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Kushinagar News: मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस छात्रा से रैगिंग का आरोप, तीन दिन बाद भी जांच बेनतीजा
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पीड़ित छात्रा समेत अन्य कोई छात्रा सामने नहीं आई, कॉलेज प्रशासन की जांच रफ्तार सुस्त
तीन सदस्यीय जांच टीम तह तक नहीं पहुंच पाई, अवकाश के कारण रिपोर्ट सौंपने का समय बढ़ा
कुशीनगर। मेडिकल कॉलेज के हरका एकेडमिक ब्लॉक में एमबीबीएस प्रथम वर्ष की छात्रा के साथ रैगिंग के आरोपों की जांच अब तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। घटना सामने आने के तीन दिन बाद भी पीड़ित छात्रा या किसी अन्य छात्रा का बयान दर्ज नहीं हुआ है। अवकाश के कारण जांच रिपोर्ट सौंपने की समय सीमा बढ़ा दी गई है।
गौरतलब है कि बीते रविवार को प्रथम वर्ष की छात्रा की तरफ से अपने भाई को जानकारी दिए जाने और भाई के जरिए पुलिस को सूचना मिलने के बाद यह मामला आया था। इसके बाद कॉलेज प्रशासन ने दो महिला सदस्यों समेत तीन सदस्यीय आंतरिक जांच कमेटी गठित कर तीन दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए थे। लेकिन समयावधि पूरी होने के बावजूद जांच टीम मामले की सत्यता को सामने लाने में असफल दिखाई दे रही है।
सूत्रों का कहना है कि बीच में अवकाश होने के चलते जांच की प्रक्रिया प्रभावित हुई और इसलिए रिपोर्ट सौंपने की समय सीमा बढ़ा दी गई है। वहीं, पुलिस भी लिखित तहरीर और आधिकारिक शिकायत का इंतजार कर रही है।
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कोट
कॉलेज प्रशासन की ओर से आंतरिक जांच कमेटी बनाई गई है, जो सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। बीच में अवकाश पड़ने के कारण रिपोर्ट आने में थोड़ा समय लग रहा है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही सही जानकारी मिल सकेगी।
- डॉ. केपी गौड़, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज कुशीनगर
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तीन सदस्यीय जांच टीम तह तक नहीं पहुंच पाई, अवकाश के कारण रिपोर्ट सौंपने का समय बढ़ा
कुशीनगर। मेडिकल कॉलेज के हरका एकेडमिक ब्लॉक में एमबीबीएस प्रथम वर्ष की छात्रा के साथ रैगिंग के आरोपों की जांच अब तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। घटना सामने आने के तीन दिन बाद भी पीड़ित छात्रा या किसी अन्य छात्रा का बयान दर्ज नहीं हुआ है। अवकाश के कारण जांच रिपोर्ट सौंपने की समय सीमा बढ़ा दी गई है।
गौरतलब है कि बीते रविवार को प्रथम वर्ष की छात्रा की तरफ से अपने भाई को जानकारी दिए जाने और भाई के जरिए पुलिस को सूचना मिलने के बाद यह मामला आया था। इसके बाद कॉलेज प्रशासन ने दो महिला सदस्यों समेत तीन सदस्यीय आंतरिक जांच कमेटी गठित कर तीन दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए थे। लेकिन समयावधि पूरी होने के बावजूद जांच टीम मामले की सत्यता को सामने लाने में असफल दिखाई दे रही है।
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सूत्रों का कहना है कि बीच में अवकाश होने के चलते जांच की प्रक्रिया प्रभावित हुई और इसलिए रिपोर्ट सौंपने की समय सीमा बढ़ा दी गई है। वहीं, पुलिस भी लिखित तहरीर और आधिकारिक शिकायत का इंतजार कर रही है।
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कॉलेज प्रशासन की ओर से आंतरिक जांच कमेटी बनाई गई है, जो सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। बीच में अवकाश पड़ने के कारण रिपोर्ट आने में थोड़ा समय लग रहा है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही सही जानकारी मिल सकेगी।
- डॉ. केपी गौड़, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज कुशीनगर