कानपुर: शहर में लगेंगे 125 सेंसर, प्रदूषण की करेंगे रियल टाइम मॉनिटरिंग, स्मार्ट मोबिलिटी एप भी हो रहा विकसित
Kanpur News: आईआईटी कानपुर की तकनीक से अब शहर में प्रदूषण की रियल-टाइम मॉनिटरिंग होगी। शहर में 125 सेंसर लगाए गए हैं, जो हर एक किलोमीटर के दायरे में प्रदूषण के स्रोत, दिशा और समय की सटीक जानकारी देंगे। इसके अलावा, एक स्मार्ट अर्बन मोबिलिटी सिस्टम एप भी विकसित किया जा रहा है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आईआईटी कानपुर की मदद से अब प्रदूषण की रियल टाइम मॉनिटरिंग हो सकेगी। प्रदूषण बढ़ेगा तो नगर निगम के पास इसकी सूचना पहुंचेगी और इसके कारणों का भी पता चलेगा। यह जानकारी एआई मंथन 2.0 में आए आईआईटी के कोटक स्कूल ऑफ सस्टेनेबिलिटी के डीन प्रो. सच्चिदानंद त्रिपाठी ने दी।
उन्होंने बताया कि नगर निगम क्षेत्र में 125 सेंसर लगाए गए हैं। रिपोर्ट के आधार पर अक्तूबर से विश्लेषण शुरू हो जाएगा। प्रो. त्रिपाठी ने बताया कि एक किलोमीटर के दायरे में प्रदूषण का स्रोत, उसकी दिशा और उसके उत्पन्न होने का समय बताएगा। यह इंटेलिजेंट डिसीजन सपोर्ट सिस्टम से तैयार हुआ है।
स्मार्ट अर्बन मोबिलिटी सिस्टम की भी दी जानकारी
सिस्टम के आधार पर नगर निगम अधिकारियों के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) तैयार किया गया है। प्रारंभिक स्तर पर धूल और कूड़ा या बायोमास जलाने से होने वाले प्रदूषण को प्राथमिकता दी जाएगी। इस तकनीक का विस्तार दिल्ली के तीन शहरों के साथ लखनऊ में किया जाएगा। प्रो. त्रिपाठी ने शहरी मोबिलिटी के क्षेत्र में विकसित किए जा रहे स्मार्ट अर्बन मोबिलिटी सिस्टम की भी जानकारी दी।
ट्रैफिक व ईंधन खपत कम करने में मिलेगी मदद
एप से एक जगह से दूसरी जगह जाने के मेट्रो, बस, बस, ऑटो, टैक्सी और पैदल यात्रा के विकल्पों के साथ उनके लिए लगने वाला समय बताया जाएगा। यात्री एप से टिकट बुक करा सकेंगे। एआई की मदद से जिस मार्ग पर यात्रियों की मांग अधिक होगी, वहां अधिक बसें उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे शहरों में अनावश्यक ट्रैफिक व ईंधन खपत कम करने में मदद मिलेगी