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Kaushambi News: स्वाइन फ्लू की दस्तक के बाद शुरू हुई मरीजों की जांच
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जिले में बीते दिनों स्वाइन फ्लू का पहला मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य महकमा अलर्ट मोड में आ गया है। दारानगर क्षेत्र की एक महिला में स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने के बाद मेडिकल कालेज में आने वाले प्रत्येक मरीज की निगरानी और जांच शुरू कर दी गई है।
बदलते मौसम में मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में वायरल बुखार, खांसी और सर्दी-जुकाम के मरीजों की संख्या भी बढ़ी है। 27 अगस्त को मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में 1517 मरीज पहुंचे थे। ऐसे में सामान्य वायरल और स्वाइन फ्लू के लक्षणों में अंतर कर समय से जांच कराना स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ी चुनौती है।
मेडिकल कॉलेज में छह बेड का आइसोलेशन वार्ड
मेडिकल कालेज के प्राचार्य हरिओम कुमार ने बताया कि चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में किसी मरीज के स्वाइन फ्लू से संक्रमित मिलने की स्थिति में उसे अलग रखकर उपचार देने की तैयारी की गई है। कौशाम्बी में छह बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार किया गया है।
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उन्होंने कहा कि स्वाइन फ्लू को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सावधानी बेहद जरूरी है। सर्दी-जुकाम, तेज बुखार, लगातार खांसी या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण होने पर चिकित्सक से संपर्क करें।
स्वास्थ्य विभाग की नजर इन मरीजों पर
जिले के स्वास्थ्य केंद्रों पर बुखार, खांसी और सांस संबंधी शिकायत लेकर पहुंचने वाले मरीजों पर विशेष नजर रखने के निर्देश हैं। स्वास्थ्य विभाग लोगों से भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सावधानी बरतने, खांसते-छींकते समय मुंह ढकने और हाथों की स्वच्छता का ध्यान रखने की अपील कर रहा है।
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बदलते मौसम में मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में वायरल बुखार, खांसी और सर्दी-जुकाम के मरीजों की संख्या भी बढ़ी है। 27 अगस्त को मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में 1517 मरीज पहुंचे थे। ऐसे में सामान्य वायरल और स्वाइन फ्लू के लक्षणों में अंतर कर समय से जांच कराना स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ी चुनौती है।
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मेडिकल कॉलेज में छह बेड का आइसोलेशन वार्ड
मेडिकल कालेज के प्राचार्य हरिओम कुमार ने बताया कि चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में किसी मरीज के स्वाइन फ्लू से संक्रमित मिलने की स्थिति में उसे अलग रखकर उपचार देने की तैयारी की गई है। कौशाम्बी में छह बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार किया गया है।
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उन्होंने कहा कि स्वाइन फ्लू को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सावधानी बेहद जरूरी है। सर्दी-जुकाम, तेज बुखार, लगातार खांसी या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण होने पर चिकित्सक से संपर्क करें।
स्वास्थ्य विभाग की नजर इन मरीजों पर
जिले के स्वास्थ्य केंद्रों पर बुखार, खांसी और सांस संबंधी शिकायत लेकर पहुंचने वाले मरीजों पर विशेष नजर रखने के निर्देश हैं। स्वास्थ्य विभाग लोगों से भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सावधानी बरतने, खांसते-छींकते समय मुंह ढकने और हाथों की स्वच्छता का ध्यान रखने की अपील कर रहा है।