चित्रकूट: भरतकूप में जलभराव से 60 दुकानों में घुसा गंदा पानी, व्यापारियों ने प्रशासन पर लगाए लापरवाही के आरोप
Chitrakoot News: मंदाकिनी में बाढ़ के बीच भरतकूप में जलभराव ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मंदिर रोड पर घुटने तक पानी भर गया है। नालियों की सफाई नहीं होने और जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था न होने से बारिश के पानी के साथ नाले का गंदा पानी दुकानों और मकानों में घुस गया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
व्यापारियों के मुताबिक करीब 60 दुकानें और मकान जलभराव की चपेट में आए हैं। दुकानों में रखा राशन, किराना और कपड़ा समेत लाखों रुपये का सामान खराब हो गया। पहाड़ों से पानी आने के साथ ही चोक नालियों के कारण मंदिर रोड पर जलभराव की स्थिति बनी।
पानी की निकासी नहीं होने से सड़क देखते ही देखते तालाब में तब्दील हो गई। दुकानदारों का आरोप है कि नालियों की लंबे समय से सफाई नहीं कराई गई। पहाड़ के पानी की निकासी के लिए स्थायी व्यवस्था की मांग भी कई बार की गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
60 दुकानों-मकानों में घुसा पानी
व्यापार मंडल अध्यक्ष रामबाबू गुप्ता ने बताया कि करीब 60 दुकानों और मकानों में पानी घुसने से व्यापारियों को भारी नुकसान हुआ है। उनका कहना है कि एक दुकानदार का करीब दो लाख रुपये का सामान पानी में खराब हो गया। कई दुकानों में रखा राशन, किराना और कपड़ा भी बर्बाद हो गया।
मंदिर रोड पर श्रद्धालुओं की मुश्किल बढ़ी
भरतकूप मंदिर रोड पर रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों का आवागमन होता है। सड़क पर घुटने तक गंदा पानी भरने से आवागमन प्रभावित है। बाइक सवारों को निकलने में परेशानी हो रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक बच्चे भी स्कूल आने-जाने में परेशान हो रहे हैं।
व्यापारियों में नाराजगी
व्यापारियों का आरोप है कि नालियों की सफाई और पहाड़ से आने वाले पानी की निकासी के लिए कई बार ग्राम पंचायत और अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन स्थायी समाधान नहीं किया गया। जलभराव के बाद भी समय रहते पानी निकासी की व्यवस्था नहीं होने से नाराजगी बढ़ रही है।
पीड़ित व्यापारियों ने प्रशासन से तत्काल जल निकासी कराने, जेसीबी से चोक नालियों की सफाई कराने और नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की है। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो व्यापार मंडल बाजार बंद कर आंदोलन करेगा।