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Kannauj News: विजय यात्रा में 11 रथ बने आकर्षण
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कन्नौज। शहर में शक्ति विजय यात्रा शुक्रवार को निकाली गई। काली दुर्गा देवी मंदिर सरायमीरा के महंत अखंडानंद महाराज के नेतृत्व में 11 रथ यात्रा में शामिल हुए। रथों में देवी-देवताओं की मनोहारी झांकियां सजाई गई थीं, जिन्हें देखने के लिए सड़कों पर श्रद्धालुओं की भीड़ पहुंची। यात्रा तिर्वा क्राॅसिंग सरायमीरा से काली दुर्गा देवी मंदिर होते हुए विसर्जन स्थल अलियापुर घाट तक पहुंची।
रथों में सबसे आगे श्रीगणेश की झांकी रही, उसके पीछे मां सरस्वती, मां काली और मां भवानी की झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। इसके अलावा राम दरबार, राधा-कृष्ण और शिव-पार्वती की झांकियों ने लोगों का मन मोह लिया। महंत बाबा अखंडानंद महाराज ने बताया कि यह यात्रा शक्ति और विजय का प्रतीक है, जो हर साल परंपरागत रूप से निकाली जाती है।
यात्रा में लिल्ली घोड़ी के नृत्य ने दर्शकों का मन मोह लिया। ढोल-नगाड़ों की थाप पर घोड़ी के कलाकार ने ऐसे करतब दिखाए कि लोग तालियां बजाने पर मजबूर हो गए। बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी ने इस प्रस्तुति का आनंद लिया। यात्रा में शामिल कलाकारों ने विशालकाय गिलहरी, वनमानुष और तोते की पोशाक पहनकर दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। ये कलाकार रास्ते भर बच्चों के साथ मस्ती करते और लोगों को हंसाते-गुदगुदाते रहे। उनकी अनोखी वेशभूषा फोटो और सेल्फी का केंद्र बनी रही।
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महिलाओं ने किया प्रतिभाग
शक्ति विजय यात्रा में महिलाओं और युवतियों ने बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया। पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाएं मां भवानी के जयकारे लगाती हुई चल रही थीं। कई महिलाएं हाथों में पूजा की थाली लिए भजन-कीर्तन कर रही थीं।
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फोटो :28: मां भगवती की प्रतिमा विसर्जन यात्रा में शामिल भक्त। संवाद
धूमधाम से निकली मां भगवती की विसर्जन यात्रा
छिबरामऊ। मोहल्ला छपट्टी स्थित मां दुर्गा मंदिर में एक सप्ताह से चल रहे नवरात्र महोत्सव का भंडारे के बाद मां भगवती की प्रतिमा के विसर्जन के साथ शुक्रवार को समापन हुआ। देवी पंडाल में गुरुवार को देर रात तक चले भंडारे में सैंकड़ों भक्तों ने मां भगवती का प्रसाद ग्रहण किया। भक्तों ने प्रतिमा विसर्जन यात्रा निकाली। ढोल नगाड़े व भक्ति गीतों में युवकों ने अबीर गुलाल उड़ाते हुए नृत्य किया। महिलाओं ने सुख समृद्धि एवं शांति के लिए मां भगवती से मन्नत मांगी। राजीव अरोरा रिंकू, अनिल चौहान व दिलीप गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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रथों में सबसे आगे श्रीगणेश की झांकी रही, उसके पीछे मां सरस्वती, मां काली और मां भवानी की झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। इसके अलावा राम दरबार, राधा-कृष्ण और शिव-पार्वती की झांकियों ने लोगों का मन मोह लिया। महंत बाबा अखंडानंद महाराज ने बताया कि यह यात्रा शक्ति और विजय का प्रतीक है, जो हर साल परंपरागत रूप से निकाली जाती है।
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यात्रा में लिल्ली घोड़ी के नृत्य ने दर्शकों का मन मोह लिया। ढोल-नगाड़ों की थाप पर घोड़ी के कलाकार ने ऐसे करतब दिखाए कि लोग तालियां बजाने पर मजबूर हो गए। बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी ने इस प्रस्तुति का आनंद लिया। यात्रा में शामिल कलाकारों ने विशालकाय गिलहरी, वनमानुष और तोते की पोशाक पहनकर दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। ये कलाकार रास्ते भर बच्चों के साथ मस्ती करते और लोगों को हंसाते-गुदगुदाते रहे। उनकी अनोखी वेशभूषा फोटो और सेल्फी का केंद्र बनी रही।
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महिलाओं ने किया प्रतिभाग
शक्ति विजय यात्रा में महिलाओं और युवतियों ने बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया। पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाएं मां भवानी के जयकारे लगाती हुई चल रही थीं। कई महिलाएं हाथों में पूजा की थाली लिए भजन-कीर्तन कर रही थीं।
फोटो :28: मां भगवती की प्रतिमा विसर्जन यात्रा में शामिल भक्त। संवाद
धूमधाम से निकली मां भगवती की विसर्जन यात्रा
छिबरामऊ। मोहल्ला छपट्टी स्थित मां दुर्गा मंदिर में एक सप्ताह से चल रहे नवरात्र महोत्सव का भंडारे के बाद मां भगवती की प्रतिमा के विसर्जन के साथ शुक्रवार को समापन हुआ। देवी पंडाल में गुरुवार को देर रात तक चले भंडारे में सैंकड़ों भक्तों ने मां भगवती का प्रसाद ग्रहण किया। भक्तों ने प्रतिमा विसर्जन यात्रा निकाली। ढोल नगाड़े व भक्ति गीतों में युवकों ने अबीर गुलाल उड़ाते हुए नृत्य किया। महिलाओं ने सुख समृद्धि एवं शांति के लिए मां भगवती से मन्नत मांगी। राजीव अरोरा रिंकू, अनिल चौहान व दिलीप गुप्ता आदि मौजूद रहे।