फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kannauj News ›   Support for families on the verge of breaking up; happiness returns to the lives of 83 couples.

Kannauj News: बिखरते परिवारों को मिला सहारा, 83 दंपतियों के जीवन में लौटी खुशियां

Mon, 12 Oct 2026 12:15 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 12 Oct 2026 12:15 AM IST
विज्ञापन
Support for families on the verge of breaking up; happiness returns to the lives of 83 couples.
तिर्वा (कन्नौज)। छोटी-छोटी बातों पर बढ़ती तकरार, आपसी मनमुटाव और घरेलू विवाद कई बार हंसते-खेलते परिवारों को बिखरने की कगार पर पहुंचा देते हैं। रिश्तों में आई कड़वाहट जब थाने और अदालत तक पहुंचती है, तो उसका असर सिर्फ दंपती पर ही नहीं। बल्कि बच्चों और पूरे परिवार पर पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए क्षेत्र में 110 पारिवारिक विवादों में 83 दंपती पुराने गिले शिकवे भुलकर साथ रहने पर सहमति जताई है।
विज्ञापन


शासन के निर्देश पर थानों में संचालित परिवार परामर्श केंद्रों का उद्देश्य घरेलू और वैवाहिक विवादों को आपसी बातचीत, समझदारी और सहमति के जरिए सुलझाना है। इसी क्रम में जनवरी से सितंबर तक पारिवारिक विवादों से जुड़े 110 मामले पुलिस के पास पहुंचे। इनमें अधिकांश मामले पति-पत्नी के बीच अनबन और घरेलू कलह से संबंधित थे।मिशन शक्ति प्रभारी निरीक्षक रणजीत सिंह के नेतृत्व में महिला आरक्षी मनोरमा, मयूरी, आकांक्षा और रश्मि तथा काउंसलर सुरेश चंद्र की टीम ने विवादों को गंभीरता से सुना। दोनों पक्षों को अपनी बात रखने का अवसर दिया गया और आपसी संवाद के जरिए गलत फहमियां दूर करने का प्रयास किया गया।
विज्ञापन

इसका परिणाम रहा कि 110 मामलों में से 83 दंपती एक बार फिर साथ रहने के लिए राजी हो गए। यह आंकड़ा उन परिवारों के लिए उम्मीद की किरण है, जिनके रिश्ते विवादों के चलते टूटने की कगार पर पहुंच गए थे। हालांकि, सभी मामलों में आपसी सहमति नहीं बन सकी। पुलिस ने 18 मामलों में प्राथमिकी दर्ज की, जबकि चार शिकायतें विधिक प्रक्रिया में हैं और तीन मामलों में परामर्श की प्रक्रिया जारी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


परिवार बचाना पुलिस की प्राथमिकता
कोतवाल संजय शुक्ल ने बताया कि पुलिस की पहली प्राथमिकता परिवारों को टूटने से बचाना है, जहां आपसी समझ और बातचीत से विवाद सुलझ सकता है, वहां दोनों पक्षों को समझाकर रिश्तों को एक और मौका देने का प्रयास किया जाता है। हालांकि, गंभीर मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई भी की जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed