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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jaunpur News ›   The questions on child development and pedagogy were logical and confusing.

Jaunpur News: तार्किक और उलझाने वाले थे बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के प्रश्न

Thu, 02 Jul 2026 11:59 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 02 Jul 2026 11:59 PM IST
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The questions on child development and pedagogy were logical and confusing.
यूपी-टेट परीक्षा संपन्न होने के बाद परीक्षा केंद्र से बाहर निकलते अभ्यर्थी। संवाद
मल्हनी। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता (यूपी-टेट) परीक्षा बृहस्पतिवार को पहले दिन दो पालियों में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। परीक्षा देकर बाहर निकले अभ्यर्थियों ने बताया कि इस वर्ष प्रश्नपत्र का समग्र स्तर आसान से मध्यम रहा, लेकिन गणित, सामाजिक विज्ञान तथा बाल विकास एवं शिक्षण विधि के कुछ प्रश्न अपेक्षा से अधिक घुमावदार रहे।
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अभ्यर्थियों ने बताया कि प्रश्नपत्र में बाल विकास एवं शिक्षण विधि, हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, उर्दू, गणित, पर्यावरण अध्ययन तथा सामाजिक विज्ञान से जुड़े प्रश्न पूछे गए। अधिकांश प्रश्न एनसीईआरटी आधारित और अवधारणात्मक थे। भाषा विषयों में व्याकरण एवं गद्यांश पर आधारित प्रश्नों की संख्या अधिक रही, जबकि गणित में प्रतिशत, अनुपात, बीजगणित और ज्यामिति से संबंधित प्रश्न शामिल थे। परीक्षार्थियों ने बताया कि नियमित तैयारी करने वालों के लिए प्रश्नपत्र संतुलित रहा, लेकिन कुछ प्रश्न ऐसे थे जिनमें केवल रटकर नहीं, बल्कि विषय की गहरी समझ की आवश्यकता थी। कई अभ्यर्थियों ने माना कि इस बार प्रश्नों में अवधारणात्मक समझ पर विशेष जोर दिया गया।
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कुछ विषयों के प्रश्न अपेक्षा से अधिक जटिल थे। उन्हें हल करते समय लगा। ऐसे प्रश्नों के लिए लंबे समय तक अभ्यास और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का अध्ययन करने की जरूरत है। पहले से अनसॉल्व्ड प्रश्नपत्रों का अभ्यास किया होगा, उनके लिए परीक्षा अपेक्षाकृत आसान रहा होगा।--रायबा जैदी
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--बाल विकास एवं शिक्षण विधि तथा सामाजिक विज्ञान के भूगोल से जुड़े प्रश्न काफी घुमावदार थे, इनमें अधिक समय लगा। हालांकि कुल मिलाकर प्रश्नपत्र न तो बहुत कठिन था और न ही बहुत आसान। चयन को लेकर सफलता जताई।--मीनाक्षी मौर्य
-- हिंदी विषय के कुछ प्रश्न काफी उलझाने वाले थे। प्रश्नपत्र का समग्र स्तर सामान्य रहा, लेकिन पिछले वर्ष की तुलना में थोड़ा अधिक चुनौतीपूर्ण महसूस हुआ। उन्होंने कहा कि जिन अभ्यर्थियों ने नियमित अभ्यास और पूर्व तैयारी की है, उनके सफल होने की संभावना अधिक है।---शाश्वत मिश्रा

--बाल विकास एवं शिक्षण विधि के कुछ प्रश्न उम्मीद से अधिक गहराई वाले थे। एनसीईआरटी आधारित कई प्रश्न सरल रहे और आसानी से हल हो गए। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार प्रश्नपत्र का स्तर आसान से मध्यम रहा।--रिंकी यादव
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