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Jhansi News: कारोबारी को लूटने के लिए पल्लेदार ने की थी रेकी, जीजा-साले ने चलाई गोली
Mon, 17 Aug 2026 02:26 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Updated Mon, 17 Aug 2026 02:26 AM IST
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झांसी। आढ़त कारोबारी प्रशांत गुप्ता को लूट के इरादे से गोली मारकर घायल करने वाले चार बदमाश शनिवार देर रात पुलिस मुठभेड़ में घायल हो गए। चारों आरोपियों के पांव में गोली लगी। निरीक्षक जयप्रकाश चौबे बुलेट प्रूफ जैकेट की वजह से गोली का शिकार होने से बाल-बाल बच गए। घायल बदमाशों ने पूछताछ के दौरान बताया कि कारोबारी को लूटने के लिए उसके यहां काम करने वाले पल्लेदार से रेकी कराई थी जबकि जीजा और साले ने अपने एक रिश्तेदार के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने घायलों को मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया है।
भोजला मंडी में आढ़त का काम करने वाले प्रशांत गुप्ता को बाइक सवार तीन बदमाशों ने 12 अगस्त की शाम करीब सात बजे बूढ़ा पुल के आगे राधिका अर्चिड के पास पहले रोका, लूट में असफल होने के बाद उसे गोली मारकर भाग निकले। लहूलुहान हाल में प्रशांत खुद ही अस्पताल पहुंचे। उनकी तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज करके तलाश शुरू की। सीओ सिटी रामवीर सिंह के मुताबिक छानबीन के दौरान प्रशांत के यहां काम करने वाले शिवम पर शक हुआ। शनिवार आधी रात के बाद शिवम (25) समेत चार बदमाशों के लकारा पुलिया के पास होने की सूचना पर सीपरी बाजार निरीक्षक जयप्रकाश चौबे की अगुवाई में पुलिस टीम जा पहुंची। पुलिस को देख बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। एक गोली निरीक्षक जेपी चौबे के बुलेट प्रूफ जैकेट में भी लगी। जवाबी कार्रवाई के दौरान शिवम समेत सुरेंद्र कुशवाहा (25), निवाड़ी के कुमहर्रा गांव निवासी आकाश कुशवाहा (22) और दतिया के भांडेर रोड अटल बिहार कॉलोनी निवासी प्रदुम्म कुशवाहा (22) पांव में गोली लगने से घायल हो गए। बदमाशों के पास से 4 तमंचा समेत कारतूस बरामद हुए हैं।
वारदात के लिए एक ही कारतूस लेकर पहुंचे थे बदमाश
अढ़ात कारोबारी प्रशांत गुप्ता को लूटने के इरादे से पहुंचे बदमाशों के पास एक ही कारतूस था। घायल बदमाशों ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया कि रोकने पर जब प्रशांत नहीं रूका, तब एक गोली चलाई लेकिन, वह उसके पीठ में लगी। दूसरा कारतूस न होने की वजह से वह लोग वहां से भाग निकले। लूटकांड के मास्टर माइंड शिवम ने पुलिस को बताया कि सुरेंद्र कुशवाहा पर कई लाख रुपये का कर्ज था। इसे चुकाने के लिए उसे पैसों की जरूरत थी। पल्लेदारी के दौरान ही सुरेंद्र से उसकी दोस्ती हो गई थी। सुरेंद्र की बात सुन प्रशांत को लूटने की योजना बनाई। लूट की रकम चारों में बंटने की बात तय हुई। सुरेंद्र ने वारदात के लिए अपने साले अशोक और प्रदुम्म को भी शामिल कर लिया। वारदात के दिन 12 अगस्त को शिवम काम पर नहीं आया। शाम को रेकी के लिए वह भोजला मंडी पहुंचा। प्रशांत के मंंडी से निकलते ही उसने सुरेंद्र को फोन करके अलर्ट कर दिया। सुरेंद्र, अशोक और प्रदुम्म बूढ़ा रोड से ही उसके पीछे लग गए। राधिका अर्चिड के पास सुनसान जगह देखकर प्रशांत को रोकने की कोशिश की लेकिन, उसके न रुकने पर गोली चला दी। वारदात के बाद तीनों भागकर सीधे दतिया पहुंच गए।
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काम पर न पहुंचने पर पुलिस को हुआ शक
छानबीन के दौरान पुलिस ने सबसे पहले आसपास के सीसीटीवी कैमरे खंगाले लेकिन, वहां काफी अंधेरा होने की वजह से पुलिस को बहुत सटीक सुराग नहीं मिला। पुलिस ने जब प्रशांत के यहां काम वाले कर्मचारियों को बुलाया तब शिवम पुलिस के सामने नहीं आया। दूसरे पल्लेदार भी उसके बारे में कुछ नहीं बता सके। पुलिस को उसके बाद ही उस पर शक हो गया। दतिया के सिरसा गांव में पहुंचकर तलाशने पर भी शिवम का पता नहीं लगा। शिवम के मोबाइल फोन की सीडीआर खंगालने पर पुलिस के अहम सुराग मिल गए। सर्विलांस की बदौलत ही पुलिस को उसकी लोकेशन मिली।
कारोबारी की हालत मेें सुधार
गोली लगने के चार दिन बाद कारोबारी प्रशांत की हालत में अब सुधार हो रहा है। प्रशांत ने साहस दिखाते हुए गोली लगने के बाद भी खुद ही करीब एक किलोमीटर तक गाड़ी चलाकर गए थे। उसके बाद परिजन वहां पहुंचे थे।
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भोजला मंडी में आढ़त का काम करने वाले प्रशांत गुप्ता को बाइक सवार तीन बदमाशों ने 12 अगस्त की शाम करीब सात बजे बूढ़ा पुल के आगे राधिका अर्चिड के पास पहले रोका, लूट में असफल होने के बाद उसे गोली मारकर भाग निकले। लहूलुहान हाल में प्रशांत खुद ही अस्पताल पहुंचे। उनकी तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज करके तलाश शुरू की। सीओ सिटी रामवीर सिंह के मुताबिक छानबीन के दौरान प्रशांत के यहां काम करने वाले शिवम पर शक हुआ। शनिवार आधी रात के बाद शिवम (25) समेत चार बदमाशों के लकारा पुलिया के पास होने की सूचना पर सीपरी बाजार निरीक्षक जयप्रकाश चौबे की अगुवाई में पुलिस टीम जा पहुंची। पुलिस को देख बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। एक गोली निरीक्षक जेपी चौबे के बुलेट प्रूफ जैकेट में भी लगी। जवाबी कार्रवाई के दौरान शिवम समेत सुरेंद्र कुशवाहा (25), निवाड़ी के कुमहर्रा गांव निवासी आकाश कुशवाहा (22) और दतिया के भांडेर रोड अटल बिहार कॉलोनी निवासी प्रदुम्म कुशवाहा (22) पांव में गोली लगने से घायल हो गए। बदमाशों के पास से 4 तमंचा समेत कारतूस बरामद हुए हैं।
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वारदात के लिए एक ही कारतूस लेकर पहुंचे थे बदमाश
अढ़ात कारोबारी प्रशांत गुप्ता को लूटने के इरादे से पहुंचे बदमाशों के पास एक ही कारतूस था। घायल बदमाशों ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया कि रोकने पर जब प्रशांत नहीं रूका, तब एक गोली चलाई लेकिन, वह उसके पीठ में लगी। दूसरा कारतूस न होने की वजह से वह लोग वहां से भाग निकले। लूटकांड के मास्टर माइंड शिवम ने पुलिस को बताया कि सुरेंद्र कुशवाहा पर कई लाख रुपये का कर्ज था। इसे चुकाने के लिए उसे पैसों की जरूरत थी। पल्लेदारी के दौरान ही सुरेंद्र से उसकी दोस्ती हो गई थी। सुरेंद्र की बात सुन प्रशांत को लूटने की योजना बनाई। लूट की रकम चारों में बंटने की बात तय हुई। सुरेंद्र ने वारदात के लिए अपने साले अशोक और प्रदुम्म को भी शामिल कर लिया। वारदात के दिन 12 अगस्त को शिवम काम पर नहीं आया। शाम को रेकी के लिए वह भोजला मंडी पहुंचा। प्रशांत के मंंडी से निकलते ही उसने सुरेंद्र को फोन करके अलर्ट कर दिया। सुरेंद्र, अशोक और प्रदुम्म बूढ़ा रोड से ही उसके पीछे लग गए। राधिका अर्चिड के पास सुनसान जगह देखकर प्रशांत को रोकने की कोशिश की लेकिन, उसके न रुकने पर गोली चला दी। वारदात के बाद तीनों भागकर सीधे दतिया पहुंच गए।
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काम पर न पहुंचने पर पुलिस को हुआ शक
छानबीन के दौरान पुलिस ने सबसे पहले आसपास के सीसीटीवी कैमरे खंगाले लेकिन, वहां काफी अंधेरा होने की वजह से पुलिस को बहुत सटीक सुराग नहीं मिला। पुलिस ने जब प्रशांत के यहां काम वाले कर्मचारियों को बुलाया तब शिवम पुलिस के सामने नहीं आया। दूसरे पल्लेदार भी उसके बारे में कुछ नहीं बता सके। पुलिस को उसके बाद ही उस पर शक हो गया। दतिया के सिरसा गांव में पहुंचकर तलाशने पर भी शिवम का पता नहीं लगा। शिवम के मोबाइल फोन की सीडीआर खंगालने पर पुलिस के अहम सुराग मिल गए। सर्विलांस की बदौलत ही पुलिस को उसकी लोकेशन मिली।
कारोबारी की हालत मेें सुधार
गोली लगने के चार दिन बाद कारोबारी प्रशांत की हालत में अब सुधार हो रहा है। प्रशांत ने साहस दिखाते हुए गोली लगने के बाद भी खुद ही करीब एक किलोमीटर तक गाड़ी चलाकर गए थे। उसके बाद परिजन वहां पहुंचे थे।