कनौजिया, सीएमएस जिला अस्पताल जौनपुर