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BU: समर्थ की खामी पर जनभवन सख्त, जल्द परिणाम घोषित करने के आदेश, 22 हजार छात्र-छात्राओं का अटका है रिजल्ट
Sun, 30 Aug 2026 02:57 PM IST
दीपक महाजन
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Sun, 30 Aug 2026 02:57 PM IST
सार
बीयू ने जून के अंत तक रिजल्ट जारी करने का दावा किया था, जो 29 अगस्त तक पूरा नहीं हुआ है। इससे द्वितीय सेमेस्टर के करीब 22 हजार विद्यार्थियों का तृतीय सेमेस्टर में वैधानिक प्रवेश नहीं हुआ है।
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बीयू, झांसी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
समर्थ पोर्टल की खामी से बुंदेलखंड विश्वविद्यालय (बीयू) कैंपस एवं संबद्ध कॉलेजों के यूजी-पीजी द्वितीय सेमेस्टर का रिजल्ट लटक गया है। इससे करीब 22 हजार छात्र-छात्राओं का तृतीय सेमेस्टर में प्रवेश नहीं हुआ है। मामले की गंभीरता देख शनिवार को जनभवन में उच्चाधिकारियों ने बैठक की। समर्थ के अधिकारियों को जल्द-से-जल्द परिणाम जारी करने के आदेश दिए। बीयू समर्थ पोर्टल पर न सिर्फ प्रवेश कर रहा है बल्कि परीक्षाएं भी करा रहा है। पोर्टल की तकनीकी खामियों से प्रवेश अभी तक चल रहे हैं। यह नहीं, विषम (प्रथम, तृतीय, पंचम) और सम-सेमेस्टर (द्वितीय, चतुर्थ व छठे) के परीक्षा फार्म भरवाने के लिए बीयू को कई बार तारीख बढ़ानी पड़ी।
बीयू कैंपस एवं संबद्ध कॉलेजों में यूजी-पीजी द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा मई में संपन्न हो गई। बीयू ने जून के अंत तक रिजल्ट जारी करने का दावा किया था, जो 29 अगस्त तक पूरा नहीं हुआ है। इससे द्वितीय सेमेस्टर के करीब 22 हजार विद्यार्थियों का तृतीय सेमेस्टर में वैधानिक प्रवेश नहीं हुआ है। कुछ कॉलेजों ने बिना प्रवेश कन्फर्म किए तृतीय सेमेस्टर की पढ़ाई शुरू कर दी है मगर ने पढ़ाई शुरू नहीं की है। उनका तर्क है कि जब तक तृतीय सेमेस्टर में प्रवेश की फीस जमा नहीं होगी तब तक पढ़ाई शुरू कराना संभव नहीं है।
मामले की गंभीरता देख बीयू प्रशासन ने जनभवन को अवगत कराया। इस पर शनिवार को जनभवन में उच्चाधिकारियों ने बैठक की। समर्थ के अधिकारियों को जल्द-से-जल्द तकनीकी खामियां दूर करके रिजल्ट जारी करने के आदेश दिए। परीक्षा नियंत्रक राजबहादुर ने बताया कि जनभवन के अधिकारियों ने जल्द रिजल्ट जारी करने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा समर्थ पोर्टल की कई और खामियों को दूर करने के लिए कहा गया है।
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कम संख्या के विद्यार्थियों वाले रिजल्ट जारी
परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि जनभवन के आदेश के बाद एक सप्ताह में सभी रिजल्ट जारी होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया शनिवार शाम को एमए मनोविज्ञान, एमए उर्दू, एमए संस्कृत व एमए रक्षा अध्ययन का रिजल्ट जारी कर दिया है। उल्लेखनीय है कि जिनके रिजल्ट जारी किए गए हैं, उनमें विद्यार्थियों की संख्या काफी कम है।
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बीयू कैंपस एवं संबद्ध कॉलेजों में यूजी-पीजी द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा मई में संपन्न हो गई। बीयू ने जून के अंत तक रिजल्ट जारी करने का दावा किया था, जो 29 अगस्त तक पूरा नहीं हुआ है। इससे द्वितीय सेमेस्टर के करीब 22 हजार विद्यार्थियों का तृतीय सेमेस्टर में वैधानिक प्रवेश नहीं हुआ है। कुछ कॉलेजों ने बिना प्रवेश कन्फर्म किए तृतीय सेमेस्टर की पढ़ाई शुरू कर दी है मगर ने पढ़ाई शुरू नहीं की है। उनका तर्क है कि जब तक तृतीय सेमेस्टर में प्रवेश की फीस जमा नहीं होगी तब तक पढ़ाई शुरू कराना संभव नहीं है।
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मामले की गंभीरता देख बीयू प्रशासन ने जनभवन को अवगत कराया। इस पर शनिवार को जनभवन में उच्चाधिकारियों ने बैठक की। समर्थ के अधिकारियों को जल्द-से-जल्द तकनीकी खामियां दूर करके रिजल्ट जारी करने के आदेश दिए। परीक्षा नियंत्रक राजबहादुर ने बताया कि जनभवन के अधिकारियों ने जल्द रिजल्ट जारी करने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा समर्थ पोर्टल की कई और खामियों को दूर करने के लिए कहा गया है।
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कम संख्या के विद्यार्थियों वाले रिजल्ट जारी
परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि जनभवन के आदेश के बाद एक सप्ताह में सभी रिजल्ट जारी होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया शनिवार शाम को एमए मनोविज्ञान, एमए उर्दू, एमए संस्कृत व एमए रक्षा अध्ययन का रिजल्ट जारी कर दिया है। उल्लेखनीय है कि जिनके रिजल्ट जारी किए गए हैं, उनमें विद्यार्थियों की संख्या काफी कम है।