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Banda: पन्ना टाइगर रिजर्व में फिर बाघ की मौत, पेट्रोलिंग के दौरान मिला वयस्क नर बाघ का शव
Sun, 19 Jul 2026 10:09 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
Published by: Shikha Pandey
Updated Sun, 19 Jul 2026 10:09 PM IST
सार
Banda News: किशनगढ़ कोर रेंज में पेट्रोलिंग के दौरान वयस्क नर बाघ का शव मिला। पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच के बाद मौत की वजह स्पष्ट होगी।
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पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघ की मौत
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सीमावर्ती मध्य प्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व (पीटीआर) में एक बार फिर बाघ की मौत हो गई। शनिवार को किशनगढ़ कोर रेंज की बृजपुरा बीट में एक वयस्क नर बाघ मृत अवस्था में मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया। पिछले लगभग तीन महीनों में पीटीआर में बाघ की मौत की यह तीसरी घटना है। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने टाइगर रिजर्व की सुरक्षा, सतत निगरानी और वन्यजीव संरक्षण व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
शनिवार को सुबह नियमित गश्त पर निकली पेट्रोलिंग टीम ने बृजपुरा बीट के एक दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में एक वयस्क बाघ को जमीन पर लेटा देखा। शुरुआत में वनकर्मियों को लगा कि बाघ आराम कर रहा है, लेकिन काफी देर तक कोई हलचल नहीं होने पर वह सतर्क हुए। सुरक्षित दूरी से निगरानी करने के बाद जब टीम मौके पर पहुंची तो पता चला कि बाघ की मौत हो चुकी है। घटना की सूचना मिलते ही पन्ना टाइगर रिजर्व के अधिकारी मौके पर पहुंचे। मृत बाघ की पहचान, पोस्टमार्टम और शवदाह की वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। फिलहाल बाघ की पहचान संख्या (आईडी) की पुष्टि नहीं हो सकी है।
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शनिवार को सुबह नियमित गश्त पर निकली पेट्रोलिंग टीम ने बृजपुरा बीट के एक दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में एक वयस्क बाघ को जमीन पर लेटा देखा। शुरुआत में वनकर्मियों को लगा कि बाघ आराम कर रहा है, लेकिन काफी देर तक कोई हलचल नहीं होने पर वह सतर्क हुए। सुरक्षित दूरी से निगरानी करने के बाद जब टीम मौके पर पहुंची तो पता चला कि बाघ की मौत हो चुकी है। घटना की सूचना मिलते ही पन्ना टाइगर रिजर्व के अधिकारी मौके पर पहुंचे। मृत बाघ की पहचान, पोस्टमार्टम और शवदाह की वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। फिलहाल बाघ की पहचान संख्या (आईडी) की पुष्टि नहीं हो सकी है।
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पन्ना टाइगर रिजर्व के उप संचालक बीरेंद्र कुमार पटेल ने बताया कि उन्हें शनिवार दोपहर करीब दो बजे घटना की सूचना मिली, जिसके बाद वह स्वयं घटनास्थल पहुंचे। उनके अनुसार घटनास्थल अत्यंत दुर्गम है, जहां पहुंचने के लिए तीन से चार किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। प्रारंभिक निरीक्षण में बाघ के सभी अंग सुरक्षित पाए गए हैं। शरीर पर किसी प्रकार के बाहरी घाव या संघर्ष के निशान नहीं मिले हैं। आसपास भी कोई संदिग्ध गतिविधि के संकेत नहीं मिले। प्रथम दृष्टया मामला प्राकृतिक मृत्यु का प्रतीत हो रहा है, लेकिन वास्तविक कारण पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
तीन माह में तीसरी मौत, बढ़ी चिंता
हाल के महीनों में पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघों की लगातार हो रही मौतों ने संरक्षण व्यवस्था पर चिंता बढ़ा दी है। इससे पहले अमानगंज बफर रेंज में तारा गांव से रेस्क्यू कर रेडियो कॉलर पहनाकर छोड़े गए एक युवा नर बाघ की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। उससे पहले गंगऊ अभयारण्य क्षेत्र में मुख्य मार्ग के किनारे जंगल से एक नर बाघ का क्षत-विक्षत कंकाल बरामद हुआ था। उस मामले में अनुमान लगाया गया था कि बाघ की मौत कई दिन पहले हो चुकी थी और बाद में उसकी जांच शुरू की गई थी।
हाल के महीनों में पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघों की लगातार हो रही मौतों ने संरक्षण व्यवस्था पर चिंता बढ़ा दी है। इससे पहले अमानगंज बफर रेंज में तारा गांव से रेस्क्यू कर रेडियो कॉलर पहनाकर छोड़े गए एक युवा नर बाघ की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। उससे पहले गंगऊ अभयारण्य क्षेत्र में मुख्य मार्ग के किनारे जंगल से एक नर बाघ का क्षत-विक्षत कंकाल बरामद हुआ था। उस मामले में अनुमान लगाया गया था कि बाघ की मौत कई दिन पहले हो चुकी थी और बाद में उसकी जांच शुरू की गई थी।
अब तीसरी बार एक वयस्क बाघ की मौत सामने आने के बाद यह सवाल और गंभीर हो गया है कि क्या पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था अपेक्षित स्तर पर प्रभावी है। विशेष रूप से तब, जब पीटीआर देश में बाघ पुनर्स्थापना की सबसे सफल परियोजनाओं में गिना जाता है और यहां बाघों की संख्या शतक के पार पहुंच चुकी है। पूरे मामले की निगाहें पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। इन्हीं रिपोर्टों से स्पष्ट होगा कि वयस्क नर बाघ की मौत वास्तव में प्राकृतिक कारणों से हुई या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी।