रिश्तों का खून: दादी पर कुल्हाड़ी से किया हमला, फिर रस्सी से कसा गला, दी खौफनाक मौत; मंजर देख सहमे लोग
Hamirpur News: बुजुर्ग महिला की हत्या की घटना कोतवाली क्षेत्र के मवई गांव की है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया। पुलिस मामले की जांच में जुट गई।
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राठ कोतवाली क्षेत्र के मवई गांव में रविवार को पारिवारिक विवाद में युवक ने पारिवारिक दादी पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। बाद में रस्सी से गला कसकर हत्या कर दी। सूचना पर पहुंची पुलिस व फाॅरेंसिक टीम ने जांच पड़ताल कर घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया है।
बहादुर राजपूत ने बताया कि रविवार दोपहर वह घर पर था। इसी दाैरान पारिवारिक भतीजा गजेंद्र वहां आया और गालीगलौज करने लगा। आरोप है कि उसने जान से मारने की नियत से कुल्हाड़ी से उन पर हमला कर दिया। उन्होंने भागकर अपनी जान बचाई। हालांकि हमले में उन्हें चोट भी लगी। बताया कि उस समय मां शोभारानी (85) घर में उनकी अकेली थीं। आरोप है कि गजेंद्र ने उन पर भी कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। बाद में चारपाई की रस्सी से उनका गला कस दिया। कुछ देर बाद जब बहादुर घर लौटे तो मां को मृत अवस्था में पाया। उनका शव चारपाई से टिका था और गले में रस्सी कसी थी।
बहादुर ने बताया कि उनके नाम पर पांच बीघा भूमि है। वह मां के साथ रहते थे। पत्नी भाना तीन बच्चों के साथ राठ में रहतीं हैं। बहन देवकुंवर ससुराल औंड़ेरा गांव में रहतीं हैं। सूचना मिलने पर क्षेत्राधिकारी राजीव प्रताप सिंह व कोतवाल अनूप सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच पड़ताल की। कोतवाल अनूप सिंह ने बताया कि बहादुर के शिकायती पत्र पर प्राथमिकी दर्ज की जा रही है।
मां सुमितरानी ने बताया कि रविवार सुबह से बेटा गजेंद्र असमान्य व्यवहार और उल्टी-सीधी बातें कर रहा था। दोपहर में वह खेत जा रही थीं। तभी बेटा कुल्हाड़ी लेकर उनके पीछे दौड़ा। शोर सुनकर आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें बचा लिया। बताया कि बेटे की कई साल से मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। उसके हाथ-पैरों में बेड़ियां पड़ी थीं। छह माह पहले उसने बेड़ियां तोड़ ली थीं।
ग्रामीणों ने बताया कि गजेंद्र सुबह से ही मानसिक संतुलन खो बैठा था। वह कुल्हाड़ी लिए घूम रहा था और जो सामने दिखता था उसी को दौड़ा लेता था। बताया कि करीब पांच दिन से उसकी यही स्थिति थी। उसकी स्थिति को देखते हुए ग्रामीण सामने जाने से डरते थे। ग्रामीणों का कहना है कि यदि परिजन उसे बांधकर रखते तो इस हत्याकांड को टाला जा सकता था। वृद्ध महिला की जगह और कोई भी होता तो उसकी भी हत्या हो सकती थी।
16 जून की रात अतरौलिया मोहल्ला निवासी शिवराम अहिरवार (62) की मामूली विवाद में उनके बेटे नरेश चौधरी ने लकड़ी के पटिए से पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। पिता-पुत्र के बीच मामूली विवाद हो गया था। 12 जुलाई की रात कोतवाली क्षेत्र के स्यावरी गांव निवासी हरदयाल राजपूत ने अपने बड़े भाई श्यामबिहारी (65) की गड़ासे से काटकर हत्या कर दी थी। बताया जाता है कि भाई को किसी महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देखकर हत्या की थी। वहीं रविवार को मवई गांव में गजेंद्र राजपूत ने अपनी पारिवारिक दादी शोभारानी (85) की कुल्हाड़ी से हमला कर हत्या कर दी।