कानपुर के बैंकों में हड़ताल: 5-डे बैंकिंग और पीएलआई का विरोध, सरकारी बैंक बंद तो निजी खुले, ग्राहक परेशान
Kanpur News: कानपुर में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर 5-डे बैंकिंग और PLI के विरोध में बैंक कर्मचारियों ने हड़ताल की, जिससे सरकारी बैंकों में कामकाज ठप रहा। मांगें न पूरी होने पर यूनियनों ने 28-30 सितंबर को फिर हड़ताल और 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन बंदी का ऐलान किया है।
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कानपुर में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर शुक्रवार को बैंक कर्मचारी और अधिकारी हड़ताल पर रहे। शहर की अलग-अलग बैंकों की सैकड़ों शाखाओं के ताले ही नहीं खुले। कर्मचारियों-अधिकारियों ने बैंक शाखाओं के अलावा क्षेत्रीय कार्यालयों के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। कुछ यूनियन हड़ताल में शामिल नहीं हुई। सरकारी बैंकों की शाखाओं में बंदी रही, जबकि निजी बैंकों की शाखाएं खुली रहीं।
पंजाब नेशनल बैंक प्रोग्रेसिव एम्पलाइज एसोसिएशन के चेयरमैन संजय त्रिवेदी कि अगुवाई में माल रोड स्थित कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया गया। संयोजक रजनीश गुप्ता ने कहा कि पांच दिवसीय बैंकिंग का मुद्दा 8 मार्च 2024 में भारतीय बैंक संघ की ओर से स्वीकार किया जा चुका है। इसे सरकार की मंजूरी के लिए भेजा गया था। इसके बावजूद लगभग ढाई वर्षों से इस पर निर्णय नहीं हो पाया है।
दशकों के संघर्ष का परिणाम हैं सेवाएं
सह संयोजक प्रवीण मिश्रा ने कहा कि पीएलआई योजना भेदभावपूर्ण है। ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स के अंकुर मिश्रा, नेशनल कंफेडरेशन ऑफ बैंक इंप्लाइज के जय प्रकाश मिश्रा ने कहा कि बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों को मिलीं सेवा शर्तें किसी सरकार की ओर से उपहार में नहीं दी गई हैं। वेतन, अवकाश, स्थानांतरण सुरक्षा, पदोन्नति प्रक्रिया और अन्य सुविधाएं ट्रेड यूनियनों के दशकों के संघर्ष और द्विपक्षीय वार्ता का परिणाम हैं।
बातचीत के माध्यम से चाहते हैं समाधान
ऑल इंडिया बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन के अंकुर द्विवेदी ने कहा कि बैंक कर्मचारियों ने हर परिस्थिति में देश की अर्थव्यवस्था और बैंकिंग व्यवस्था को मजबूती प्रदान की है। 11 सितंबर के बाद 28, 29 और 30 सितंबर को फिर से हड़ताल की जाएगी। 26 अक्तूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल का कार्यक्रम घोषित किया है। बैंक कर्मचारी और अधिकारी बातचीत के माध्यम से समाधान चाहते हैं, लेकिन एकतरफा और भेदभावपूर्ण नीतियों को स्वीकार नहीं किया जाएगा।