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Jhansi: गैस किल्लत से होटल व स्ट्रीट फूड कारोबार प्रभावित, डीजल भट्टी, इंडक्शन और सिगड़ी के सहारे चल रही रसोई

संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी Published by: दीपक महाजन Updated Mon, 16 Mar 2026 09:54 AM IST
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सार

गैस की अनिश्चित आपूर्ति के चलते कारोबारियों ने वैकल्पिक इंतजाम शुरू कर दिए हैं। 

Jhansi: Gas shortage affects hotels and street food businesses
गैस एजेंसी पर लगा ताला। - फोटो : संवाद
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विस्तार

व्यावसायिक रसोई गैस सिलिंडर की कमी का असर अब महानगर के होटल, ढाबों और स्ट्रीट फूड कारोबार पर साफ दिखने लगा है। गैस की अनिश्चित आपूर्ति के चलते कारोबारियों ने वैकल्पिक इंतजाम शुरू कर दिए हैं। कई होटल संचालक डीजल भट्टी, कोयले की सिगड़ी और इलेक्ट्रिक इंडक्शन का सहारा ले रहे हैं, जबकि कुछ ठेलों पर लोकप्रिय व्यंजन मेन्यू से गायब हो गए हैं।
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पिछले कुछ दिनों से अंतरराष्ट्रीय हालात के चलते व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की बुकिंग प्रभावित हुई है। हालांकि जल्द आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीद जताई जा रही है, लेकिन तब तक कारोबारी खाना बनाने के लिए दूसरे साधनों की तैयारी कर रहे हैं। इसमें कोयले से चलने वाली सिगड़ी, डीजल भट्टी और बिजली से चलने वाले इंडक्शन का इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि गैस की कमी होने पर भी कारोबार चलता रहे और ग्राहकों को परेशानी न हो। होटल ग्रैंड तुलसी के संचालक निकुश मानचंदानी ने बताया कि काॅमर्शियल सिलिंडर की कमी के चलते डीजल भट्टी मंगाई गई है और फिलहाल इंडक्शन का भी उपयोग किया जा रहा है।
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होटल के-3 के संचालक संजय गुप्ता ने कहा कि रसोई गैस के विकल्प के रूप में कोयले की सिगड़ी समेत अन्य इंतजाम कर लिए गए हैं और जरूरत पड़ने पर इनका उपयोग शुरू कर दिया जाएगा। वहीं होटल सीता के संचालक अवनीश तलवार के अनुसार गैस के विकल्प के रूप में इलेक्ट्रिक इंडक्शन का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे गैस की बचत होती है और खाद्य तेल भी जल्दी खराब नहीं होता।


स्ट्रीट फूड के मेन्यू से गायब हुए छोले-भटूरे
सिलिंडर की कमी का असर स्ट्रीट फूड कारोबार पर भी पड़ने लगा है। कई ठेलों पर छोले-भटूरे बनना बंद हो गया है, जबकि गोलगप्पे और आलू टिकिया बेचने वालों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। सदर बाजार में आलू टिकिया का ठेला लगाने वाले हरिमोहन साहू ने बताया कि वर्षों से वह यह कारोबार कर रहे हैं, लेकिन व्यावसायिक सिलिंडर न मिलने से फिलहाल ठेला बंद करना पड़ा है। वहीं सीपरी बाजार में कलारी के पास छोले-कुल्चे बेचने वाले सनी ने बताया कि भटूरे बनाना बंद कर दिया है। छोले को गर्म करने के लिए हीटर का इस्तेमाल कर रहे हैं, जबकि कुल्चे तंदूर में तैयार किए जा रहे हैं।


इंडेन की कुछ एजेंसियों पर शुरू हुआ वितरण
इंडेन का सर्वर क्रैश होने के बाद गैस वितरण व्यवस्था धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। सीपरी बाजार और बीकेडी क्षेत्र की इंडेन गैस एजेंसी रविवार को खुली रही और उपभोक्ताओं को सिलिंडर दिए गए। एजेंसी के कर्मचारी राजेश कुमार ने बताया कि एजेंसी का साप्ताहिक अवकाश मंगलवार को रहता है, लेकिन उपभोक्ताओं की सुविधा को देखते हुए इस सप्ताह मंगलवार को भी एजेंसी खुली रहेगी। वहीं रानी लक्ष्मीबाई नेत्र चिकित्सालय के पास स्थित इंडेन गैस एजेंसी रविवार को भी बंद रही। शहर के सिविल लाइंस इलाके में स्थित रामराजा गैस एजेंसी लगातार तीसरे दिन भी नहीं खुली।


ग्रामीण उपभोक्ताओं की भी बढ़ सकती है परेशानी
सरकार की ओर से घरेलू गैस सिलिंडर की बुकिंग अब ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन में एक बार किए जाने की व्यवस्था लागू होने की बात कही गई है। ऐसे में ग्रामीण उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि गांवों में विकल्प के रूप में लकड़ी और कंडों का उपयोग भी किया जाता है।


गैस संबंधी समस्या के लिए इनसे संपर्क करें
सौम्या अग्रवाल, जिला आपूर्ति अधिकारी – 7355262998
अमित कुमार त्रिवेदी, सहायक आपूर्ति अधिकारी – 6388352494
अपूर्वा तिवारी, आपूर्ति निरीक्षक – 7428244752
जिला आपूर्ति अधिकारी सौम्या अग्रवाल ने बताया कि फिलहाल काॅमर्शियल गैस सिलिंडर की कमी की कोई आधिकारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू गैस सिलिंडर की बुकिंग अब 45 दिन में एक बार होगी।
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